Khabar Baazi
संसद मार्च से पहले ‘आप’ पार्षद आशु ठाकुर हिरासत में, दिल्ली पुलिस ने सीआर पार्क ऑफिस से उठाया
संसद मार्च से कुछ घंटे पहले आम आदमी पार्टी (आप) की पार्षद आशु ठाकुर को सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस ने उनके सीआर पार्क स्थित कार्यालय से हिरासत में ले लिया. इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में शामिल होने की अपील की थी.
रविवार रात अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में आशु ठाकुर ने कहा था कि वह प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के आने-जाने की व्यवस्था करेंगी. उन्होंने कहा, "आपको ले जाने और वापस लाने की ज़िम्मेदारी मेरी होगी."
पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा था, "कल सुबह 8 बजे हम सभी नागरिक पार्षद कार्यालय से एकजुट होकर जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च करेंगे. आइए, अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक कदम साथ बढ़ाएं."
सोमवार सुबह न्यूज़लॉन्ड्री ने मौके पर देखा कि कई महिला पुलिसकर्मियों सहित दिल्ली पुलिस की एक टीम आशु ठाकुर के कार्यालय पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई. हिरासत के दौरान आशु ठाकुर ने पुलिस से आदेश की प्रति दिखाने की मांग की और कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "आपको लोगों को जंतर-मंतर नहीं जाने देना चाहिए था. मुझे रोकने से क्या होगा? क्या मुझे रोक देने से भीड़ कम हो जाएगी?"
आशु ठाकुर का दावा है कि सोमवार तड़के सुबह चार बजे से ही पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर तैनात थे ताकि वह संसद मार्च में शामिल न हो सकें. उनके अनुसार, रविवार रात एक पुलिसकर्मी सामान्य पूछताछ के लिए आया था लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह यह स्थिति उनकी नजरबंदी जैसी हो जाएगी. पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके घर के पास स्थित कार्यालय पर स्थानीय लोगों की एक छोटी-सी भीड़ भी जमा हो गई. हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मीडिया से बात करने से इनकार किया.
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएश) की धारा 163 के तहत नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू कर रखी है. इसके तहत बड़े सार्वजनिक जमावड़े, रैली और जुलूस पर रोक है.
रविवार रात जारी बयान में दिल्ली पुलिस ने कहा था, "इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है."
पुलिस के अनुसार, धारा 163 के आदेश के तहत नई दिल्ली जिले में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, प्रदर्शन, जुलूस या मार्च पर रोक है. केवल जंतर-मंतर पर, वह भी पूर्व अनुमति मिलने की स्थिति में ही प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है.
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने यह संसद मार्च नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया था.
संसद मार्च, जंतर-मंतर प्रदर्शन और सोनम वांगचुक के अनशन से जुड़ी अपडेट्स लगातार पाने के लिए न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब कीजिए.
Also Read
-
‘Found out after video went viral’: Father of Jamui assault survivor says ‘arrest is not enough’
-
Did Delhi do as told on Modi’s birthday? | Vibe Check with Abhinandan Sekhri
-
From vanguard to bystanders: What happened to teachers’ collective voice?
-
BAPS: The Hindu organisation at the heart of Modi’s cultural diplomacy
-
The men building AI want us to fear it. We should – but not for the reasons they give