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अमेरिकी राजदूत सर्जियो बोले: भारतीय चैनलों पर रात गहराने के साथ-साथ शोर बढ़ता जाता है
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने भारतीय टेलीविजन समाचार चैनलों के प्राइम-टाइम कार्यक्रमों को लेकर दिलचस्प टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि उन्हें घर लौटकर भारतीय टीवी न्यूज देखना पसंद है और जैसे-जैसे रात गहराती है, इन कार्यक्रमों का शोर और बढ़ जाता है.
नई दिल्ली में आयोजित इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में कई मुद्दों पर बोलते हुए गोर ने कहा, “मुझे घर जाकर भारतीय टीवी न्यूज शो देखना पसंद है. जितनी रात होती जाती है, शो उतने ही पागलपन भरे होते जाते हैं.”
उन्होंने कहा, “शाम छह बजे एक शो में आठ लोग बहस कर रहे होते हैं. रात 10 बजे 12 लोग एक साथ बोल रहे होते हैं. आप उनमें से किसी की बात सुन नहीं सकते... यह अविश्वसनीय है कि कोई किसी को बीच में रोकता ही नहीं.”
अमेरिकी केबल न्यूज चैनलों पर भी तीखी बहस और ऊंची आवाज में बातचीत आम है, लेकिन गोर की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि भारतीय प्राइम-टाइम बहसों में एक साथ बोलने की शैली उन्हें अलग स्तर की लगती है.
गोर ने इसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात से जुड़ा एक अहम दावा भी किया. उनके मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्रालय ने बैठक से पहले मीडिया को केवल दोनों नेताओं की शुरुआती टिप्पणियां रिकॉर्ड करने देने और सवाल-जवाब नहीं कराने का अनुरोध किया था.
यह मुलाकात 17 जून को फ्रांस के पूर्वी हिस्से में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी. यह बैठक ऐसे समय हुई जब इससे कुछ ही समय पहले होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में एक वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी. गोर के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के साथ बातचीत के दौरान इस मुद्दे को भी उठाया था.
गोर ने बताया कि बैठक से पहले ट्रंप ने उनसे पूछा था कि भारतीय पक्ष किन मुद्दों को उठाने वाला है और क्या उसकी कोई मांग है. गोर के अनुसार, विदेश मंत्रालय की ओर से एक अनुरोध था कि मीडिया को बैठक में आने दिया जाए, लेकिन पूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस न हो.
गोर ने कहा कि उन्होंने ट्रंप से कहा था, “भारतीय पक्ष सवाल नहीं चाहता.” उनके मुताबिक ट्रंप ने जवाब दिया, “ठीक है, कोई समस्या नहीं.”
इसके बाद बैठक शुरू हुई. गोर के अनुसार, करीब 50 कैमरे मौजूद थे और दोनों नेताओं ने कुछ मिनट तक अपनी शुरुआती टिप्पणियां कीं. लेकिन इसके बाद ट्रंप ने वहां मौजूद पत्रकारों से पूछा, “कोई सवाल?”
गोर के मुताबिक, इसके बाद बैठक करीब 45 मिनट तक चलने वाले सवाल-जवाब सत्र में बदल गई. भारतीय सरकार ने अभी तक सवाल-जवाब नहीं कराने के अनुरोध को लेकर गोर के इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
हालांकि, गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख जताया. उन्होंने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन नई दिल्ली के साथ उच्चस्तरीय संपर्क को और बढ़ाने पर जोर दे रहा है.
गोर ने यह भी कहा कि ट्रंप को अपने चार साल के कार्यकाल से बाहर रहने के दौरान मोदी से मिले समर्थन की याद है. उन्होंने भविष्य के चंद्र अभियानों, विमानन, सैन्य सहयोग, फार्मास्यूटिकल्स और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का भी जिक्र किया.
क्वाड को “बेहद महत्वपूर्ण” बताते हुए गोर ने कहा कि इस साल इसके मंत्रीस्तरीय स्तर के पांच बैठकें होने की संभावना है, जबकि पिछले साल ऐसी कोई बैठक नहीं हुई थी.
गोर हाल में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर भी गए थे. इससे पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर को, जिस पर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद रहा है और दोनों देशों के बीच कई युद्ध भी हो चुके हैं, “भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया था. उनकी इस टिप्पणी के बाद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच कूटनीतिक तनाव फिर चर्चा में आ गया था.
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