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3 महीने में छत्तीसगढ़ ने टीवी विज्ञापनों पर खर्च किया 18 करोड़, न्यूज़-18 ने उड़ाया मोटा हिस्सा
8 जनवरी को न्यूज़ 18 ने एक एक्सक्लूसिव खबर चलाई, दावा किया गया कि कर्नाटक सरकार ने नेशनल हेराल्ड को विज्ञापनों के बदले वित्त वर्ष 2023-24 में 1.90 करोड़ रुपए और 2024-25 में 99 लाख रुपये का भुगतान किया है. इस खबर के दौरान चैनल ने स्क्रीन पर लिखा था— ‘Your Savings, Fund Congress PR’.
हालांकि, इसी न्यूज़ 18 को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित छत्तीसगढ़ में तीन महीनों के भीतर सरकारी विज्ञापनों के बदले 3.07 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. यह जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जवाब में सामने आई है.
छत्तीसगढ़ के रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला को मिले जवाब के मुताबिक अक्टूबर से दिसंबर 2024 के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने टीवी न्यूज़ चैनलों को 18.57 करोड़ रूपए विज्ञापनों के बदले भुगतान किए हैं. यानी हर दिन 20.41 लाख रूपए खर्च किए हैं.
न्यूज़लॉन्ड्री ने पाया कि बीजेपी की प्रदेश सरकार ने ऐसे-ऐसे न्यूज़ चैनलों को विज्ञापन दिए हैं, जिसे छत्तीसगढ़ में कोई ठीक से जानता तक नहीं है. मध्य प्रदेश, पंजाब, नागालैंड और उत्तराखंड से चलने वाले न्यूज़ चैनलों को भर-भर के विज्ञापन दिए गए है.
सबसे ज़्यादा किसको हुआ भुगतान
18 करोड़ रुपए के कुल टीवी विज्ञापन खर्च में से शीर्ष 10 चैनलों पर 13.15 करोड़ रुपए खर्च किए गए. इनमें सबसे अधिक भुगतान पाने वाले न्यूज़ चैनलों की बात करें तो न्यूज़ 18 शीर्ष पर रहा. न्यूज़ 18 के नेशनल न्यूज़ चैनल को 2 करोड़ 34 लाख 59 हजार 723 रुपए, जबकि न्यूज़ 18 छत्तीसगढ़ को 72 लाख 53 हजार 363 रुपए का भुगतान किया गया. इस तरह केवल तीन महीनों में न्यूज़ 18 समूह के इन दोनों चैनलों को कुल 3 करोड़ 07 लाख 13 हजार 86 रुपए का भुगतान हुआ.
न्यूज़ 18 के बाद दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ का स्थानीय न्यूज़ चैनल INH 24x7 रहा, जिसे 1.56 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया. इसके अलावा न्यूज़ 24 एमपी/सीजी को 1.53 करोड़ रुपए, IBC 24 न्यूज़ चैनल चलाने वाली कंपनी एस.बी. मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड को 1.47 करोड़ रुपए, ज़ी मीडिया को 1.19 करोड़ रुपए, एबीपी न्यूज़ को 93.12 लाख रुपए और ASIAN न्यूज़ को 73.13 लाख रुपए का भुगतान किया गया.
वहीं हर खबर नाम के न्यूज़ चैनल को 66.11 लाख, BSTV को 64.15 लाख और इंडिया न्यूज़ तथा NewsX चलाने वाली कंपनी इंफॉर्मेशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड को 62.65 लाख रुपए का भुगतान किया गया.
इसके अलावा न्यूज़ नेशन नेटवर्क को 51.46 लाख, भोपाल से चलने वाले बंसल न्यूज़ चैनल को 51.26 लाख, IND 24 को 45.71 लाख, SMBC को 38.92 लाख, NEWS hour को 24.27 लाख, इंडिया टीवी को 20.76 लाख, विस्तार न्यूज़ को 16.35 लाख, वर्ल्ड मीडिया को 16.31 लाख, एनडीटीवी को 7.69 लाख, भारत एक्सप्रेस को 7.66 लाख, Bharat 24 को 7.48 लाख, एक अन्य धार्मिक चैनल संस्कार टीवी को 7.06 लाख, न्यूज़ 24 को 6.62 लाख, अर्नब गोस्वामी की कंपनी रिपब्लिक भारत को 10.89 लाख तथा सुदर्शन न्यूज़ को 5.29 लाख का भुगतान किया गया है.
कई नेशनल चैनलों की तुलना में दूसरे राज्यों से संचालित होने वाले न्यूज़ चैनलों को भी छत्तीसगढ़ सरकार ने विज्ञापन दिए हैं. जैसे उत्तराखंड से संचालित न्यूज़ चैनल नेटवर्क 10 को इस दौरान 13.01 लाख रुपए का भुगतान किया गया.
