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राम मंदिर चंदा चोरी पर संजय सिंह: पीएमओ इससे बच नहीं सकता, तार सबके जुड़े
अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित दान चोरी के मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा हो चुका है. श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद से ये दोनों ही ट्रस्ट के संचालन में प्रमुख भूमिका निभाते रहे थे.
मामला सामने आने के बाद पहले ट्रस्ट ने आरोपों से इनकार किया लेकिन बाद में ट्रस्ट के ही आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद ट्रस्ट ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. इनमें चंपत राय के ड्राइवर टीनू यादव का नाम भी शामिल है. सभी आठ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
इसी बीच एसआईटी की रिपोर्ट भी सार्वजनिक हो गई, जिसमें कई अनियमितताओं का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि चोरी हुई है, लेकिन इसका पूरा दोष अनिल मिश्रा और अन्य कर्मचारियों पर डाल दिया गया. रिपोर्ट में चंपत राय का कोई उल्लेख नहीं है.
इन आरोपों के बीच जब हम अयोध्या में रिपोर्टिंग कर रहे थे, तब कई प्रतिष्ठित और आम नागरिक यह कहते नजर आए कि, “सब बड़े अच्छे मनई हैं, इन लोगन के बारे में हम का बोलीं.”
इसी अवध क्षेत्र से आने वाले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं. वर्ष 2021 में जब ट्रस्ट पर जमीन की खरीद में कीमतें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप लगे थे, तब दस्तावेजों के साथ आरोप लगाने वालों में संजय सिंह भी शामिल थे. इस बार भी उन्होंने जमीन से जुड़े अन्य दस्तावेजों के आधार पर कई आरोप लगाए हैं.
न्यूज़लॉन्ड्री ने संजय सिंह से राम मंदिर चंदा चोरी और जमीन खरीद के मामले के अलावा टीएमसी में हुई टूट, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसदों तथा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने, इंडिया गठबंधन के भविष्य और पंजाब में आम आदमी पार्टी की आगे की रणनीति जैसे मुद्दों पर बातचीत की.
देखें संजय सिंह के साथ ये पूरी बातचीत.
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