Khabar Baazi
नवनीत सहगल ने कार्यकाल पूरा होने से पहले प्रसार भारती का चेयरमैन पद छोड़ा
प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत कुमार सहगल ने इस्तीफा दे दिया है. उनका कार्यकाल तीन साल का था. कार्यकाल के बीच डेढ़ साल बाद ही इस्तीफा देने के उनके फैसले ने अटकलबाजियों का बाजार गर्म कर दिया है. उधर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है और उन्हें औपचारिक रूप से पदमुक्त कर दिया है. मंत्रालय ने बताया गया कि सहगल ने मंगलवार को अपना इस्तीफ़ा सौंपा था.
मालूम हो कि सहगल 1988 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. उन्हें मार्च, 2024 में प्रसार भारती का चेयरमैन नियुक्त किया गया था. उनकी नियुक्ति से पहले यह पद तील साल से खाली पड़ा था. सहगल की नियुक्ति के वक्त लोकसभा चुनावों में कुछ ही हफ्ते बाकी थे. उनके पहले चेयरमैन ए सूर्य प्रकाश ने फरवरी, 2020 में अपना कार्यकाल पूरा किया था.
प्रसार भारती की वेबसाइट के अनुसार, सहगल के पास केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों स्तरों पर नीतिगत सुधार और बड़े विभागों के संचालन में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वेबसाइट में उनकी “प्रतिष्ठित सेवा” और विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का उल्लेख किया गया है.
प्रसार भारती में आने से पहले सहगल उत्तर प्रदेश सरकार के जनसंपर्क और खेल विभाग के प्रमुख सचिव रहे. उन्हें उद्योगपतियों, फिल्म जगत के लोगों और खेल संगठनों से करीबी संबंध रखने वाला अधिकारी माना जाता है. बताया जाता है कि वे प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ भी निकटता से काम कर चुके हैं.
सहगल का चयन तीन सदस्यीय चयन समिति ने किया था, जिसकी अध्यक्षता उस समय के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने की थी. समिति में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन रंजन प्रकाश देसाई और राष्ट्रपति द्वारा नामित एक सदस्य भी शामिल थे.
न्यूज़लॉन्ड्री पहले भी सहगल के कार्यकाल में डीडी न्यूज़ के भीतर हुए बदलावों की रिपोर्ट कर चुका है. फिर चाहे बात अप्रैल, 2024 में इसके लोगो को केसरिया रंग में रंगने की हो या फिर कार्यक्रमों को आउटसोर्स किए जाने की.
भ्रामक और गलत सूचनाओं के इस दौर में आपको ऐसी खबरों की ज़रूरत है जो तथ्यपरक और भरोसेमंद हों. न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और हमारी भरोसेमंद पत्रकारिता का आनंद लें.
Also Read
-
Why did a Bajrang Dal leader hand out trishuls in a Gujarat newsroom?
-
‘I didn’t know my name was deleted’: Voters in Okhla on the pre-SIR ‘clean-up’
-
‘Cockroaches! Anti-nationals’: What happened at Kolkata’s Satyajit Ray film institute?
-
India’s ethanol push making food costlier?
-
South Central 94: Veeramani case, Reporter TV raid and ECI dissent