NL Charcha
एनएल चर्चा 432:लाडकी बहिन योजना से हटे 92 लाख नाम और E20 ईंधन विवाद में कंटेंट क्रिएटर्स पर FIR
एनएल चर्चा के इस अंक में महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना से 92 लाख से अधिक महिलाओं के नाम हटाए जाने के बाद राज्य में उपजे राजनीतिक विवाद और ईंधन नीति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे विवाद के बीच नागपुर पुलिस द्वारा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कथित मानहानि के मामले में कंटेंट क्रिएटर्स पर दर्ज किए गए केस को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन हिरासत में लिया, सर्वोच्च न्यायालय ने मौखिक टिप्पणी की है कि सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को कक्षा 9 के बजाय आदर्श रूप से कक्षा 6 से लागू किया जाना चाहिए, दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच लोगों को दोषी करार दिया, मणिपुर के सेनापति जिले में सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान शुरू किए जाने के बाद एक उग्र भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप को निशाना बनाते हुए पथराव और आगजनी की, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारतीय पासपोर्ट मूल रूप से नागरिकों के भारत से प्रस्थान को विनियमित करने का एक कानूनी दस्तावेज है, सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम के भीतर कागजात फेंकने और सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने एक लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद अभिनेत्री से नेता बनीं कोएल मल्लिक ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया, उत्तर प्रदेश के रामपुर विकास प्राधिकरण ने सपा नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 अवैध इमारतों को गिराने के आदेश दिए, कर्नाटक की एक अदालत में एसआईटी ने चर्चित धर्मस्थल सामूहिक दफन मामले की जांच से जुड़ी 7,005 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट सौंप दी, निर्वाचन आयोग ने दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना में मतदाता सूचियों के सत्यापन की समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया है और पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान अचानक मची भगदड़ के कारण एक श्रद्धालु की जान चली गई और 30 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं, ये ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी,स्मिता शर्मा और स्वतंत्र पत्रकार पार्थसारथी बिस्वास ने हिस्सा लिया. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सीनियर रिपोर्टर बसंत कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए शार्दूल कहते हैं, “यह योजना उन महिलाओं के लिए थी जिनकी घरेलु सालाना आय ढाई लाख से कम है, एक ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ग़रीब सबसे वंचित समाज के लिए बनी हुई योजना में भी सेंध, इस पूरे तंत्र को कैसे देखना चाहिए?”
जवाब में पार्थसारथी कहते हैं, “जब यह योजना आई थी तभी मुझे लग रहा था कि यह योजना गेम चेंजर होने वाली है, महाराष्ट्र का चुनाव देखें तो यह लोकसभा चुनाव के फ़ौरन बाद हुआ था, ग्रामीण क्षेत्र में एग्रीकल्चरल डिस्ट्रेस बहुत ज़्यादा था, बीजेपी के बड़े बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा, तब एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस को लगा कि कुछ तो करना चाहिए तब यह महिला वोट बैंक जिसे बहुत सरे राज्यों ने रेकग्नाइज़ किया है, उसे केंद्र में रखकर यह योजना की घोषणा की गई, ज़मीन पर भी दिख रहा था कि लोग इसे लेकर बहुत उत्साहित थे.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
2:55 - सुर्खियां
13:40 - लाडकी बहिन योजना
51:30 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:03:51- ईंधन नीति को लेकर विवाद
01:34:15 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
रिपोर्ट - इन बेंगलुरु एंड हैदराबाद, बीएलओज़ पॉइंट टू क्रशिंग वर्कलोड, फिजिकल एग्जॉशन
पार्थसारथी बिस्वास
किताब - द लॉन्ग वॉर ऑन ईरान
बसंत कुमार
रिपोर्ट - व्हाई द ईडी हैज़ अरेस्टेड अ बीजेपी लीडर इन अ मनी लॉन्ड्रिंग केस
रिपोर्ट - उत्तराखंड: आटा चक्की, खाद-बीज की दुकान ग्लोबल निवेश; समिट पर खर्च हुए 100 करोड़
न्यूज़लॉन्ड्री पर आने वाला पीपल बाबा का इंटरव्यू
किताब - पीपल की छांव में
हृदयेश जोशी
किताब - द पंजाब स्टोरी
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
Also Read
-
RSS wants to reach Gen Z. It’s been doing this for decades
-
TV Newsance 349 | Godi media presents: Good protester vs bad protester
-
Why are students in Jharkhand angry? JPSC-JSSC protest enters 14th day
-
South Central 87: Udhayanidhi’s arrest and Union government’s Meta crackdown
-
Climate change is making humid heat more intense in these Indian cities