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नोएडा: न्यूनतम मजदूरी के लिए श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन, बोले- हर साल टारगेट बढ़ता है, सैलरी नहीं
नोएडा के विभिन्न इलाकों में पिछले गुरुवार से सैकड़ों मजदूर सड़कों पर उतर आए हैं. एनएसईज़ेड मेट्रो स्टेशन के पास मजदूरों ने रास्ते जाम कर दिए और न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये करने, ओवरटाइम का भुगतान और सुरक्षित कामकाजी परिस्थितियों की मांग की.
सोमवार को इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ाते हुए करीब 300 लोगों को गिरफ्तार किया और 7 एफआईआर दर्ज कीं. पूरे औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस गश्त तेज कर दी गई है.
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों ने इन प्रदर्शनों को पाकिस्तान या नक्सलियों से जोड़ने की कोशिश की. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अप्रैल से न्यूनतम वेतन बढ़ाने का ऐलान किया है.
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अब अकुशल मजदूरों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है. अर्द्ध-कुशल मजदूरों के लिए यह 15,059 रुपये और कुशल मजदूरों के लिए 16,868 रुपये तय किया गया हैय हालांकि, ये बढ़ोतरी मजदूरों की 20,000 रुपये की मांग से अभी भी कम है.
न्यूज़लॉन्ड्री की ग्राउंड रिपोर्ट में मजदूरों का गुस्सा साफ नजर आया. प्रदर्शन में शामिल महिला श्रमिक उजाला ने न्यूज़लॉन्ड्री से बात करते हुए कहा, “आए दिन हमारा काम करने का बस टारगेट बढ़ता रहता है और सैलरी बढ़ा नहीं रहे.”
मजदूरों का यह प्रदर्शन सिर्फ उनके वेतन के सवाल को ही सामने नहीं रखता बल्कि सम्मानजनक जीवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी के लिए उनकी उसकी लड़ाई को भी दिखाता है.
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