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'आज़ादी' की 'खूनी जंग' के बीच फंसा मणिपुर: 18 महीने बाद कैसे हैं हालात?
मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. मैती और कुकी समुदाय के बीच नफरत की ऐसी खाई पैदा हो गई है जिसे पाटना मुश्किल नजर आ रहा है.
ये खाई न सिर्फ दोनों समुदायों के बीच भाईचारे बल्कि अब तो रोजी-रोटी और शांति की आस को भी निगलने लगी है.
बीते साल 3 मई से शुरू हुई हिंसा धीरे-धीरे कुकी और मैती के बीच जंग की वजह बन गई. हिंसा बढ़ती गई और वैसे ही दोनों समुदायों के बीच नफरत भी. डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी यहां हालात में सुधार नहीं हुए हैं.
दोनों ही समुदाय अब अपने लिए अलग-अलग राज्य की मांग कर रहे हैं. इस बीच वहां जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ पड़ा है. लोग घरों को छोड़कर शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं.
स्वतंत्र पत्रकार स्मिता शर्मा ने मणिपुर पहुंचकर दोनों समुदायों से बात की और हिंसा के बाद पैदा हुए हालातों को समझने की कोशिश की.
नोट: मणिपुर पर यह वीडियो रिपोर्ट पहले स्मिता शर्मा के यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित हुई थी.
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