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ऑपरेशन सिंदूर: ‘हमने नपा-तुला, नॉन एस्कलेटरी, अनुपातिक और संयमित हमला किया है’
‘कुछ देर पहले भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचों पर हमला करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. यहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें निर्देशित किया गया. कुल मिलाकर, नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया है. किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है. भारत ने लक्ष्यों के चयन और निष्पादन के तरीके में काफी संयम दिखाया है. ये कदम पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए हैं जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी. हम इस प्रतिबद्धता पर खरे उतर रहे हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. आज बाद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी.’
केंद्र सरकार ने देर रात 1:44 बजे प्रेस रिलीज जारी कर ये जानकारी दी.
सरकार ने बताया कि पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई है. इसके बाद आज सुबह 10:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन हवाई हमलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से जानकारी
ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में जानकारी देने के लिए विदेश सचिव विवेक मिस्री के अलावा भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स से विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने हिस्सा लिया. सबसे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, ‘पहलगाम हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कठघरे में लाया जाए. हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या नियंत्रण वाले क्षेत्र में कार्रवाई करने के कोई कदम नहीं उठाया गया उल्टे वो इनकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहे हैं. आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के खिलाफ आगे भी हमले हो सकते हैं. अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया.’
उन्होंने आगे कहा, ‘ये कार्रवाई नपी-तुली, नॉन एस्कलेटरी यानि गैर भड़काऊ, अनुपातिक और जिम्मेदारीपूर्ण है. ये आंतकवाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है.’
इसके बाद भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने हिंदी और एयरफोर्स से विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अंग्रेजी में इस ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. सोफिया कुरैशी ने हमले का निशाना बने 9 ठिकानों का नाम और उनकी भूमिका सहित सिलसिलेवार वर्णन किया.
कुरैशी ने कहा, ‘इस कार्रवाई में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर में फैले हैं. इन लक्ष्यों का चयन विश्वनीय सूचनाओं के आधार पर हुआ. ये खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों को नुकसान न पहुंचे.’
पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर में इन ठिकानों को बनाया निशाना
सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद
सैयदना बिलाल कैंप, जफराबाद
कोटली गुलपुर
बरनाला कैंप, बिंभर
अब्बास कैंप, कोटली
पाकिस्तान में इन ठिकानों को बनाया निशाना
सरजल कैंप, सियालकोट
महमूना जोया, सियालकोट
मरकज़-ए- तैयबा, मुरीदके
मरकज़ सुभान अल्लाह, बहावलपुर
कुरैशी ने बताया कि बहावलपुर मौलाना मसूद अजहर के नेतृत्व वाले जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ रहा है. लाहौर के पास स्थित मुरीदके, लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय है, जो 26/11 मुंबई हमलों के पीछे हाफिज सईद के नेतृत्व वाला आतंकी समूह है. शहर में मरकज-ए-तैयबा भी है, जो लश्कर का मुख्य गढ़ है. कोटली, पीओके में नियंत्रण रेखा के पार जम्मू के सामने स्थित है, जबकि मुजफ्फराबाद की सीमा जम्मू और कश्मीर के बारामुला और कुपवाड़ा जिलों से लगती है.
इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तान द्वारा की गई अंधाधुंध गोलीबारी में जम्मू-कश्मीर में कम से कम तीन भारतीयों की मौत हो गई. बाद में इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया कि यह संख्या बढ़कर सात हो गई है.
उल्लेखनीय है कि टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और अमर उजाला जैसे कुछ अखबारों ने हमले की ख़बर को अपने पहले पन्ने पर जगह दी, जबकि मंत्रालय का बयान रात करीब 1.44 बजे आया.
पाकिस्तान ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे ‘युद्ध की कार्रवाई’ बताया और इसमें आठ लोगों की मौत हो गई. डॉन ने एक सैन्य प्रवक्ता के हवाले से कहा कि सुबह करीब 4 बजे ‘स्थिति का आकलन’ दिया गया, जिसमें आठ नागरिकों की मौत की सूचना दी गई. बाद में इसने आईएसपीआर डीजी के दावे का हवाला दिया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है, जबकि घायलों की संख्या 40 से अधिक बताई गई है.
विमान सेवाएं प्रभावित, स्कूल बंद
भारतीय विमान सेवाओं ने हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के बीच कई उड़ानें रद्द कर दीं. एयर इंडिया ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एयरलाइन ने दोपहर तक जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं. स्पाइसजेट के अनुसार, धर्मशाला, लेह, जम्मू, श्रीनगर और अमृतसर सहित उत्तर भारत के कई हवाई अड्डे अगली सूचना तक बंद हैं. इंडिगो ने भी कहा है कि उसकी उड़ानें प्रभावित हुई हैं.
जम्मू के पांच सीमावर्ती जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं. डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने एक्स पर लिखा, 'मौजूदा स्थिति को देखते हुए जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान आज बंद रहेंगे.' राजस्थान के जैसलमेर में सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित किया गया है.
ट्रम्प ने कहा: 'उम्मीद है कि यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 'यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा'. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'यह शर्मनाक है...आप जानते हैं कि वे कई दशकों और सदियों से लड़ रहे हैं, अगर आप वास्तव में इसके बारे में सोचते हैं. अब, मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि यह बहुत जल्दी खत्म हो जाए.'
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की. रुबियो ने कहा, 'मैं भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा हूं. मैं आज पहले राष्ट्रपति द्वारा की गई टिप्पणियों से सहमत हूं कि उम्मीद है कि यह जल्दी खत्म हो जाएगा और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारतीय और पाकिस्तानी नेतृत्व दोनों से बातचीत जारी रहेगी.'
इस बीच, भारत में सरकार के इस कदम की सभी पार्टियों के नेताओं ने सराहना की.
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, 'हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है. ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की क्रूर हत्या का भारत का जवाब है. मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'भारत माता की जय' जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'दुनिया को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखानी चाहिए'.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सशस्त्र बलों पर गर्व व्यक्त किया. रक्षा अधिकारियों द्वारा ऑपरेशन की पुष्टि किए जाने के तुरंत बाद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है. जय हिंद!'
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हमलों का स्वागत किया और कहा, 'मैं हमारी रक्षा सेनाओं द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर किए गए लक्षित हमलों का स्वागत करता हूँ। पाकिस्तानी डीप स्टेट को ऐसी सख्त सीख दी जानी चाहिए कि फिर कभी दूसरा पहलगाम न हो। पाकिस्तान के आतंक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर देना चाहिए। जय हिन्द!'
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