NL Charcha
एनएल चर्चा 434: CJP प्रदर्शन के बाद छात्रों पर पुलिस का शिकंजा, मीडिया का नैतिकता पाठ और असम में बाढ़
एनएल चर्चा के इस अंक में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और असम में बाढ़ से मची तबाही पर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा असम में विनाशकारी बाढ़ से 78 लोगों की मौत, ओडिशा में भारी बारिश से 1.25 लाख लोग संकट में, सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल पर केंद्र को नोटिस जारी कर आरएएफ के गोला-बारूद के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का दिया निर्देश, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिली, बिहार सरकार ने नीट पेपर लीक प्रदर्शनकारियों पर दर्ज 64 एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जबकि सीवान के 21 मामलों को बरकरार रखा गया, दिल्ली पुलिस ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज कर 'X' से जानकारी मांगी, राज्यसभा में वंदे मातरम के अपमान को अपराध बनाने वाला विधेयक पारित, युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बाद संसद में Gen-Z भाषा के शब्दों की गूँज देखने को मिली, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई, अयोध्या राम मंदिर चंदे में गबन की जाँच के लिए यूपी सरकार ने तीन आईपीएस अधिकारियों की नई एसआईटी गठित की, बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इथेनॉल से जुड़ी डीपफेक पोस्ट्स को लेकर मेटा, गूगल और 'X' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुमति दी, सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए के तहत 12 साल से जेल में बंद दो आरोपियों को ज़मानत दे दी, और मीराबाई चानू ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से इस बातचीत में प्रमुख संपादक रमन किरपाल और सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “पहली बार यह बात निकल कर आई है कि आरएएफ ने इस प्रदर्शन में पेलेट गन का इस्तेमाल किया, हालांकि यह सवाल बाक़ी है कि किन परिस्थितियों में पेलेट गन का इस्तेमाल किया जा सकता है वहीं सिवान में एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों पर एके-47 चलाता हुआ नज़र आया.”
इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, “पेलेट गन का इस्तेमाल पहले तो यह मानने को तैयार नहीं थे फिर इतने साक्ष्यों के बाद दिल्ली पुलिस को स्वीकार करना पड़ा. इसका इस्तेमाल सबसे पहले कश्मीर में शुरू हुआ जो कि एक डिस्टर्ब एरिया है, जहां पर अफ्स्पा लगा हुआ है वहां पर पेलेट गन चलाना और देश की राजधानी के केंद्र में पेलेट गन चलाना दोनों में बहुत फ़र्क़ है.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
3:55 - सुर्खियां
25:05 - CJP प्रदर्शन समाप्त अब आगे क्या?
01:06:00 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
1:18:25 - असम में बाढ़ से मची तबाही
01:43:20 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
फिल्म - स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे
न्यूज़लॉन्ड्री सेना प्रोजेक्ट - डिज़ास्ट्रस कॉन्सीक्वेनसेज़
लेख - कलचरल बारबेरिज़्म: हाउ एआई कंपनीज़ आर डिस्ट्रॉयिंग द वर्ल्ड्स बुक्स
किताब - चद्रशेखर आज़ाद विवेकशील क्रांतिकारी
रमन किरपाल
फिल्म - द ओडिसी (2026)
लेख - स्टूडेंट्स जंतर-मंतर प्रोटेस्ट इज़ ओवर बट लेसन्स नॉट लर्न्ड
हृदयेश जोशी
हरिशंकर परसाई का व्यंग्य - अश्लील
अतुल चौरसिया
डॉक्यूमेंट्री - बिग चिकेन
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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