Khabar Baazi
अजित पवार के खुलासे पर शरद पवार की मुहर: “हां, गौतम अडाणी के घर हुई थी दावत”
न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट को दिए गए एक इंटरव्यू में महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने भतीजे अजित पवार के खुलासों पर मुहर लगाई. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस उद्योगपति के घर वो हाईप्रोफाइल बैठक हुई थी वह कोई और नहीं बल्कि गौतम अडाणी ही थे. साल 2019 में हुई इस बैठक में ही एनसीपी द्वारा भाजपा की सरकार को समर्थन देने की संभावनाओं पर विचार किया गया.
शरद पवार ने इस बातचीत में बताया कि ये बैठक गौतम अडाणी के दिल्ली स्थित आवास पर हुई थी. इस बैठक के बारे में हाल ही में अजित पवार ने न्यूज़लॉन्ड्री को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि बैठक में गौतम अडाणी मौजूद थे. इस बात को आगे बढ़ाते हुए अब शरद पवार ने बताया कि अडाणी मौजूद थे और ये बैठक ही उनके घर पर हुई थी.
गौरतलब है कि ये बैठक नवंबर, 2019 में हुई. इसके बाद शरद पवार और भतीजे अजित पवार के बीच एनसीपी पार्टी को लेकर खींचतान हुई. जिसमें अजित ने एनसीपी के कई विधायकों के साथ भाजपा को समर्थन दिया और सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए. हालांकि, ये मामला लंबा नहीं चला और जल्द ही सरकार गिर गई. जिसके बाद ज्यादातर विधायक एनसीपी में वापस लौट आए. बाद में साल 2023 में अजित पूर्ण रूप से शरद पवार से अलग हो गए और नई पार्टी बना ली.
शरद पवार ने यह भी माना कि उनके लोग बार-बार इस बात का दबाव बना रहे थे कि उनके खिलाफ जो केस हैं और केंद्रीय एजेंसिया उनके पीछे पड़ी हैं, उससे बचने के लिए भाजपा को समर्थन देने पर विचार करना चाहिए. इस कारण वो मीटिंग में गए. लेकिन पवार के मुताबिक उन्होंने अपने नेताओं की बात से इत्तेफाक नहीं रखा.
बड़ा सवाल ये है कि शरद पवार इस मीटिंग के लिए कैसे माने? और इस बैठक के लिए गौतम अडाणी का ही घर क्यों चुना गया? अडाणी की इस पूरे मामले में क्या कोई भूमिका थी?
इन सब सवालों के जवाब जानने के लिए इंतजार कीजिए शरदद पवार के साथ पूरे इंटरव्यू का. जो केवल हमारे सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगा.
Also Read
-
Three years, no trial: Bail for Monu Manesar ignites fresh anguish for Nasir and Junaid’s families
-
‘My mother cries on the phone’: TV’s war spectacle leaves Indians in Israel calming frightened families
-
For Western and Indian press, people are just footnotes in the performance of war
-
Order, order! Why you won’t be reading about judicial corruption until 2036
-
‘Don’t call me Dhruv Rathee’: A 14-year-old has a newsroom at UP home, critics nearby, and now an FIR