NL Charcha
एनएल चर्चा 354 : इज़राइल, हमास के बीच युद्धविराम और हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म होगी बंद
इस हफ्ते इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम पर औपचारिक सहमति बनने, भारतीय उद्योगपति गौतम अडाणी और उनकी कंपनी समेत दुनियाभर के कई समूहों पर खुलासे करने वाली हिंडनबर्ग रिसर्च संस्था बंद किए जाने की घोषणा और भाजपा द्वारा कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर अपरिपक्व होने के आरोप को लेकर विस्तृत बातचीत हुई.
इसके अलावा मणिपुर के एक गांव में वर्ष 2025 का पहला हमला, अमेरिकी उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो ने तीन भारतीय परमाणु संस्थाओं को अपनी प्रतिबंध सूची से हटाया, छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा शहर से विधायक रहे कवासी लखमा दो हज़ार एक सौ इकसठ करोड़ रुपये के शराब घोटाले के आरोप में गिरफ्तार, जम्मू-कश्मीर के अस्पताल में एक नौ वर्षीय बच्ची की रहस्यमयी तरीके से हुई मौत, बांग्लादेश में संविधान सुधार आयोग द्वारा जमा की गई गई रिपोर्ट में धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद शब्द को हटाने की अपील, हरियाणा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर सामूहिक बलात्कार का आरोप और त्रिपुरा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायकों की पेंशन और उसमें बढ़ोत्तरी के नियम में बदलाव आदि ख़बरें भी हफ्तेभर तक चर्चा का विषय रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार निरुपमा सुब्रमण्यम, टीके राजलक्ष्मी और हृदयेश जोशी ने हिस्सा लिया. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “आज जब इज़राइल और हमास के बीच शांति समझौता हुआ है, किस तरह की उम्मीदें हैं, क्या यह अस्थायी है या लंबे समय तक कायम रहने वाला है?”
इसके जवाब में निरुपमा कहती हैं, “यह शांति समझौता 2023 में ही हो जाना चाहिए था, इसमें इतनी देर इन्होने लगाई है, पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में दम नहीं था कि वह इजराइल को बोलता कि इसे बंद करो. पहले बॉम्बिंग का सिलसिला जो शुरू हुआ वह आत्म सुरक्षा के नाम पर था लेकिन उसके बाद यह आत्म सुरक्षा से बहुत आगे चला गया, जिसमें 50 हज़ार से ज़्यादा लोग मर गए.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स
00:00 - इंट्रो और जरूरी सूचना
05:52 - सुर्खियां
14:36 - इज़राइल-हमास संघर्ष विराम
40:16 - भारतीय परमाणु संस्थाओं से अमेरिका ने प्रतिबंध हटाए
49:03 - दिल्ली आने के बाद पहला अनुभव
58:18 - सब्सक्राइबर्स के लेटर
01:01:19 - हिंडनबर्ग रिसर्च संस्था
01:13:38 - राहुल गांधी पर भाजपा का आरोप
01:32:59 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
निरुपमा सुब्रमण्यम
वेब सीरीज़ - माइग्रेट
टीके राजलक्ष्मी
फिल्म : द ज़ोन ऑफ़ इंटरेस्ट
शार्दूल कात्यायन
द हिन्दू में लेख - रेज़िस्टिंग ट्रांसपेरेंसी, एरोडिंग पब्लिक ट्रस्ट
न्यूज़लॉन्ड्री पर आनंद वर्धन का लेख
मिनी सीरीज - डून प्रोफेसी
विकास जांगड़ा
न्यूज़लॉन्ड्री पर संदीप दीक्षित का इंटरव्यू
अतुल चौरसिया
नेतन एंडरसन का लेटर
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: आशीष आनंद
Also Read
-
‘A small mistake can cost us our lives’: Why gig workers are on strike on New Year’s Eve
-
From Nido Tania to Anjel Chakma, India is still dodging the question of racism
-
‘Should I kill myself?’: How a woman’s birthday party became a free pass for a Hindutva mob
-
I covered Op Sindoor. This is what it’s like to be on the ground when sirens played on TV
-
Cyber slavery in Myanmar, staged encounters in UP: What it took to uncover these stories this year