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अमिश देवगन की नेटवर्क 18 से विदाई, टाइम्स नाउ में जाने की अटकलें
एंकर और पत्रकार अमिश देवगन ने नेटवर्क 18 से अलग होने का ऐलान किया है. उन्होंने गुरुवार को न्यूज़ 18 इंडिया के प्राइम-टाइम शो आर-पार में इसकी घोषणा की. अमिश ने शो के दौरान कहा, “आज मैं आपसे व्यक्तिगत तौर पर बात करना चाहता हूं… दर्शक के तौर पर आपके प्यार और सम्मान के बिना मैं यहां तक नहीं पहुंच पाता. आज नेटवर्क 18, टीवी18 और न्यूज़18 में मेरा आखिरी दिन है. अब आप मुझे आर-पार को एंकर करते हुए नहीं देखेंगे.”
अमिश ने कहा कि इन 10 सालों में आर-पार सिर्फ उनका शो नहीं रहा, बल्कि “देश की आवाज” बन गया. उन्होंने कहा, “न्यूज़ 18 इंडिया में मेरी पारी आज खत्म हो गई है, लेकिन मेरी पत्रकारिता की यात्रा जारी रहेगी. नए प्लेटफॉर्म और नए अंदाज में मैं आपसे जल्द मिलूंगा.”
अमिश न्यूज़ 18 के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान चैनलों के मैनेजिंग एडिटर रह चुके हैं. वह आर-पार कार्यक्रम के चेहरे के तौर पर खास तौर पर पहचाने जाते हैं. यह डिबेट शो उन्हें टीवी न्यूज़ के ध्रुवीकृत बहस वाले कार्यक्रमों के चर्चित चेहरों में ले आया.
अमिश के नेटवर्क 18 छोड़ने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. हालांकि, ऐसी अटकलें हैं कि वह टाइम्स नाऊ नवभारत से जुड़ सकते हैं. इन अटकलों को ज्यादा बल तब मिला जब नेटवर्क में मैनेजिंग एडिटर शमशेर सिंह ने उनके वीडियो को कोट करते हुए लिखा- 'बधाई. जल्द मिलते हैं.'
न्यूज़लॉन्ड्री ने जब अमिश से उनके नेटवर्क 18 से बाहर होने और इस चर्चा के बारे में प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
नेटवर्क 18 में अमिश का कार्यकाल कई विवादों से भी जुड़ा रहा है.
2020 में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को लेकर ऑन-एयर की गई उनकी टिप्पणी पर उनके खिलाफ कई पुलिस शिकायतें दर्ज हुई थीं. इसके बाद अमिश ने माफी मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी थी, हालांकि मामलों की कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी थी.
2024 में कांग्रेस ने राम मंदिर पर अमिश के एक ‘मोनोलॉग’ को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा था.
वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं है. इसमें एक ऐसे भारत की तस्वीर है- जहां खेत हैं, नदियां हैं, हरियाली है और एक मातृभूमि का सपना है. लेकिन आज जब हम उसी भारत के बीच खड़े होकर देखते हैं, तो सवाल उठता है- क्या वह तस्वीर अब भी वैसी ही है? हमारा नया प्रोजेक्ट इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश है. हम उन जगहों तक जा रहे हैं, जिनका ज़िक्र ‘वंदे मातरम्’ में है, और देख रहे हैं कि वक्त के साथ वहां का भारत कितना बदला है. यह एक गीत को समझने से ज्यादा, उस देश को समझने की कोशिश है जिसे हम अपना घर कहते हैं.
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