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एएनआई: संपादक स्मिता प्रकाश के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के आदेश, झूठी ख़बरें चलाने के आरोप
लखनऊ की एक अदालत ने एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए मामला आगे बढ़ा दिया है. यह शिकायत पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने दायर की है. उन्होंने स्मिता प्रकाश के नेतृत्व वाली एजेंसी पर आरोप लगाया है कि उसने चुनाव आयोग (ईसीआई) के नाम से कई झूठी खबरें प्रकाशित की हैं.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने अपने आदेश में कहा, “शिकायत और लिखित दलीलों को सुनने के बाद शिकायत प्रक्रिया के अनुरूप पाई गई है. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत यह मामला दर्ज किया जाना उचित है.. शिकायत को दर्ज किया जाए. साथ ही शिकायतकर्ता को बयान देने के लिए उपस्थित होने का निर्देश भी दिया जाता है.”
ठाकुर का आरोप है कि एएनआई ने बार-बार चुनाव आयोग को ऐसे बयानों से जोड़ा, जो न तो आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर थे और न ही उसके सत्यापित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जारी किए गए थे. उनका कहना है कि इस तरह एजेंसी ने आयोग के नाम पर बिना किसी आधिकारिक आधार के झूठी खबरें फैलाईं.
शिकायत में अगस्त, 2025 के कई उदाहरणों का हवाला दिया गया है, जिनमें एएनआई की कई एक्स पोस्ट और खबरें शामिल हैं. ठाकुर के मुताबिक, ये जानकारी या तो आधिकारिक पुष्टि से पहले चलाई गईं या फिर बिना किसी पुष्टि के प्रकाशित की गईं. इनमें से एक उदाहरण 1 अगस्त 2025 को दोपहर 3:08 बजे की एएनआई पोस्ट है, जिसमें चुनाव आयोग का राहुल गांधी के “वोट चोरी” के आरोपों पर आपत्ति जताने वाला कथित बयान जारी किया गया था.
ठाकुर ने कहा, “मेरी जानकारी के मुताबिक, एएनआई ने चुनाव आयोग के नाम पर कई ऐसी खबरें चलाई हैं जिनका कोई आधिकारिक आधार नहीं है. ये न तो आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, न सोशल मीडिया पर और न ही किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी की गईं. ये खबरें केवल एएनआई के दावे पर आधारित हैं और आयोग के नाम पर मनमानी व झूठी सूचनाएं प्रसारित की गईं.”
उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वे पुलिस के पास जाकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर सकते थे, लेकिन संभावना थी कि पुलिस किन्हीं कारणों से प्रभाव में आ जाए. इसी वजह से उन्होंने अदालत में सीधे याचिका दायर करना अधिक उचित समझा.
शिकायत में ठाकुर ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह मामले पर संज्ञान ले और स्मिता प्रकाश के खिलाफ आपराधिक कदाचार की कार्यवाही शुरू करे. वहीं, इस मामले पर फिलहाल एएनआई की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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