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वर्ल्ड कप प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट: परिवार के त्याग और कामयाबी की मिसाल दीप्ति शर्मा
महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा बीते 13 नवंबर को टीम के विश्व विजेता बनने के बाद पहली बार अपने घर आगरा पहुंचीं. इस दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया. दोपहर करीब 12 बजे आगरा पहुंचते ही शहर में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनरों के बीच उनका रोड शो शुरू हुआ, जो भावना क्लार्क चौराहा से चलकर देर शाम को पुलिस लाइन में समाप्त हुआ. रास्ते में कई स्थानों पर दीप्ति को सम्मानित किया गया. पुलिस लाइन से पहले दीप्ति अपने भाई सुमित शर्मा की क्रिकेट अकादमी भी पहुंचीं, जहां वे अक्सर अभ्यास करती हैं.
रोड शो के दौरान सैकड़ों प्रशंसकों ने उन पर फूल बरसाए और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए. दीप्ति भी गले में ‘जय श्रीराम’ का गमछा पहने खुली गाड़ी से लोगों का अभिवादन करती रहीं. रोड शो में तैनात एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 10–12 किलोमीटर लंबे इस रोड शो के लिए आठ थानों के करीब 150 पुलिसकर्मी तैनात थे.
शाम में पुलिस लाइन में उनके सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने उन्हें सम्मानित किया. कार्यक्रम में उनके पिता और भाई भी मौजूद रहे.
हमसे बातचीत में दीप्ति ने कहा कि इस विश्व कप का महिलाओं पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा. नई पीढ़ी, खासकर लड़कियां, क्रिकेट को अपना लक्ष्य बनाएंगी.
वहीं, उनके पिता ने कहा कि किसी भी माता–पिता को बेटियों को बेटों से कम नहीं समझना चाहिए और वे जो भी करना चाहें, चाहे खेल हो या पढ़ाई उन्हें पूरा समर्थन देना चाहिए. उन्होंने बताया कि दीप्ति बचपन से ही खेल पर केंद्रित रही है. उसे न फिल्मों का शौक है, न कपड़ों का. दीप्ति का आगरा में कोई दोस्त भी नहीं है. वह बेहद साधारण जीवन जीती है और पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर देती है. यही वजह है कि वह आज इस मुकाम पर है. उन्होंने बेटे सुमित के योगदान का भी ज़िक्र किया, जिन्होंने अपनी पढ़ाई और नौकरी छोड़कर सिर्फ दीप्ति के खेल पर ध्यान दिया.
हमने रोड शो में शामिल लोगों, बच्चों और उन लड़कियों से भी बात की, जो भविष्य में दीप्ति शर्मा जैसा बनने का सपना देख रही हैं. साथ ही, उनके भाइयों और कॉलोनी के लोगों से भी बातचीत की.
देखिए पूरा वीडियो-
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