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न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी के 8 साल, सैकड़ों रिपोर्ट्स और एक ही वादा- सच्ची पत्रकारिता
न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी का सफर आठ साल पूरे कर चुका है. आप सबके सहयोग से ही ये मुमकिन हो पाया है. बीते न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी ने लगातार उन कहानियों को सामने रखा, जिन्हें इस देश की मेनस्ट्रीम मीडिया अक्सर नज़रअंदाज़ करती रही या सत्ता के दबाव में उसका सच छिपाती रही. आज जब बड़े-बड़े मीडिया हाउस अक्सर सरकार या नेताओं के भोंपू बन कर जनता को सिर्फ एजेंडा परोस रहे हैं तो न्यूज़लॉन्ड्री, हिंदी भाषी लोगों तक इन कहानियों को पहुंचाने में जुटा है.. बस्तर के जंगलों से लेकर जम्मू-कश्मीर तक, हरिद्वार से लेकर महाराष्ट्र तक, मणिपुर से लेकर गुजरात कर हमारी टीम ने हिंदी दर्शकों तक हर उस मुद्दे की सच्चाई पहुंचाने की कोशिश की.. जो सरकार फाइलों में गुम हो रही थी..
बीते आठ सालों में न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी ने यह साबित किया कि पत्रकारिता सिर्फ़ एजेंडा परोसना नहीं बल्कि सच को उजागर करना है. आज जब मीडिया के बड़े हिस्से को सत्ता के सुरों में बंधा देखा जा रहा है तो न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी जैसे संस्थानों का समर्थन करना न केवल पत्रकारिता के भविष्य के लिए जरूरी है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी एक ज़रूरी कदम है.
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