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एनएल चर्चा 373: अमेरिका में ट्रंप के खुलते पत्ते और मौसम के बिगड़ते समीकरण
इस हफ़्ते चर्चा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों और पर्यावरण में हो रहे परिवर्तन, असमय बारिश और तापमान में आई कमी जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा न्यूयॉर्क के कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ पर लगाई रोक, ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के प्रवेश पर 15 प्रतिशत तक रोक लगाने की मांग की, एलन मस्क ने ट्रंप प्रशासन से दिया इस्तीफ़ा, दिल्ली की एक अदालत ने बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ पॉक्सो के मामले को बंद करने की दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट को स्वीकार किया, एफसीआरए के नियमों में हुआ बदलाव, भारत और कई अन्य देशों में कोविड के मामले बढे, बीते रविवार और सोमवार मुंबई में हुई भयंकर बारिश, दिल्ली में पिछले 15 सालों में सबसे ठंडा मई का महीना रहा और अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन आरोपियों को उम्रक़ैद की सज़ा आदि ख़बरें भी हफ्ते भर सुर्ख़ियों में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार एमके वेणु और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन सेटलमेंट के डीन जगदीश कृष्णास्वामी शामिल हुए. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
अमेरिका में ट्रंप के फैसलों से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अमेरिका में बड़ी उथल पुथल मची है, एक तरफ ट्रंप ने स्टूडेंट वीज़ा पर रोक लगा दी है और दूसरी तरफ ट्रंप की रेसिप्रोकल टैरिफ योजना पर कोर्ट ने रोक लगा दी है. इसके क्या नतीजे हो सकते हैं भारत के नज़रिए से?”
इस विषय पर वेणु कहते है, “ट्रंप ने जो इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल किया है और पूरी दुनिया के देशों पर टैरिफ लगाया है, उस पर कोर्ट ने कहा है आप ये नहीं कर सकते कि पूरी दुनिया को एक तरफ से टैरिफ लगा दें. ट्रंप ने कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स-
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
05:30 - सुर्खियां
15:40 - अमेरिका में चल रही उथल-पुथल
57:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
1:13:20- मौसम का बिगड़ा समीकरण
01:38:41 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
सीरीज़ - मॉबलैंड
न्यूज़लॉन्ड्री पर विवेक कौल का लेख
अनुपम मिश्रा की किताब - अच्छे विचारों का अकाल
एम के वेणु
जेफ्री सैक का यूरोपियन पार्लियामेंट में दिया गया भाषण
जगदीश कृष्णास्वामी
अतुल चौरसिया
न्यूज़लॉन्ड्री डॉक्यूमेंट्री - फरेब की उड़ान
अनुपम मिश्रा की किताब - आज भी खरे हैं तालाब
सोपान जोशी की किताब - जल थल मल
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
संपादन: आशीष आनंद
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