NL Tippani
यूपी में रामराज्य का ओवरडोज़ और मोहन भागवत का मोदीजी पर नॉन बायोलