Video
यमुना बाज़ार खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस, लोग बोले- कहां जाएं ये तो बताएं
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने यमुना बाज़ार के घाट के पास रहने वाले लोगों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया है. यमुना बाज़ार में करीब 32 घाट हैं, जहां लगभग 310 परिवार रहते हैं. यहां की आबादी करीब 1100 लोगों की है. यहां रहने वाले अधिकांश लोगों का रोज़गार घाटों से ही जुड़ा हुआ है. कोई पंडिताई करता है, कोई फूल बेचता है और कुछ लोग नाव चलाने का काम करते हैं.
सरकारी परिभाषा में यह इलाका ओ-ज़ोन क्षेत्र में आता है, जहां हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है. इसी मुद्दे पर जब अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था, “यहां हर साल बाढ़ आती है, जिसकी वजह से लोगों को बार-बार सुरक्षित जगहों पर ले जाना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है. इसी कारण यह कार्रवाई की जा रही है. साथ ही, राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) का भी आदेश है.”
घाट के निवासी गणेश कहते हैं, “सरकार को जो करना है करे, लेकिन हमें रहने के लिए दूसरी जगह दे. हमारा रोज़गार यहीं से चलता है. हम पूजा-पाठ और नाव चलाने का काम करते हैं. यह काम सड़क पर तो नहीं कर सकते.”
स्थानीय लोगों की मांग है कि उन्हें यहां से न हटाया जाए क्योंकि उनके परिवार कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं. उनका कहना है कि उनके दादा-परदादा के समय से उनका घर और रोज़गार इसी इलाके से जुड़ा हुआ है.
ऐसा ही कुछ रेखा चतुर्वेदी कहती हैं. वो कहते हैं, “हमें सबसे पहले नोटिस देकर कहा गया कि 15 दिनों के अंदर जगह खाली कर दें लेकिन यह नहीं बताया गया कि हम जाएं कहां.”
देखिए हमारी ये वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
Blacklisted, family in debt, out on bail: The human cost for workers a month after Noida crackdown
-
TV Newsance 344 | The exam system failed you. The media failed you harder
-
A rare natural wonder is unfolding in Delhi’s Lodhi Garden
-
Behind CBSE’s Class 12 evaluation contract, a trail of unanswered questions
-
The ceasefires in Gaza, Lebanon and Iran are stretching the term’s meaning