Video
वार्षिक विशेषांक: कहानियों के पीछे की कहानी, रिपोर्टर्स की जुबानी
जो ख़बरें आप तक पहुंचती हैं, उनके पीछे भी कई कहानियां होती हैं. रिपोर्टर किसी स्टोरी तक कैसे पहुंचते हैं, और रिपोर्टिंग के दौरान उन्हें किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. साल के अंत में न्यूज़लॉन्ड्री अपने सभी रिपोर्टर्स के साथ आपके बीच साल भर किए गए काम और उनके पीछे की कहानियां लेकर आया है.
इस विशेष एपिसोड में न्यूज़लॉन्ड्री टीम के रिपोर्टर अनमोल प्रितम, सुमेधा मित्तल, शिव नारायण राजपुरोहित, अवधेश कुमार, समर्थ ग्रोवर, प्रतीक गोयल और आकांख्या राउत शामिल रहे. वरिष्ठ रिपोर्टर बसंत कुमार ने इस चर्चा का संचालन किया.
इस साल न्यूज़लॉन्ड्री के रिपोर्टर्स ने अलग-अलग विषयों पर गहन रिपोर्टिंग की. पर्यावरण, लॉ एंड ऑर्डर, भ्रष्टाचार और प्रोफाइल समेत कई अहम मुद्दों पर काम किया और ये स्टोरीज़ आप तक पहुंचाईं.
न्यूज़लॉन्ड्री की यह तमाम रिपोर्टिंग अपने सब्सक्राइबर्स के सहयोग के बिना संभव नहीं है. यदि आपने अब तक सब्सक्राइब नहीं किया है, तो कृपया ज़रूर करें, क्योंकि मीडिया का स्वतंत्र होना एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद ज़रूरी है.
देखिए न्यूज़लॉन्ड्री का यह खास एपिसोड.
बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें और उस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.
Also Read
-
Is the Cockroach Janata Party threatening the system, or just letting off steam?
-
SIP was the successful Sharma ji ka ladka. Now it has a problem
-
No FIR, ‘culprits will escape’: Ayodhya fumes over Ram Mandir ‘scam’
-
‘Alarm bells ringing’: Why Indian newsrooms are losing public trust
-
दिन में धूप, रात में तपिश कैसे डाल रही दिल्ली की बड़ी आबादी पर असर