Khabar Baazi
‘ओझा सर’ का बीबीसी के साथ ‘अधूरा’ इंटरव्यू, सोशल मीडिया पर आलोचना
हाल ही में आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने वाले अवध ओझा आजकल खूब इंटरव्यू दे रहे हैं. बीते दो-तीन दिन से हर चैनल उनसे इंटरव्यू करने आ रहा है. इसी बीच बीबीसी हिंदी भी उनसे बातचीत करने के लिए पहुंचा. लेकिन ये इंटरव्यू बीच में ही रुकवा दिया गया. इतना ही नहीं ‘ओझा सर’ ने पार्टी के एक अनुशासित सिपाही का परिचय दिया और बातचीत तुरंत रोक दी. मालूम हो कि अवध ओझा की पहचान एक यूपीएससी शिक्षक के तौर पर है.
लेकिन बीते कुछ समय से उनके राजनीति में आने को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही थी. लोकसभा चुनाव में टिकट मांगने की बात सार्वजनिक होने के बाद उनके कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस में शामिल होने की ख़बरें आ रही थीं.
बीबीसी उनसे इन्हीं अटकलों और आम आदमी पार्टी में शामिल होने की वजहों को लेकर इंटरव्यू करने पहुंचा था. संवाददाता अंशुल सिंह ने अवध ओझा से बातचीत का सिलसिला शुरू किया. अभी बातचीत को मुश्किल से 6-7 मिनट ही हुए थे कि इंटरव्यू बीच में ही रुकवा दिया गया. बीबीसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने यूट्यूब पर चैनल पर प्रकाशित किया है.
क्या है वीडियो में?
वीडियो में बीबीसी संवाददाता अंशुल सिंह, अवध ओझा से सवाल पूछते हैं कि क्या पहले की तरह अब भी वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ करना जारी रखेंगे. ओझा इसका जवाब दे रहे होते हैं. वे कहते हैं कि तारीफ करना एक अच्छे इंसान की निशानी है. पता नहीं क्यों आज के लोग तारीफ को इतना बुरा क्यों मानते हैं.
ओझा आगे कहते हैं कि तारीफ करना एक सकारात्मक सोच वाले इंसान की निशानी है. राजनीति में किसी की किसी से दुश्मनी थोड़ी है. वो अपनी बात के पक्ष में तर्क दे रहे होते हैं कि कैसे सचिन तेंदुलकर ने ब्रायन लारा की तारीफ की. जब उन्होंने दोबारा 400 रन बनाए. इसी बीच एक आवाज आती है- रोक दीजिए. ओझा किसी की ओर देखते हैं और चुप हो जाते हैं. पीछे से एक आवाज आती है. वो रिपोर्टर अंशुल सिंह को कहते सुने जा सकते हैं, “रोक दीजिए...आपको मैंने बोला था ना मतलब.. उल्टा सीधा सवाल नहीं करने के लिए..”
रिपोर्टर अंशुल इस पर कहते हैं कि ये तो सामान्य सी बात है.. इसके बाद वो अवध ओझा से भी पूछते हैं कि क्या उन्होंने कोई आपत्तिजनक सवाल पूछा.. इसके बाद ओझा कहते हैं, “ये देखो.. मैं एक बात बताऊं.. पार्टी लाइन डिसाइड करेगी.. ये तो ये लोग डिसाइड करेंगे..”. और इतना कहकर ओझा माइक उतार देते हैं. बीबीसी ने जानकारी दी कि इसके बाद पार्टी के लोगों ने इंटरव्यू वहीं रुकवा दिया.
वीडियो पर दर्ज इस घटनाक्रम को लेकर हमने बीबीसी के रिपोर्टर अंशुल सिंह और अवध ओझा से संपर्क किया. हालांकि, उन्होंने हमसे बातचीत करने से मना कर दिया.
सोशल मीडिया पर आलोचना
वहीं, वीडियो सामने आने के बाद लोग ओझा और आम आदमी पार्टी की आलोचना कर रहे हैं. अल्ट न्यूज़ से जुड़े पत्रकार अभिषेक अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखते हैं, “आम आदमी पार्टी ने बीबीसी के अंशुल सिंह का अवध ओझा के साथ इंटरव्यू रोक दिया, बोला कोई उल्टा-सीधा सवाल नहीं करने. ओझा जी झट से माइक उतार दिए. (सवाल था अवध ओझा द्वारा पूर्व में राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी की तारीफ पर). उल्टा-सीधा सवाल क्या होता है? राजा जी से पहले सवाल अप्रूव करवाएगा?”
देखें 'अधूरे' इंटरव्यू का वायरल वीडियो
Also Read
-
TV Newsance 352 | Modi At 76: Ads, aura and unlimited bhakti
-
Saharanpur mosque, Satya Niketan PG are monuments to the same politics of violence and neglect
-
Let UPI be! Why fix a payment system that isn’t broken?
-
Hafta 607: Who pays for UPI? Is the UCC even ‘uniform’?
-
A Rs 5,000 spending cap. A fleet of Defenders, Thars. Welcome to the DUSU election