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लॉरेंस बिश्नोई के गुणगान गाने वालों में भाजपा समर्थक और ‘स्वयंभू’ पत्रकार
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, खालिस्तानी समर्थक कार्यकर्ताओं की हत्या की जांच, जिसके चलते भारत-कनाडा के संबंधों में खटास आई और अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी. इन सब बातों को जो एक कड़ी जोड़ती है, वो है जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई. पिछले कुछ वक्त से बिश्नोई को एक जेल से दूसरी जेल भेजा जा रहा है लेकिन अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे.
हत्या, ड्रग्स, फिरौती समेत कई आपराधिक मामलों के संबंध में बिश्नोई फिलहाल गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमति जेल में बंद है. बिश्नोई के खिलाफ इन दिनों सोशल मीडिया पर गुस्सा देखने को मिला.
12 अक्टूबर को मुंबई में सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद “शुभु लोनकर महाराष्ट्र” नाम प्रोफाइल से एक फेसबुक पोस्ट के ज़रिए बिश्नोई गिरोह ने कथित तौर पर इस हत्या की जिम्मेदारी ली. सलमान खान सहित हिंदी फ़िल्म अभिनेताओं के करीबी माने जाने वाले सिद्दीकी को सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने वालों की बाढ़ सी आ गई. हैशटैग #LawrenceBishnoi एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रेंड करने लगा.
इसकी दौरान, कनाडा ने दावा किया कि भारत सरकार ने कनाडा की धरती पर हरदीप सिंह निज्जर और अन्य खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं की लक्षित हत्या (टारगेट किलिंग) में बिश्नोई के “गिरोह” के साथ मिलकर काम किया.
जेल में बंद गैंगस्टर का संबंध विदेश में हुई इस वारदात से जुड़ने और देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता के बावजूद, सोशल मीडिया पर उसकी तारीफ करने वाले उठ खड़े हुए. कई लोगों ने उसे “शेर” और “देशभक्त” कहा. हमने देखा कि ऐसा करने वाले बिश्नोई के कई ऑनलाइन समर्थक नियमित रूप से हिंदुत्व के बारे में पोस्ट करते हैं, जबकि कुछ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फॉलो करते हैं.
लेकिन इस समर्थन की वजह क्या है और बिश्नोई के समर्थक कौन हैं?
‘हिंदूओं का गौरव’, दाऊद और छोटा राजन से तुलना
बिश्नोई का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. जिसमें वह क्रांतिकारी भगत सिंह की तस्वीर के सामने एक कविता गुनगुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं. एक्स पर ये वीडियो पोस्ट करने वाले दिनेश वाना ने गैंगस्टर को "भारत का नया भगत सिंह" कहा है.
एक अन्य पोस्ट में वाना ने दावा किया कि बिश्नोई हिंदू भगवान हनुमान का भक्त है.
वाना के एक्स अकाउंट पर गैंगस्टर और बिश्नोई समुदाय के वीडियो और तस्वीरें भरी पड़ी हैं. उसके बायो में लिखा है "सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर" और जबकि उनके बमुश्किल 1,207 फॉलोअर्स हैं. बिश्नोई को लेकर किए उसके कुछ पोस्ट को 100,000 से ज़्यादा बार देखा गया है. उसके कई पोस्ट ट्टरपंथी हिंदुत्व विचारधारा का झुकाव लिए नजर आते हैं. साथ ही वह ‘कथित खतरों’ की आलोचना करने के लिए भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हैं.
बिश्नोई के कई अन्य ऑनलाइन समर्थक उन्हें “हिंदुओं का गौरव” बताते हैं और उनकी तुलना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से करते हैं. उदाहरण के लिए, 50,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स वाले भरत चंद्रावत ने बिश्नोई और दाऊद के बीच समानताओं का संकेत देते हुए कई ट्वीट पोस्ट किए हैं.
चंद्रावत ने एक पोस्ट में कहा कि गुलशन कुमार की हत्या एक बार दाऊद ने की थी और अब “बाबा सिद्दीकी की बारी है”. एक अन्य पोस्ट में कहा गया है, “जिनके अपने रोल मॉडल दाऊद इब्राहिम, टीपू सुल्तान, औरंगजेब, बाबर, मुहम्मद गोरी, गजनी और अन्य आतंकवादी हैं, उन्हें हिंदुओं को लॉरेंस बिश्नोई को अपना आदर्श मानने पर उपदेश नहीं देना चाहिए.” उनकी अन्य पोस्ट हिंदू इतिहास का महिमामंडन करती हैं या हिंदू पहचान के महत्व पर जोर देती हैं.
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने बिश्नोई को मिल रहे समर्थन के बीच छोटा राजन से उनकी तुलना की, जिसे कभी “देशभक्त गैंगस्टर” तो कभी “हिंदू नायक” के रूप में पेश किया जा रहा है.
