Video
एसएससी: ‘प्रदर्शन के चक्कर में पढ़ाई बर्बाद हो गई’, आंदोलन खत्म करने का दोषी किसे मानते हैं छात्र
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने 31 जुलाई, 1 अगस्त और फिर 24 अगस्त को बड़े प्रदर्शन किए. जंतर मंतर से लेकर रामलीला मैदान तक हजारों छात्र सड़कों पर उतरे लेकिन इन प्रदर्शनों का नतीजा सिफर ही रहा.
अब हालत यह है कि छात्र-शिक्षक एकजुट होने की बजाय एक-दूसरे से अलग हो गए हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान शिक्षकों के बीच ही एक तरह का टकराव छिड़ गया. एक दूसरे पर खूब आरोप-प्रत्यारोप हुए. ये देख छात्र और निराश हो गए. छात्रों का कहना है कि टीचर्स के इस टकराव में उनका असली मुद्दा कहीं पीछे छूट गया. इस पूरे विवाद को समझने के लिए हमने दिल्ली के मुखर्जी नगर का रुख किया. इसे एसएससी की तैयारी करने वाले छात्रों का हब माना जाता है.
न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में छात्र हर्षित कहते हैं, “छात्रों का आंदोलन पूरी तरह से दूसरी तरफ मुड़ गया है. टीचर्स अपनी सफाई में एक दूसरे के खिलाफ ही वीडियो बना रहे हैं और हम सब इनके वीडियो देख रहे हैं जबकि हमारा कल यानी 29 अगस्त में भी एग्जाम है. हमारे आगे भी एग्जाम हैं ऐसे में हमें पढ़ने की जरूरत है. हमारी पढ़ाई से संबंधित वीडियो आनी चाहिएं लेकिन वीडियो आ रही हैं टीचर्स के झगड़ों की. इनके एक दूसरे के आरोप लगाने के चक्कर में हमारा जो असल मुद्दा है, वह दूसरी तरफ डाइवर्ट हो रहा है. इससे हमें क्या मिलेगा.”
बरेली निवासी छात्र राहुल शर्मा पिछले दो साल से दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर एसएसएसी की तैयारी कर रहे हैं. वे कहते हैं, “जब हम पढ़ने के लिए यूट्यूब खोलते हैं तभी टीचर्स की कंट्रोवर्सी देखने को मिलती. टीचर्स एक-दूसरे पर एक से दो घंटे की वीडियो बना रहे हैं. हमारे मुद्दों को छोड़कर टीचर व्यूज और रील पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. इससे पढ़ाई का बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है.”
बता दें कि सबसे पहले 31 जुलाई को छात्रों और शिक्षकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में केडी कैंपस की फाउंडर और जानी-मानी शिक्षिका नीतू समेत कई शिक्षक छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे. इसके बाद 1 अगस्त को भी छात्र बड़ी संख्या में जंतर मंतर पर जुटे लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया और कई छात्रों को हिरासत में ले लिया. इसके बाद शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसएससी के चेयरमैन से भी मुलाकात की. इसके बाद कुछ दिनों के लिए आंदोलन शांत हो गया, लेकिन 24 अगस्त को छात्र फिर रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए.
प्रदर्शनकारी छात्र लंबे समय से एसएससी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार तकनीकी खामियां, पेपर लीक और रिजल्ट में देरी जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है. छात्र लगातार परीक्षा केंद्रों का गलत आवंटन, तकनीकी गड़बड़ियां, परीक्षाओं का अचानक रद्द होना, आंसर की में गलतियां और छात्राओं की सुरक्षा आदि मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
देखें पूरा वीडियो-
Also Read
-
TV Newsance 323 | Distraction Files: India is choking. But TV news is distracting
-
‘Talks without him not acceptable to Ladakh’: Sonam Wangchuk’s wife on reality of normalcy in Ladakh
-
When media ‘solves’ terror cases, Kashmiris are collateral damage
-
Public money skewing the news ecosystem? Delhi’s English dailies bag lion’s share of govt print ads
-
Month after govt’s Chhath ‘clean-up’ claims, Yamuna is toxic white again