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यूपी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 3300 करोड़ का एमओयू करने वाली कंपनी ने लोगों को ठगा
साल 2023 में उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया. इसी समिट में ऑब्दू डिजिटल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के साथ 3350 करोड़ रुपये का (समझौता ज्ञापन) एमओयू हुआ था. न्यूज़लॉन्ड्री को हासिल सरकारी दस्तावेजों में बाद में ये दावा किया गया कि इस निवेश की ग्राउंडिंग भी हो चुकी है ग्राउंडिंग यानी कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है.
दस्तावेज के मुताबिक, कंपनी का दावा था कि वह प्रदेश के गांवों में डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक खोलेगी जिससे 70 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.
कंपनी ने अपने कैटलॉग में यूपी सरकार के साथ हुए एमओयू, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संदेशों का इस्तेमाल किया.
स्थानीय लोगों को कंपनी का पार्टनर बनने के लिए प्रेरित किया गया. दावा किया गया कि इससे हर महीने 35 से 45 हजार रुपये तक की आय होगी. अपने यहां डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक खोलने के लिए 4.13 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा कराने की मांग की गई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर कैटलॉग में देखकर लोगों ने इसपर भरोसा किया. अब 40 से अधिक लोगों का आरोप है कि कंपनी ने उनसे पैसे लिए लेकिन वादा पूरा नहीं किया.
गोंडा जिले के खरगुपुर थाने में कंपनी के निदेशक संजय कुमार के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 316(2) के तहत एफआईआर दर्ज हुई. शिकायतकर्ता अजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि गोंडा में कई लोगों से डिजिटल डॉक्टर क्लिनिक खोलने के नाम पर लाखों रुपये लिए गए. इनमें अनुराग श्रीवास्तव, रामावती सिंह, हजारी लाल तिवारी और देवमती शामिल हैं. अनुराग के यहां क्लिनिक शुरू हुआ था लेकिन बाद में बंद हो गया, जबकि बाकी लोगों के यहां सेंटर कभी नहीं खुले. अनुराग को कंपनी की तरफ से रिफंड में जो चेक मिला, वह पहली बार खाते में पैसे नहीं होने और दूसरी बार हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने के कारण बाउंस हो गया.
न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में संजय कुमार ने सभी आरोपों को खारिज किया. देखिए न्यूज़लॉन्ड्री की ये रिपोर्ट.
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