Ground Report
दिल्ली में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, एक की मौत, ट्रैफिक और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित
राजधानी दिल्ली में गुरुवार तड़के शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी. अलसुबह शुरू हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में दिनभर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही. मौसम विभाग ने इस बारे में 'रेड अलर्ट' भी जारी किया था.
बारिश के दौरान दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया. यहां सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ गिर गया. पास से गुजर रहे बाइक सवार पिता-पुत्री इसकी चपेट में आ गए. हादसे में 55 वर्षीय सुधीर कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई.
शहर भर में पेड़ गिरने की घटनाएं
न्यूज़लॉन्ड्री की टीम ने ग्राउंड पर स्थिति का जायज़ा लिया. दक्षिणी दिल्ली स्थित आईआईटी फ्लाईओवर, अरविंदो मार्ग और अधचिनी के पास दिल्ली नगर निगम स्कूल के सामने कुल तीन पेड़ों के गिरने की घटनाएं सामने आईं. अरविंदो मार्ग पर दो पेड़ों के गिरने से एक ओर का ट्रैफिक पूरी तरह बाधित रहा, जिससे पूरे इलाके में लंबा जाम लग गया.
डिजास्टर मैनेजमेंट और दिल्ली पुलिस की टीमें राहत कार्यों में जुटी नजर आईं. स्टाफ की कमी के चलते अधिकारियों को स्थानीय नागरिकों और बाइक सवार राहगीरों की मदद लेनी पड़ी. एमसीडी के कर्मचारी मांगेराम ने बताया कि जब वह सुबह मौके पर पहुंचे, तब बारिश जारी थी और उसी दौरान पेड़ गिरा. गनीमत रही कि पास में मौजूद स्कूल में कोई हादसा नहीं हुआ.
इंटरनेट सेवाएं भी बाधित
पेड़ों के गिरने से बिजली और इंटरनेट के तार टूट गए जिससे कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गईं. एक टेक्नीशियन ने बताया कि वह बारिश के दौरान ही 2 घंटे से मरम्मत कार्य में लगा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है. उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी भी जताई.
ट्रैफिक जाम से जनता बेहाल
इसके बाद न्यूज़लॉन्ड्री की टीम एयरपोर्ट से धौला कुआं वाले सुब्रतो मार्ग पर पहुंची. इस रूट पर जलभराव के कारण भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही. न्यूज़लॉन्ड्री की टीम ने पाया कि कई वाहन चालक 5 से 7 घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहे.
निजामुद्दीन निवासी शमी ने बताया कि वह तीन घंटे से जाम में फंसे हुए हैं. वहीं कैंट निवासी सूर्य प्रताप ने बताया कि वह सुबह से भूखे हैं और दो किलोमीटर की दूरी तय करने में चार घंटे लग चुके हैं.
एक टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि वह सुबह 8 बजे द्वारका से निकले थे और महिपालपुर की ओर जा रहे थे, लेकिन आठ घंटे में केवल 10-12 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाए.
जल निकासी के प्रयास जारी
एनएचएआई के कर्मचारी ट्रैक्टरों की मदद से पानी निकालने के कार्य में जुटे हुए हैं. कर्मचारी राजकुमार ने बताया कि सुबह 7 बजे से जलनिकासी का कार्य जारी है. वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र यादव ने कहा कि यह पहली बार है जब फ्लाईओवर से इतनी भारी मात्रा में पानी जमा हुआ है. उन्होंने आशा जताई कि आगामी डेढ़ घंटे में बचा हुआ पानी निकाल लिया जाएगा.
बता दें कि दिल्ली में बृहस्पतिवार तड़के से ही बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने ‘ओरेंज’ अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की चेतावनी दी थी. मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटे की अवधि के दौरान दिल्ली के सफदरजंग में 13.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, आया नगर में 57.4 मिमी, पालम में 49.4 मिमी, लोधी रोड पर 12 मिमी, प्रगति मैदान में 9 मिमी और पूसा में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई.
कुल मिलाकर गुरुवार को भारी बारिश ने दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था, जनसंचार सेवाएं और सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. ऐसे में नागरिकों की समस्याएं और प्रशासनिक तैयारियों की पोल भी इस बारिश ने खोलकर रख दी है.
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