Khabar Baazi
कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह में नहीं मिली एंट्री, यूट्यूबर पत्रकारों ने लगाए बदसलूकी के आरोप
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग की ओर से बुधवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर जी 103वीं जयंती के मौके पर एक समारोह आयोजित किया गया. हालांकि, शाम होते-होते यह समारोह विवादों में आ गया है. आरोप है कि इस कार्यक्रम में मीडिया को एंट्री नहीं दी गई. कवरेज के लिए पहुंचे कुछ यूट्यूबर पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल से भी बाहर कर दिया गया. हालांकि, पार्टी का कहना है कि उन्होंने मीडिया को बुलाया ही नहीं था क्योंकि यह एक इंटरनल प्रोग्राम था.
समता आवाज टीवी नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाले मनोज अंतनी कहते हैं, “मैं एक बहुजन यूट्यूबर हूं. बहुजन नायकों से जुड़े कार्यक्रमों में हम जैसे बहुजन यूट्यूबर्स ही कवरेज के लिए पहुंचते हैं. लेकिन आज हमें इस कार्यक्रम से भगा दिया गया. मेरा कैमरा तक नहीं लगने दिया गया.”
अंतनी कांग्रेस नेता रतनलाल और राजेंद्र पाल गौतम का इंटरव्यू लेने पहुंचे थे.
एसबी लाइव 85 नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाली सुमन बौद्ध बताती हैं, “हमारे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया गया. हमें चारों तरफ से घेर लिया गया और किसी को भी कैमरा लगाने नहीं दिया गया. अंदर सिर्फ दो कैमरे लगे थे, जो कांग्रेस पार्टी के थे.”
उनका कहना है कि जब आयोजकों से पूछा गया कि पोस्टर और सार्वजनिक सूचना क्यों जारी की गई, तो जवाब मिला, “यह कार्यक्रम लोगों के लिए था, मीडिया के लिए नहीं.”
वे आरोप लगाती हैं कि मान लीजिए मीडिया को नहीं बुलाना था, तो ऐसा व्यवहार क्यों? किसी का कैमरा उठाकर खुद चलाने लग जाना क्या सही है?
सुमन बौद्ध के अनुसार, “कुछ पत्रकार अंदर पहुंचे भी थे, उन्हें भी बाहर निकाल दिया गया. जो बाहर थे, उन्हें अंदर आने ही नहीं दिया गया.”
इस कार्यक्रम की कवरेज के लिए सुशील कुमार सागर भी पहुंचे थे जो कि बहुजन फ्रंट लाइन और नेशनल इंडिया न्यूज़ के लिए काम करते हैं. उनके अनुसार, “हमें साफ कहा गया कि मीडिया को अनुमति नहीं है. हमने ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद, प्रो. रतनलाल और अन्य नेताओं से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला.”
एआर न्यूज़ इंडिया चलाने वाले आकिल रजा कहते हैं, “गेट पर ही कह दिया गया कि ऊपर से आदेश है, मीडिया को अनुमति नहीं है. जब यह एससी-एसटी-ओबीसी का कार्यक्रम है और पत्रकार भी उसी तबके से हैं, तो फिर यह कार्यक्रम किसके लिए है?”
इस पूरे मामले पर हमने इंदिरा भवन के हेड मनीष चतरथ से बात की. उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मीडिया के लिए नहीं था. चतरथ ने कहा, “आमतौर पर हम प्रेस ब्रीफिंग का कार्यक्रम नीचे रखते हैं. यह कार्यक्रम ऊपर ऑडिटोरियम में था, जहां मीडिया को अनुमति नहीं होती. यह एक इंटरनल प्रोग्राम था, इसलिए वहां प्रेस को नहीं ले जाया जाता.”
चतरथ ने आगे कहा, “हमने मीडिया को बुलाया ही नहीं था. मैं खुद वहां मौजूद नहीं था, लेकिन अगर किसी ने वहां कैमरा चलाया होगा तो उसे हटाया गया होगा. वहां सिर्फ राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की ब्रीफिंग के दौरान ही मीडिया को अनुमति दी जाती है. पार्टी का जो सिस्टम है, हम उसी का पालन करते हैं.”
उन्होंने अंत में कहा, “अगर किसी को कोई परेशानी हुई है तो हमें बताया जाना चाहिए था, हम मिलकर समाधान निकाल लेते. जो सिस्टम बना हुआ है, हम उसी का पालन करेंगे.
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