Khabar Baazi
संजय पुगलिया बने अडाणी समूह के कॉरपोरेट ब्रांड कस्टोडियन
अडाणी समूह ने वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया को अपनी कॉरपोरेट ब्रांड छवि का संरक्षक यानि कॉरपोरेट ब्रांड कस्टोडियन (सीबीसी) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति 26 मई 2025 से प्रभावी होगी. एक्सचेंज फॉर मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस नई भूमिका में पुगलिया सीधे प्रणव अडाणी को रिपोर्ट करेंगे.
पुगलिया अडाणी समूह की मीडिया शाखा एएमजी मीडिया नेटवर्क्स के सीईओ पद पर पहले से कार्यरत हैं, और अब वे दोनों भूमिकाएं साथ निभाएंगे.
चार दशकों के अपने करियर में पुगलिया ने एनडीटीवी, सीएनबीसी आवाज़, स्टार न्यूज़, ज़ी न्यूज़, आज तक, बिजनेस स्टैंडर्ड और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है. वे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म द क्विंट के संस्थापकों में भी रहे हैं.
हालांकि, पुगलिया की पहचान एक उदारवादी संपादकीय सोच और स्वतंत्र पत्रकारिता के पक्षधर के रूप में रही है, लेकिन 2021 में उन्होंने अडाणी समूह के मीडिया उद्यम से जुड़कर सबको चौंका दिया था. एनडीटीवी के अधिग्रहण में उनकी प्रमुख भूमिका मानी जाती है.
एनडीटीवी की कमान अडाणी समूह के हाथों में आने के बाद चैनल की संपादकीय दिशा में व्यापक बदलाव देखा गया. कई वरिष्ठ पत्रकारों के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रित कवरेज में बढ़ोतरी ने मीडिया जगत में हलचल मचा दी.
पुगलिया के इस बदलाव को लेकर पत्रकारिता जगत में चर्चा जोरों पर है. कुछ लोग इसे ‘व्यावसायिक यथार्थवाद’ मानते हैं, तो कुछ को यह उनकी वैचारिक यात्रा में एक अप्रत्याशित मोड़ लगता है. वहीं, कुछ जानकारों का मानना है कि यह अडाणी समूह की ‘नैरेटिव कंट्रोल’ रणनीति का हिस्सा है.
इस बीच ख़बर आ रही है कि आज तक से इस्तीफा देकर एनडीटीवी पहुंचे राहुल कंवल को एनडीटीवी ग्रुप का नया सीईओ और प्रधान संपादक नियुक्त किया गया है.
संजय पुगलिया की भूमिका पर पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
भ्रामक और गलत सूचनाओं के इस दौर में आपको ऐसी खबरों की ज़रूरत है जो तथ्यपरक और भरोसेमंद हों. न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और हमारी भरोसेमंद पत्रकारिता का आनंद लें.
Also Read
-
‘Secret censorship’: The quiet crusade to scrub cartoons and dissent off social media
-
I-T dept cracked down on non-profits with a law that didn’t apply. Tribunals kept saying no
-
How much do candidates spend in elections?
-
Defections, bulldozers and a party in decline: Does Gaurav Gogoi have answers for all?
-
TV Newsance 338: Dhurandhar 2 just did a surgical strike on Lashkar-e-Noida