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एनएल चर्चा 439: दिल्ली मतदाता सूची में भारी कटौती, 7.8% जीडीपी की हकीकत और सुभाष चंद्रा की क़र्ज़माफ़ी
एनएल चर्चा के इस अंक में चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली की मतदाता सूची (SIR) से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने, भारत की पहली तिमाही की जीडीपी दर में दर्ज हुई बढ़त और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर विवाद, दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पलेट गन के इस्तेमाल पर सीआरपीएफ द्वारा आरटीआई में जानकारी देने से इनकार करने, ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान के क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 में पायलट के रूप में शामिल होने, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से लगातार बढ़ते मौत के आंकड़े और उससे बिहार में बने हालात, यूएनईपी द्वारा वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ने की चेतावनी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के बाद उठे राजनीतिक विवाद, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के प्रवासियों पर दिए विवादित बयान, सुभाष चंद्र के दिवाला मामले और शंघाई सहयोग संगठन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आतंकवाद पर दिए कड़े बयान जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान निकोर एसोसिएट्स की संस्थापक और जानी-मानी अर्थशास्त्री मिताली निकोर शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, आनंद वर्धन और बसंत कुमार ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “जीडीपी को लेकर जो बहस देश में शुरू हुई, प्रधानमंत्री ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने देश की बढ़ती, मजबूत होती अर्थव्यवस्था का जिक्र किया और पहली तिमाही में जो यह 7.8% जीडीपी की ग्रोथ रेट दर्ज की गई है, इसको उन्होंने एक अच्छे और एक बहुत ही सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के तौर पर दिखाया वहीं पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने इस पूरे आंकड़े से अपनी असहमति जताई और उन्होंने आंकड़ों को निकालने की जो प्रक्रिया है, उस पर कई तरह के सवाल उठाए कि कैलकुलेशन का तरीका गलत है और उसकी वजह से यह नंबर गलत है.”
इस विषय पर मिताली कहती हैं, “यह नॉमिनल नंबर्स जो दो डिफरेंट बेस इयर्स के हैं, हम उनको एक दूसरे से कंपेयर नहीं कर सकते, तो 2.6% का तो कोई बेसिस ही नहीं है, वह कैलकुलेशन गलत है. जनवरी में जो लास्ट रिलायबल कैलकुलेशन इन्फ्लेशन का था, वह 2.5% आया था. मेरे हिसाब से इसका लॉजिक यह होगा कि फर्स्ट क्वार्टर के लिए उन्होंने जनवरी का नंबर अज़्यूम कर लिया क्योंकि उनके पास शायद फ़रवरी और मार्च का डेटा उस टाइम तक नहीं आया होगा.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
5:23 - सुर्खियां
09:30 - नेपाल आपदा
16:15 - जीडीपी की हकीकत
54:50 - दिल्ली मतदाता सूची से कटे लाखों नाम
01:20:03 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:38:50 - सुभाष चंद्रा केस
01:59:40 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
मिताली निकोर
सीरीज - टेड लासो
फिल्म - बबीता सिंह रिपोर्टिंग
हृदयेश जोशी
रिपोर्ट - नाबालिग़ अंडरवर्ल्ड
किताब - प्राइस ऑफ़ इनक्वॉलिटी
लेख - ऑन कास्ट सेंसस, अ कॉन्फ्लिक्ट विदिन द गवर्नमेंट, अ नोट रिवाइज्ड
बसंत कुमार
रिपोर्ट - मेवात के सरकारी स्कूल: जर्जर भवन, बदहाल टॉयलेट और चटाई पर पढ़ाई
रिपोर्ट - पुलिस कैम स्पॉटेड टीन मर्डर एक्यूज्ड एट सीजीपी प्रोटेस्ट। देयर इज अ जेल ट्विस्ट
आनंद वर्धन
किताब - क्राइम एंड पनिशमेंट
अतुल चौरसिया
डॉक्यूमेंट्री - जनरेशन 9/11
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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