सिद्दीकी की मौत के एक दिन बाद, एसके जैन नामक एक व्यक्ति ने पोस्ट किया कि “सरकारी गैंगस्टर” छोटा राजन अब बुढ़ा हो रहा है, उनकी जगह “एक युवा और ज्यादा क्रूर शख्स की जरूरत है”. इस बीच, अमन गर्ग नामक एक एक्स यूजर ने कहा कि बिश्नोई “नये दौर का छोटा राजन है, जहां हर सेलिब्रिटी की हत्या का आरोप उस पर लगाया जाएगा और असली खिलाड़ी पीछे छिपा रहेगा.”
“मुस्लिमों को औकात में रख रहा है”
कई एक्स यूजर्स ने बिश्नोई की कथित तौर पर “मुस्लिम समुदाय को नियंत्रण में रखने” के लिए प्रशंसा की.
विकास बिश्नोई के 6,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं. बायो के मुताबिक, वो जाम्भाणी साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हैं. विकास ने पोस्ट किया, “एक समय था जब एक मुस्लिम आतंकवादी ने पूरे मुंबई को आतंकित कर रखा था, और अब एक हिंदू के नाम से सब मुल्लों के नाड़े ढीले हो रखें हैं 😂”.
विकास की ज्यादातर पोस्ट बिश्नोई समुदाय के बारे में हैं, जिसमें उन्हें प्रकृति और पशु अधिकारों का रक्षक बताया गया है, और इस्लामवादियों से खतरों की बात कही गई है.
कई एक्स यूज़र्स ने यह भी कहा कि सिद्दीकी की मौत उनके “कर्मों का फल है”. कुछ लोगों ने बिश्नोई को “घर का बड़ा बेटा” कहा, कई ने कहा कि उनकी ज़िम्मेदारियां बहुत बड़ी हैं, और कुछ ने कहा कि वह “क्रांतिकारी युवक” हैं. गॉड नामक अकाउंट द्वारा शेयर की गई एक पोस्ट को करीब 3 लाख से ज़्यादा बार देखा गया, और दूसरी पोस्ट को 19,000 से ज़्यादा बार देखा गया.
एक एक्स यूजर ने बिश्नोई को “कलयुग के नाथूराम गोडसे” कहा तो दूसरे ने उसे “खालिस्तानियों का बाप” बताया. ये बिश्नोई की बढ़ती फॉलोइंग और प्रभुत्ता का संकेत है. एक यूजर ने “लॉरेंस बिश्नोई की जय” कहने की अपील की.
बिश्नोई ग्रुप का अगला निशाना कौन?
बिश्नोई गिरोह के “अगले टारगेट्स” को लेकर भी कुछ यूजर्स ने इशारे किए. जयपुर डायलॉग्स की एक पोस्ट में अभिनेता सलमान खान और ममता बनर्जी की तस्वीर थी. इसके साथ कैप्शन में लिखा था, “सलमान खान, ममता दीदी के भी दोस्त हैं.” उल्लेखनीय है कि सिद्दीकी, खान के करीबी माने जाते थे. माना जा रहा है कि इसी वजह से बिश्नोई ने उन्हें निशाना बनाया. बताते चलें कि जयपुर डायलॉग्स के 398,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं और यह नियमित रूप से “हिंदूफोबिया” और बदले की भावना वाले पोस्ट करते रहते हैं.
प्रिया मिश्रा नामक एक यूजर ने लिखा, "Tiger कब तक जिन्दा रहेगा"! लॉरेंस विश्नोई ने upcoming फिल्म का नाम रखा है।🤣😂🤣🤣🤣” मिश्रा ने अपने यूजरनेम में ‘मोदी का परिवार’ भी लिखा है.
इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या स्टैंडअप कॉमेडियन मुन्नवर फारुकी बिश्नोई गिरोह का अगला निशाना होंगे. कुछ लोगों ने फारुकी के लिए Z+ सुरक्षा की मांग की और सरकार से बिश्नोई गिरोह को “एक और डी कंपनी” बनने से रोकने का आग्रह किया है.
फैक्ट-चेकर मुहम्मद जुबैर की ओर इशारा करते हुए हिंदुत्व नाइट ने पोस्ट किया, "मैंने अभी सपना देखा कि लॉरेंस बिश्नोई ने जुबैर को टपका दिया." इस पोस्ट को 108,000 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. कथित तौर पर महिला बताई जा रही यह यूजर दक्षिणपंथी रुझान वाली टिप्पणियां और व्यंग्यात्मक पोस्ट करती हैं.
श्री सिन्हा, जिनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 347,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं, ने बिहार के नेता पप्पू यादव के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया. इसमें बिश्नोई गिरोह के खिलाफ़ आरोपों के सिलसिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए गए थे. ऐसा लगता है कि उन्होंने संकेत दिया कि यादव भी बिश्नोई ग्रुप का अगला निशाना हो सकते हैं.
पोस्ट में लिखा था, “कोई इसके इस ट्वीट स्क्रीनशॉट का प्रिंट लेकर साबरमती जेल में फेक आओ…” उनकी अधिकांश अन्य पोस्ट धर्मनिरपेक्ष मान्यताओं को चुनौती देती हैं तथा हिंदुओं से जुड़ी हिंसा की घटनाओं पर आक्रोश व्यक्त करती हैं.
भाजपा समर्थक यूजर्स, बिश्नोई की जय-जय कार करते पत्रकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फॉलो की जाने वाली पूजा तिवारी ने बिश्नोई ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भगत सिंह की मूर्ति के सामने कविता पाठ कर रहे हैं.
इसी तरह प्रजापति इंद्रपाल बजरंगी, जो ट्विटर पर खुद को क्षेत्रीय मंत्री भाजपा, पश्चिम उत्तर प्रदेश बताते हैं, ने एक पोस्ट में लिखा, “वैसे तो किसी अपराधी का समर्थन नहीं किया जा सकता. लेकिन कुछ तो बात है #लॉरेंस_बिश्नोई में, जिससे खालिस्तानी आतंकवादी और दाऊद इब्राहिम के गुर्गे थर-थर कांपते हैं.” इसके साथ ही उन्होंने बिश्नोई की तस्वीर भी लगाई हुई थी.
एक और पोस्ट जिसमें पूर्व मेजर गौरव आर्या, जिन्हें चैनल कई बार ‘रक्षा विशेषज्ञ’ के तौर पर बुलाते हैं, वो बिश्नोई को ‘एक बहुत ताकतवर इंसान’ बताते नजर आ रहे हैं. जब ये क्लिप ज्यादा वायरल हो गई तो गौरव ने सफाई में वीडियो जारी की. जिसमें उन्होंने कहा कि "बहुत से खालिस्तानियों ने मुझे फोन किया और कहा कि मैंने लॉरेनिस बिश्नोई को हीरो बना दिया है...मैं बस एक बात जानता हूं: खालिस्तानी लॉरेंस बिश्नोई से डरते हैं". उनके पोस्ट अक्सर ज़ाकिर नाइक, धर्म और विशेष रूप से पाकिस्तान जैसे विषयों पर टिप्पणी करते हैं.
अतुल कृष्ण, जो खुद को द न्यू इंडियन में सीनियर असिस्टेंट एडिटर बताते हैं, वो बिश्नोई की तारीफ में एक ट्वीट करते हैं. अतुल कहते हैं, “आपको लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से इस हफ्ते की मुबारकबाद!”
अतुल उन कुछ लोगों में शामिल हैं, जो 14 से 20 अक्टूबर, यानि हफ्ते की इस अवधि को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर चाहते हैं.
ऐसे ही एक यूजर अंकित कुमार अवस्थी लिखते हैं, “इतिहास में इस सप्ताह को बिश्नोई सप्ताह घोषित कर देना चाहिए! अभी बाबा सिद्दीकी के हत्या के मामले की जोर-शोर से चर्चा चल ही रही थी. उधर कनाडा में पुलिस दावा कर रही है कि भारत, कनाडा में खालिस्तानी आतकवादियों को निशाना बनाने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग का इस्तेमाल कर रहा है.”
खुद को पत्रकार कहने वाले एक और शख्स शुभम शुक्ला ने लॉरेंस बिश्नोई के लिए कुछ लिखने की अपील की. शुक्ला के एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. इसके बाद उनकी पोस्ट पर बिश्नोई की तारीफ करने वालों की बाढ़ सी आ गई. कुछ ने तो लिखा कि बिश्नोई के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे. वहीं, कुछ लोगों ने बिश्नोई के लिए भारत रत्न तक की मांग कर डाली.
‘सरकार का मोहरा’
सोशल मीडिया पर बिश्नोई का एक और वीडियो वायरल हो रहा है. यह वीडियो एबीपी न्यूज़ के पत्रकार जगविंदर पटियाल को दिए इंटरव्यू का एक हिस्सा है. मालूम हो कि यह इंटरव्यू विवादों के साथ-साथ जांच का विषय भी बना हुआ है.
अमोक नामक यूजर ने इस इंटरव्यू के उस हिस्से को पोस्ट किया, जिसमें बिश्नोई ने कहा है कि “उन्हें आंतकी न माना जाए”. अमोक ने लिखा, “अगर आप ‘शेर’ बिश्नोई का समर्थन करते हैं तो इस ट्वीट को लाइक करें.”
एक और पोस्ट में अमोक ने लिखा, “कुछ अपराधी काम के होते हैं” और “खालिस्तानियों को मिटाने के लिए बिश्नोई एक काम का आदमी है.”
तारीफों के बीच बिश्नोई की कुछ आलोचना भी हुई. साथ ही लोगों ने कानून एवं व्यवस्था का भी हवाला दिया. योगेश मीणा, जो खुद को कांग्रेस के सेवादल से जुड़ा बताते हैं, ने बिश्नोई गैंग के काम करने के तरीकों पर सवाल खड़े किए. उन्होंने लिखा, “लॉरेंस बिश्नोई अगर जेल में है तो उसका गिरोह कौन चला रहा है? अगर वह खुद जेल से चला रहा है तो क्या ये गुजरात सरकार और गृह मंत्री अमित शाह की नाकामी नही है?. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के फेसबुक पेज पर पाबंदी क्यों नहीं है?”
मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
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