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भारतीय खेलों के लिए 2024: सूर्य का कैच, विनेश की मुस्कान, नवदीप का जश्न और आश्विन का संन्यास
क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद जमीन चूमते रोहित शर्मा की तस्वीर, ओलिंपिक सेमीफाइनल में विनेश फोगाट का आखिरी दांव, सूर्य कुमार यादव का वर्ल्ड कप फाइनल का कैच और महिला क्रिकेटर राधा यादव का उछलकर लिया वो कैच. क्या कोई खेल प्रेमी इन पलों को भूला पाएगा? इसका जवाब नहीं ही होगा.
इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि इस साल भारत ने खेल जगत में क्या कुछ हासिल किया. भारतीय खिलाड़ियों ने इस साल देश को बहुत सारी खुशनुमा यादें दी हैं. रोहित सेना ने 2024 में 13 साल का सूखा खत्म कर वर्ल्ड कप भारत के नाम किया.
वर्ल्ड कप का फाइनल मैच फंसा हुआ था. इसी बीच एक गेंद हवा को चूमते हुए बॉउंड्री की तरफ गई. उसके पीछे थे सूर्य कुमार यादव. सांस अटक गई थी. कैच हाथ आया और वर्ल्ड कप भारत आया.
सूर्य कुमार यादव के कैच की बात कर रहे हैं तो महिला क्रिकेटर राधा यादव का वो कैच कैसे भूल सकते हैं. हवा में उछलते हुए वो कैच.
हालांकि, महिला क्रिकेट टीम के लिए यह साल कुछ ठीक नहीं रहा. महिला एशिया कप और महिला टी-20 वर्ल्ड कप मेंं भारत को हार का सामना करना पड़ा. खैर अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम ने उम्मीद जगाई है, एशिया कप में जीत हासिल की है. और यही टीम अगले साल होने वाले अंडर-19 के टी-20 वर्ल्ड कप में खेलगी. उम्मीद है इधर भी सूखा खत्म होगा और वर्ल्ड कप भारत आएगा.
साल 2024 में भारतीय निशानेबाज मनु भाकर ने रिकॉर्ड बनाया. एक ही ओलिंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं. मनु इन दिनों खेल रत्न पुरस्कार को लेकर चर्चा में हैं. उनके पिता ने नाराजगी भी जताई. खेलों की अपनी अलग राजनीति है जो खिलाड़ियों को समझ नहीं आती है, सिर्फ नेता समझते हैं. पर सरकार उन्हें पुरस्कार दे या न दें, वो भारतीयों के लिए अनमोल रत्न पहले से बन चुकी हैं.
सरपंच साहब की लीडरशिप में भारतीय हॉकी टीम गोल्ड तक पहुंचते-पहुंचते रह गई पर हमें कांस्य पदक फिर भी इस साल मिला. यह देश में एक बार फिर से मजबूत हो रही हॉकी खेल की संस्कृति का संकेत है.
ओलिंपिक 2024 में. एक सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज मेडल भारत ने जीते. 2020 में भारत ने सात मेडल जीते थे. जिसमें एक गोल्ड भी था. इस बार हमारे गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा सिल्वर लेकर आए.
ओलिंपिक में नतीजे मनमुताबिक नहीं रहे लेकिन पैरालंपिक ने इस कमी को पूरा कर दिया. भारत को इसमें मिले 29 मेडल. इसमें सात तो गोल्ड मेडल थे.
साल खत्म होते-होते शतरंज के शाहंशाह बने गुकेश. 18 साल की उम्र, जब भारत सरकार वोट देने का अधिकार नहीं देती उसी उम्र में गुकेश शतरंज के विश्व चैंपियन बने. उन्होंने 11 साल की उम्र में जो कहा था वो पूरा किया.
इसके अलावा भी कई उपलब्धियां रहीं. कई खिलाड़ियों ने भारत का मान बढ़ाया. वहीं कुछ खिलाड़ी रिटायर हो गए. साल के आखिरी में भारत के महान स्पिनर में से एक आर. अश्विन ने सीरीज के बीच में संन्यास की घोषणा करके सबको हैरत में डाल दिया. उनको एक बेहतर विदाई मिलनी चाहिए थी. दिनेश कार्तिक, शिखर धवन समेत कई अन्य क्रिकेटर्स ने संन्यास की घोषणा की. विराट, रोहित शर्मा और रविंद्र जडेजा ने टी- 20 से संन्यास ले लिया.
भारतीय हॉकी की दीवार कहे जाने वाले महान खिलाड़ी पीआर श्रीजेश ने भी संन्यास ले लिया.
कुल मिलाकर खेलों के नजरिए से 2024 बेहद सुकून और भरोसा पैदा करने वाला साल रहा. आप भी इन खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाइए. हैप्पी न्यू ईयर.
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