Khabar Baazi
मध्य प्रदेश में पत्रकार के घर में लगाई आग, दावा- रिपोर्टिंग से खफा थे कुछ लोग
मध्य प्रदेश के पत्रकार और यूट्यूबर रवि कुमार पांडे का घर आग के हवाले कर दिया गया. सीधी जिले में स्थित घर को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का आरोप लगाया है.
वहीं, पांडे ने अंग्रेजी अख़बार द हिन्दू को बताया कि उनके परिवार का गांव के मुखिया वीरेंद्र सिंह और उनके भाई अरविंद सिंह से पुराना विवाद चल रहा है. पांडे का कहना है कि 8 महीने पहले दोनों ने ग्राम पंचायत के पानी के टैंकर पर की गई एक रिपोर्ट को लेकर धमकी दी थी. पांडे के यूट्यूब चैनल तरंग 24 न्यूज चैनल के डेढ़ लाख से ज्यादा सबस्क्राइबर्स हैं. वह, सीधी जिले के मुद्दों को लेकर चैनल पर रिपोर्ट करते हैं.
पांडे का घर जलाने की घटना शुक्रवार रात को हुई. हालांकि, इस आगजनी से पांडे का परिवार बच निकलने में कामयाब रहा.
पांडे ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “आग लगाने वालों में चार लोगों के नाम हैं. जिनमें से एक व्यक्ति, तीन दिन पहले उसने मुझे धमकी दी थी. जिसकी रिकॉर्डिंग मेरे पास मौजूद है. इस आग से मेरा पूरा परिवार झुलस सकता था. लेकिन रात ज्यादा नहीं हुई थी इस कारण सभी जग रहे थे और जान बचाकर घर से बाहर भागे. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में पत्रकार का परिवार तक सुरक्षित नहीं है. एक पत्रकार आज बेघर हो गया.”
सीधी के एसपी रविंद्र ने मीडिया को बताया कि मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है. पांडे के अंकल ने शिकायत दाखिल की थी. एसपी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने पहले एक परिवार पर संदेह जताया था, जिसके साथ उनका पुराना भूमि विवाद है.
वहीं, पांडे ने कहा कि वह इस घटना में शामिल लोगों के नाम शिकायत में लिखवाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने अंकल को यह कहते हुए राज़ी कर लिया कि ऐसा करने पर मुआवज़ा नहीं मिलेगा.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा, “सीधी के पत्रकार रवि कुमार (पांडेय) के घर में आग लगाने की घटना अत्यंत निंदनीय है. यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर क्रूर हमला है और प्रदेश में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रमाण है. रवि कुमार को तत्काल न्याय मिलना चाहिए."
Also Read
-
Hey Cockroaches, while you were protesting, Godi-Jeevis were eating Melody 🪲 TV Newsance 343
-
Hafta 590: The Norway question that shook Modi’s tour and Press Freedom
-
CJP can endure the meme cycle. But can it articulate what kind of India it’s fighting for?
-
Your favourite viral column might have been written by AI. Now what?
-
A trail of grief, little accountability: The Marion Biotech story after 68 children deaths