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एसआईआर का पहला ड्राफ्ट, 40% का पत्ता साफ: तुगलकाबाद, ओखला, आरके पुरम, जंगपुरा और बदरपुर सर्वाधिक प्रभावित
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) जारी कर दिया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 करोड़ 45 लाख 10 हजार 299 मतदाताओं में से 97 लाख 53 हजार 577 ने अपना गणना पत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) जमा किया है, जबकि करीब 47 लाख 56 हजार 722 मतदाता फिलहाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हैं यानी करीब हर तीन में से एक मतदाता इस ड्राफ्ट सूची में नहीं है.
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर एक लाख से ज्यादा नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं. संख्या के लिहाज से सबसे ज्यादा नाम बुराड़ी, ओखला, बदरपुर, विकासपुरी, मटियाला, रिठाला और करावल नगर में ड्राफ्ट रोल से बाहर हुए हैं.
अगर इन आंकड़ों को 2025 के विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के अनुपात में देखें तो पांच विधानसभा सीटों, तुगलकाबाद, ओखला, आरके पुरम, जंगपुरा और बदरपुर में 40% से ज्यादा मतदाता ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं. इनमें से तीन सीटें 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और दो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीती थीं.
तुगलकाबाद में सबसे ज्यादा 44.9% मतदाता ड्राफ्ट रोल से बाहर हैं. 2025 के चुनाव में यहां 2 लाख 04 हजार 867 मतदाता थे. जिनमें से 92 हजार से ज्यादा के नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं यानी करीब हर दो में से एक मतदाता.
गौरतलब है कि ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं. अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी. इससे पहले 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं, जबकि 29 अक्टूबर तक नोटिस की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
अब इन सीटों और ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट’ (एएसडीडी) सूची के आंकड़ों को दो तरीकों से देखते हैं. पहला, 2025 में डाले गए वोटों (नोटा को छोड़कर) के मुकाबले और दूसरा 2025 की मतदाता सूची के मुकाबले.
बुराड़ी
बुराड़ी में पिछले साल के विधानसभा चुनाव में कुल 2 लाख 52 हजार 189 वोट पड़े थे. इस सीट पर 1 लाख 67 हजार 885 नाम ड्राफ्ट से बाहर हैं. यह संख्या पिछले साल पड़े कुल वोटों का 66.6% है. बुराड़ी 2013 से आम आदमी पार्टी (‘'आप'’) का गढ़ माना जाता है. पिछले साल सजीव झा ने यहां 20 हजार 601 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी.
2025 की मतदाता सूची में बुराड़ी में कुल 4 लाख 26 हजार 451 मतदाता थे. इसकी तुलना में ड्राफ्ट रोल से बाहर मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं का 39.4% है.
ओखला
2025 के विधानसभा चुनाव में ओखला में कुल 2 लाख 08 हजार 918 वोट पड़े थे, जबकि एएसडीडी सूची के मुताबिक 1 लाख 63 हजार 829 नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर हैं. यह पिछले साल पड़े कुल वोटों का 78.4% है.
‘'आप'’ के अमानतुल्लाह खान 2015 से लगातार यह सीट जीत रहे हैं. 2025 में उन्होंने 23 हजार 639 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. भाजपा के मनीष चौधरी 65,304 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. 2025 की मतदाता सूची में ओखला में कुल 3 लाख 80 हजार 354 मतदाता थे. इसके मुकाबले ड्राफ्ट रोल से बाहर मतदाताओं की संख्या 43% है.
बताते चलें कि ओखला में करीब 40 फीसदी मुस्लिम आबादी है.
बदरपुर
बदरपुर में 1 लाख 46 हजार 673 नाम ड्राफ्ट से बाहर हैं. इसकी तुलना पिछले साल पड़े कुल 2 लाख 07 हजार 180 वोटों से करें तो यह संख्या 70.8% बैठती है.
2025 में यहां कुल 3 लाख 64 हजार 900 मतदाता थे. इसके मुकाबले ड्राफ्ट रोल से बाहर मतदाताओं की संख्या 40.19% है यानी हर 10 में से करीब चार मतदाता ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं.
2013 के बाद से बदरपुर में भाजपा और ‘'आप'’ के बीच सीट बदलती रही है. 2025 में 'आप' ने यह सीट जीती थी.
विकासपुरी
पश्चिमी दिल्ली जिले की विकासपुरी विधानसभा सीट पर 1 लाख 46 हजार से ज्यादा मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं. 2025 के चुनाव में भाजपा के पहली बार विधायक बने और दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने 'आप' के महिंदर यादव को 12 हजार 876 वोटों के अंतर से हराया था.
2025 के चुनाव में विकासपुरी में 2 लाख 72 हजार 188 वोट पड़े थे. ड्राफ्ट सूची में 1 लाख 46 हजार 225 मतदाता नहीं हैं. यह 2025 में पड़े कुल वोटों का 53.7% है यानी पिछले विधानसभा चुनाव में हर 100 वोट पड़ने पर अब ड्राफ्ट रोल में 54 मतदाता नहीं हैं.
विकासपुरी में अलग-अलग समाज और इलाकों के मतदाता रहते हैं. यहां अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 13.8% हैं. इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से आए पूर्वांचली मतदाताओं की बड़ी आबादी है. सीट पर जाट और पंजाबी समुदायों की भी अच्छी मौजूदगी है.
रिठाला
रिठाला में 1 लाख 06 हजार 512 नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं. पिछले साल के चुनाव में यहां कुल 1 लाख 85 हजार 929 वोट पड़े थे. यानी बाहर हुए नामों की संख्या कुल वोटों का 57.29% है. 2025 की कुल मतदाता संख्या के मुकाबले ये नाम 33.05% हैं.
करावल नगर
2025 में दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा जीती गई करावल नगर सीट पर कुल 1 लाख 167 नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं. यह पिछले साल पड़े 2 लाख 375 वोटों का 49.99% है. इस तरह करीब आधे वोटों के बराबर मतदाता ड्राफ्ट रोल से बाहर हैं. कुल 3 लाख 11 हजार 465 मतदाताओं के मुकाबले ये नाम 32.2% हैं.
आरके पुरम
आरके पुरम में 57 हजार 735 नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं जबकि 2025 की मतदाता सूची में कुल 1 लाख 41 हजार 016 मतदाता थे. यानी बाहर हुए नामों की संख्या 40.9% है. 2025 के चुनाव में यहां 75 हजार 954 वोट पड़े थे. इसके मुकाबले ड्राफ्ट रोल से बाहर मतदाताओं की संख्या करीब 76% है.
जंगपुरा
जंगपुरा 'आप' के गठन के बाद से पार्टी का गढ़ रहा है. 2013 से 2020 तक हर चुनाव में 'आप' ने यह सीट जीती. लेकिन 2025 में पार्टी ने वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मैदान में उतारा. वह भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह से महज 675 वोटों के अंतर से हार गए.
एसआईआर में 60 हजार 326 मतदाता ड्राफ्ट रोल से बाहर हैं, जो 2025 की कुल मतदाता संख्या का 40.7% है. यानी हर पांच में से करीब दो मतदाता ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं.
ड्राफ्ट सूची से बाहर मतदाताओं की संख्या 2025 में विजेता को मिले 38 हजार 859 वोटों से डेढ़ गुना से भी ज्यादा है.
2025 में जंगपुरा में कुल 85 हजार 070 वोट पड़े थे. इसके मुकाबले ड्राफ्ट रोल से बाहर मतदाताओं की संख्या 70.9% है.
जंगपुरा में अलग-अलग समाज के मतदाता रहते हैं. यहां मुस्लिम मतदाता 16.3%, अनुसूचित जाति के मतदाता 17.7% और सिख मतदाता 11.2% हैं. 2025 में भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह ने सिसोदिया को 675 वोटों से हराया था.
मटियाला
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले की मटियाला विधानसभा सीट एसआईआर के ड्राफ्ट रोल से सबसे ज्यादा मतदाताओं के बाहर होने के मामले में छठे स्थान पर है. ड्राफ्ट के मुताबिक, 1 लाख 05 हजार 645 मतदाता ड्राफ्ट रोल से बाहर हैं. ये नाम दिल्ली चुनाव आयोग कार्यालय द्वारा एसआईआर ड्राफ्ट के साथ जारी की गई एएसडीडी सूची का हिस्सा हैं.
2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यह सीट 'आप' से छीन ली थी. भाजपा की जीत का अंतर 28,723 वोट था. ड्राफ्ट सूची से बाहर मतदाताओं की संख्या इस जीत के अंतर से करीब 3.7 गुना है.
नई मतदाता प्रारूप सूची के बाद यहां 3 लाख 33 हजार 057 मतदाता हैं, जो संशोधित सूची में किसी भी विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा मतदाता हैं.
ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों की संख्या की तुलना 2025 में पड़े वोटों से केवल संख्या के स्तर पर की गई है. इसका यह अर्थ नहीं है कि हटाए गए नामों में वही लोग शामिल थे जिन्होंने 2025 में वोट डाला था.
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