NL Charcha
एनएल चर्चा 430: भारत पाकिस्तान के बीच शांति की नई कोशिश और देश में मानसून की दस्तक
एनएल चर्चा के इस अंक में 100 से अधिक भारतीय और पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर स्थायी शांति की दिशा में कदम उठाने की अपील और मानसून की दस्तक को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान से अपनी सजा पूरी कर चुके 188 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की जल्द रिहाई व स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने को कहा, केंद्र सरकार ने धोखाधड़ी और फर्जी पहचान की आशंकाओं के चलते व्हाट्सऐप से यूज़रनेम फीचर की शुरुआत फिलहाल रोकने को कहा, दिल्ली हाईकोर्ट ने राघव चड्ढा से जुड़े कथित मानहानिकारक पोस्ट हटाने के लिए व्यापक आदेश देने से इनकार करते हुए कहा कि क्या राजनेता इतने संवेदनशील हो सकते हैं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को ‘प्रयोग’ बताए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, कनाडा ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप के लिए आवेदन करने वाले 71 प्रतिशत भारतीयों के विज़िटर वीजा आवेदन खारिज किए, पश्चिम बंगाल विधानसभा ने ओबीसी संशोधन विधेयक पारित कर 77 मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची से हटाया, उमर खालिद ने बिना मुकदमा चले तिहाड़ जेल में छह साल पूरे होने पर कहा कि उनसे इंसानियत और कई बार मानसिक संतुलन भी छिन गया, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा की मौजूदगी में पार्टी कार्यालय पर अंडे और सब्जियां फेंकी गईं जिसका आरोप उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाया, सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कक्षा 10 के छात्रों पर नई तीन-भाषा नीति लागू नहीं होगी, पंजाब में केंद्र की ग्रामीण रोजगार योजना लागू किए जाने पर भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछा कि पिछले छह महीनों में ऐसा क्या बदल गया, उत्तराखंड सरकार ने मदरसा बोर्ड समाप्त कर सभी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक साझा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाने का फैसला किया, अमेरिका ने रूस से जुड़े प्रतिबंधों की सूची से चार भारतीय कंपनियों के नाम हटा दिए, ये ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल हैं.
इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार और पर्यावरणविद् हृदयेश जोशी और तक्षशिला इंस्टीट्यूशन में पाकिस्तान स्टडीज की रिसर्च एनालिस्ट ऐश्वर्या सोनावणे ने हिस्सा लिया. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सीनियर रिपोर्टर बसंत कुमार और विकास जांगड़ा चर्चा में शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “एक साल पहले बहुत गहरी दुश्मनी से निकलकर दोनों देश आज यहां तक पहुंचे हैं कि अब यह जो नई पहल है पाकिस्तान और भारत के बीच यह कितनी गंभीर है और कितनी दूर जा सकती है?”
जवाब में ऐश्वर्या कहती हैं, “मेरे विचार में बहस सिर्फ यह नहीं होनी चाहिए कि बात होनी चाहिए या नहीं होने चाहिए, इतिहास हमें बताता है कि भारत ने शांति वार्ता की भी शुरुआत की, रणनीतिक संयम से भी काम लिया गया और पिछले दस सालों से पूरी तरह कट ऑफ लेकिन कोई भी रणनीति पाकिस्तान को रोकने में कामयाब नहीं हो पाई.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
3:45- सुर्खियां
8:28 - बसंत की एमओयू स्कैम रिपोर्ट
22:55- भारत- पाकिस्तान संबंध पर बात
47:45 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
52:55 - उत्तर भारत में मानसून की दस्तक
01:34:35 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
ऐश्वर्या सोनवणे
किताब - फ़ण्डामेंटली
न्यूज़लेटर - पाकिस्तान पैग़ाम
बसंत कुमार
रिपोर्ट - यूपी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 3300 करोड़ का एमओयू करने वाली कंपनी ने लोगों को ठगा
रिपोर्ट - कागज़ी कंपनियां, हवाई एमओयू: यूपी के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की हकीकत
विकास जांगड़ा
सीरीज - राख
फिल्म - थोड़ा रोमानी हो जाएं
उमर खालिद का जेल से दिया गया इंटरव्यू
हृदयेश जोशी
इको एंड एनर्जी टॉक यूट्यूब चैनल पर आने वाला स्टेफेन आल्टर का इंटरव्यू
अतुल चौरसिया
किताब - आज भी खरे हैं तालाब
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : चंचल गुप्ता
संपादन: हसन बिलाल
Also Read
-
Dhruv Rathee interview: CJP, protests, Soros and more
-
What happens after Delhi Police detains you? I saw it first hand
-
Nearly 30 journalists recount the Delhi Police’s use of brute force against them
-
‘It’s about saving this country’: Why they marched to the Supreme Court
-
‘Can’t differentiate between reel makers and independent journalists’, says Modi govt