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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर भड़काऊ कवरेज, ज़ी न्यूज़ पर 2 लाख रुपये का जुर्माना
न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) ने प्रसारण आचार संहिता का उल्लंघन करने पर ज़ी न्यूज़ पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. मामला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान फिलिस्तीन के समर्थन में लगाए गए नारों की कवरेज से जुड़ा है.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, एनबीडीएसए ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में पीएचडी शोधार्थी तल्हा मन्नान की शिकायत पर बीते 11 सितंबर को ये आदेश पारित किया.
मन्नान ने बीते 16 अगस्त, 2025 को प्रसारित कार्यक्रमों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इनमें “देशहित: एएमयू में ‘फिलिस्तीन प्रेमी गैंग’.. ‘योगी स्टाइल’ में होगा इलाज!” और “डीएनए: फीस माफी वाले आंदोलन में फिलिस्तीन जिंदाबाद कहां से आ गया? अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी” आदि कार्यक्रम शामिल थे.
मन्नान ने 12 अगस्त, 2025 को फीस बढ़ोतरी के विरोध और छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शन में लगभग 18 मिनट का भाषण दिया था.
उन्होंने आरोप लगाया कि चैनल ने नारों के फुटेज को चुनिंदा तरीके से प्रसारित किया ताकि फिलिस्तीन के साथ एकजुटता की कानूनी अभिव्यक्ति को आपराधिक या राष्ट्रविरोधी गतिविधि के रूप में पेश किया जा सके.
एनबीडीएसए ने कहा कि ज़ी न्यूज़ ने प्रदर्शन के मुख्य उद्देश्य को अपनी कवरेज में शामिल नहीं किया था. प्राधिकरण ने “एएमयू में फिलिस्तीन प्रेमी गैंग” और “योगी स्टाइल में होगा इलाज” जैसे भड़काऊ टिकरों का भी संज्ञान लिया.
इसके बाद एनबीडीएसए ने ज़ी न्यूज़ को अपनी वेबसाइट, यूट्यूब और अन्य चैनल प्लेटफॉर्म से विवादित फुटेज हटाने का निर्देश दिया. इसमें उन हाइपरलिंक्स को हटाना भी शामिल है, जिनके जरिए इन प्रसारणों तक पहुंच बनाई जा सकती है.
यह रिपोर्ट लिखे जाने तक यह फुटेज ज़ी न्यूज़ के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध था.
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