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उत्तराखंड: एसआईआर में मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के लिए थोक में आवेदन
उत्तराखंड में चुनाव आयोग की ओर से जारी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानि एसआईआर को लेकर न्यूज़लॉन्ड्री की जांच में एक ऐसा पैटर्न सामने आया है, जो बेहद चिंताजनक है. यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आवेदन किए गए. इन आवेदनों में नाम देने वाले कई लोग बीजेपी से जुड़े हुए हैं.
न्यूज़लॉन्ड्री की पड़ताल में ऐसे मामलों के सामने आने के बाद सवाल उठे कि क्या नियमों का पालन किए बिना बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल की गईं? और अगर ऐसा हुआ तो चुनाव आयोग ने क्या कार्रवाई की?
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. जिन लोगों के नाम पर ये आपत्तियां दाखिल की गई थीं, उनमें से कुछ ने बाद में हलफनामा देकर कहा कि उन्होंने ऐसी कोई आपत्ति दाखिल ही नहीं की थी. उनका आरोप था कि उनके नाम, एपिक नंबर और हस्ताक्षर का फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया. इन शिकायतों के बाद भी क्या चुनाव आयोग ने कोई एफआईआर या आपराधिक कार्रवाई कराई? आखिर उत्तराखंड में एसआईआर की आड़ में क्या चल रहा है? मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के इन आवेदनों के पीछे कौन है? और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
देखिए न्यूज़लॉन्ड्री की यह पड़ताल.
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