यहीं नहीं नागालैंड से संचालित न्यूज़ चैनल हार्नबिल को भी छत्तीसगढ़ सरकार ने इस दौरान 2.16 लाख का विज्ञापन दिया.
हिंदी खबर को 10.43 लाख, बेनाम आर्यन टीवी को 4 लाख और टाइम्स नाउ को 1.24 लाख रुपए का विज्ञापन मिला है. टाइम्स नाउ से चार गुना ज़्यादा नेपाल वन (4.03 लाख) नाम के चैनल को छत्तीसगढ़ सरकार ने विज्ञापन के बदले भुगतान किए हैं.
न्यूज़लॉन्ड्री ने अपनी इस रिपोर्ट में बताया था कि कैसे अलग-अलग राज्यों में चैनल ठेके पर चलते हैं. उनका मकसद सरकारों से मोटा विज्ञापन हासिल करना होता है.
सिनेमा से जुड़ी कंपनियों को भी हुआ भुगतान
अपने जवाब में सूचना विभाग ने कुछ जगह न्यूज़ चैनलों के नाम लिखे हैं और कुछ में उन्हें चलाने वाली कंपनियों के नाम. न्यूज़लॉन्ड्री ने सूचना विभाग से कंपनी और उनके द्वारा संचालित चैनलों की सूची मांगी, जिसमें सामने आया कि इसमें से कुछ भुगतान उन कंपनियों को किया गया जो न्यूज़ चैनल नहीं चलाती हैं.
उदाहरण के तौर पर, सबसे कम विज्ञापन राशि पाने वाली कंपनी खुशी एडवरटाइजिंग आइडियाज प्राइवेट लिमिटेड है, जिसे 57,139 रुपए का भुगतान हुआ है. सूचना विभाग के जवाब के मुताबिक ‘ख़ुशी सिनेमा’ को भुगतान किया गया है.
QUBE सिनेमा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, जिसे 2.06 लाख का भुगतान किया गया है, वह भी कोई न्यूज़ चैनल नहीं चलाती है. यह भी सिनेमा से जुड़ी हुई है.
वहीं के सेरा सेरा सिनेमा फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को 3.99 लाख का भुगतान किया गया है, जिसका न्यूज़ चैनल से कोई संबंध नहीं है. यह भी सिनेमा से जुड़ी कंपनी है.
आरटीआई से जानकारी हासिल करने वाले कुनाल शुक्ला ने न्यूज़लांड्री को बताया कि वह विज्ञापनों को लेकर नियमित रूप से आरटीआई फाइल करते रहते हैं. टीवी मीडिया को किए गए भुगतान के संबंध में इस आरटीआई में जो जानकारी सामने आई उससे पता चलता है कि सरकार किस तरह जनता के पैसों को विज्ञापनों पर खर्च कर रही है.
शुक्ला कहते हैं, ‘‘इस सूची में जिन चैनलों के नाम हैं, उनमें से कई छत्तीसगढ़ के नहीं हैं और यहां दिखाई भी नहीं देते. फिर भी उन्हें लाखों रुपए का भुगतान हुआ है. छत्तीसगढ़ में केवल 8-10 न्यूज़ चैनल ही दिखाई देते हैं. वहीं, झारखंड, कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के न्यूज़ चैनल भी छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई का लाभ उठा रहे हैं. इनमें कई चैनलों के नाम तो लोगों ने कभी सुने भी नहीं होंगे.’’
न्यूज़लॉन्ड्री ने सूचना विभाग के आयुक्त रवि मित्तल और अपर संचालक जे. एल. दरियो को कुछ सवाल मेल किए हैं अभी तक जवाब नहीं आया. वहीं एक दूसरे अपर संचालक उमेश मिश्रा से फोन पर बात की. उन्होंने कहा कि आप सवाल भेज दें. हम इसका जवाब दे देंगे लेकिन उनका भी जवाब नहीं आया है.
कांग्रेस की तुलना में बीजेपी ने तीन गुना दिया विज्ञापन
न्यूज़लॉन्ड्री ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान विज्ञापनों पर हुए खर्च को लेकर 2021 में रिपोर्ट की थी. तब सामने आया था कि 1 दिसंबर 2018 से 17 नवंबर 2021 के बीच तब टेलीविजन मीडिया के जरिए विज्ञापनों पर 79.62 करोड़ रूपर खर्च किए थे. ऐसे में देखे तो तब प्रतिदिन टीवी विज्ञापनों पर 7.35 लाख रूपए खर्च हुए थे.
यह जानकारी तत्कालीन सरकार ने विधानसभा में दी थी.
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