NL Tippani
दरबारी मीडिया की बरसी और जम्बूद्वीप में ‘वन थाना, वन एनकाउंटर’
पिछले हफ्ते उस अविस्मरणीय पल की बरसी बीती है, जब लोकतंत्र के चौथे खंभे की अर्थी चार कंधों पर शान से निकली थी. वह चीख-चीख कर यह बता रही थी कि भारतीय खबरिया चैनलों को घुन लगने की वजह से वह गहराई तक खोखला हो चुका है. ऐसे में उन्हें याद करना जरूरी है.
उधर आजाद भारत के इतिहास में पहली बार एक ऐसा व्यक्ति बंगाल का मुख्यमंत्री बना है जो सरेआम कैमरे पर पैसे लेते हुए पकड़ा गया था. और ये भाजपा की उस चमत्कारी वाशिंग मशीन ने किया जिसमें धुल कर बड़े से बड़ा भ्रष्टाचारी, बेईमान, अनैतिक आदमी ईमानदारी की दुग्ध धवल मूर्ति बन जाता है.
और अब राजनीति में “वन नेशन, वन इलेक्शन” के बाद योगी सरकार आपको “वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन” के जरिए स्वाद का संस्कार सिखाएगी. जिसमें एक भी नॉनवेज आइटम को जगह नहीं दी गई है. बात यहीं नहीं रुकी, वन थाना, वन एनकाउंटर के तहत यूपी पुलिस ने बीते हफ्ते में 48 घंटे के भीतर 35 एनकाउंटर करके लगभग वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया.
देखिए इस हफ्ते की टिप्पणी.
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