Video
जामिया कैंपस में पुलिस, हिरासत में छात्र और अभिव्यक्ति पर संकट का सवाल
जामिया मिलिया इस्लामिया में बीते कुछ दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गुरुवार तड़के दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पुलिस की इस कार्रवाई पर रोष जताते हुए जामिया, दिल्ली विश्वविद्यालय, अंबेडकर यूनिवर्सिटी और जेएनयू के छात्रों ने दिन में कालकाजी पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया.
छात्रों का कहना था कि उनके 15 साथियों को दिल्ली पुलिस ने सुबह करीब 5:00 बजे हिरासत में लिया लेकिन पुलिस इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है कि उन्हें कहां रखा गया है.
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेहा ने कहा, “जामिया के छात्र हर साल 15 दिसंबर को एक मार्च निकालते हैं. ये मार्च साल 2019 सीएए- एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान जब 15 मार्च को दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों को पीटा था, उसके विरोध में यादगार के तौर पर निकाला जाता है. इस साल भी यह आयोजन 15 दिसंबर 2024 को होने वाला था लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसकी इज़ाजत नहीं दी. इसके बाद एक छोटा सा प्रदर्शन 16 दिसंबर को हुआ. इस प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो छात्रों के खिलाफ कारण बताओं नोटिस जारी किया.”
वह आगे बताती हैं, “इस नोटिस के खिलाफ 10 फरवरी को जामिया के कई छात्र कैंपस के अंदर सेंट्रल लाइब्रेरी के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए. चूंकी यह प्रदर्शन अनिश्चितकालीन था, इसलिए स्टूडेंट वहां पर दिन-रात प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन आज तड़के के सुबह दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को खत्म करने के साथ-साथ वहां मौजूद छात्रों को हिरासत में ले लिया.”
छात्रों को हिरासत में लिए जाने के बाद कैंपस में दिन भर माहौल गरम रहा और दूसरी तरफ कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई.
छात्रों का कहना था कि वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पुलिस की मदद से उनके अधिकार को कुचलने की कोशिश कर रहा है.
आखिर क्या है पूरा मामला, जानने के लिए देखिए हमारी यह वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
TV Newsance 312: Kalli vs NDTV and Navika loves Ranveer
-
As Trump tariffs hit India, Baba Ramdev is here to save the day
-
The Rs 444 question: Why India banned online money games
-
Hafta letters: App glicthes, being unbiased, new favourites
-
In Bihar, over 1,000 voters in a single house that doesn’t exist