Khabar Baazi
आजतक, इंडिया टुडे और सुधीर चौधरी को एलजीबीटीक्यू+ समुदाय पर की गई टिप्पणियों को हटाने के आदेश
न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) ने न्यूज़ चैनल आजतक, इंडिया टुडे और एंकर सुधीर चौधरी को अपने कार्यक्रमों में एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के प्रति संवेदनशीलता दिखाने को कहा है.
अथॉरिटी ने चैनल के कुछ कार्यक्रमों के दौरान एंकर द्वारा की गई टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है. एनबीडीएसए ने कहा की इन कार्यक्रमों में न सिर्फ समुदाय के सम्मान को आहत करने वाली टिप्पणियां की गई है बल्कि यह समाज में भी एक गलत संदेश पहुंचाती हैं. जिसके चलते न्यूज़ चैनल को अपने कार्यक्रमों में से उन आपत्तिजनक अंश को हटाने के लिए कहा गया है.
एनबीडीएसए ने तीन प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में बात कही है. इन कार्यक्रमों में ब्लैक एंड वाइट का 19 अप्रैल को प्रसारित एपिसोड शामिल है. एनबीडीएसए ने पाया कि कार्यक्रम के दौरान एंकर सुधीर चौधरी सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह पर चल रही कार्यवाही के बारे में बात कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाई और अपमानजनक टिप्पणियां की.
दूसरा कार्यक्रम सीधी बात का 22 अप्रैल, 2023 को यूट्यूब पर पब्लिश एपिसोड है, यह तत्कालीन कानून मंत्री किरेन रिजिजू से बातचीत थी. एनबीडीएसए ने पाया कि एंकर ने इस दौरान कुछ न्यायिक टिप्पणियों का प्रस्तुतीकरण सही तरीके से नहीं किया है और इसी क्रम में यह कहना कि “यह देश किसी के बाप का नहीं है” गलत था.
तीसरा कार्यक्रम, इंडिया टुडे कर्नाटक राउंडटेबल का एपिसोड है. यह गृह मंत्री अमित शाह के साथ था. जिसमें समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर चर्चा करते समय एंकर ने कई विवादास्पद टिप्पणियां की.
अथॉरिटी ने निर्देश दिया है कि इन कार्यक्रमों के आपत्तिजनक हिस्सों को सात दिनों के भीतर चैनल द्वारा हटा लिया जाए. इसके अलावा, एंकर को भविष्य में अधिक जिम्मेदारी के साथ इस तरह के विषयों पर चर्चा करने की सलाह दी गई.
एनबीडीएसए ने यह भी कहा कि एक अनुभवी एंकर को कानून द्वारा स्वीकृत अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी समुदाय के प्रति अनादर या भेदभाव नहीं दिखाना चाहिए.
Also Read: सनम बेवफ़ा कौन? दिलीप मंडल या सुधीर चौधरी
Also Read
-
‘Aaj jail, kal bail’: Tracking 30+ FIRs against Pinki Chaudhary
-
‘Precautionary step’ or ‘fascist clampdown’? Confrontation with YouTuber leads to a protest ban at DU
-
In clearing Great Nicobar project, NGT continues its streak of failed merit review
-
‘Kids sleepless, blasting at night’: Homes at the doorstep of Aravalli mining 24x7
-
From ‘Nation First’ to ‘Brahmanvaad Zindabad’: Inside the chaos at DU