Ground Report
राजपूत बहुल गांव में दलित महिला की हत्या, बेटी अब भी लापता: कपसाड़ में सन्नाटा और तनाव
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और बेटी के कथित अपहरण के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. गांव पूरी तरह छावनी में तब्दील हो चुका है और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है.
घटना 8 जनवरी की सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, मां-बेटी खेत में गन्नों की छिलाई के लिए जा रही थीं, तभी गांव के ही पारस सोम ने अपने कुछ साथियों के साथ उन्हें घेर लिया और युवती को जबरन अपने साथ ले जाने लगा. जब मां सुनीता जाटव ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि पारस सोम ने फरसे से उनके सिर पर हमला कर दिया और बेटी को जबरन अपने साथ ले गया. गंभीर रूप से घायल सुनीता जाटव को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
पोस्टमार्टम के बाद शव को घर लाया गया, लेकिन देर शाम तक न तो मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी और न ही युवती की बरामदगी. शुक्रवार को दिनभर पुलिस-प्रशासन परिजनों से बातचीत कर शव का अंतिम संस्कार कराने की कोशिश करता रहा. इस दौरान दलित संगठनों, स्थानीय विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का गांव में आना-जाना लगा रहा.
कई मुद्दों पर सहमति बनने और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिए जाने के बाद देर शाम परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ. यह चेक क्षेत्रीय एसडीएम की मौजूदगी में भाजपा नेता संगीत सोम द्वारा सौंपा गया.
इस घटना के बाद राजनीति भी तेज हो गई है. एक ओर दलित महिला के साथ हुई इस वारदात को लेकर महिला सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवती की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
न्यूज़लॉन्ड्री की टीम ने कपसाड़ गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया. गांव के सभी रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात है और मीडिया को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है. हमें भी तीन अलग-अलग रास्तों से लौटाया गया और वैकल्पिक रास्तों से जाने का सुझाव दिया गया. हमने पीड़ित परिवार, गांव के लोगों, स्थानीय विधायक और भाजपा नेताओं से बातचीत की और गांव के माहौल को भी समझने की कोशिश की.
राजपूत बहुल इस गांव में दलितों की आबादी काफी कम है. मृतका की एक रिश्तेदार शारदा का कहना है, “अगर ठाकुर समाज की कोई लड़की होती तो अब तक आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चल गया होता. हम दलित बिरादरी के हैं, इसलिए हमारे साथ ऐसा हो रहा है. हम इनके खेतों में ही मजदूरी करते हैं और ये ही हमें मार रहे हैं. हमें न्याय चाहिए.”
वहीं गांव के एक अन्य निवासी विनोद सोम का कहना है, “हमारा और दलितों का रिश्ता बहुत अच्छा है. ये हमारे खेतों में काम करते हैं, इनके बिना हमारा काम नहीं चल सकता.”
फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और सभी की निगाहें आरोपी की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी पर टिकी हैं.
देखिए पूरी वीडियो ग्राउंड रिपोर्ट-
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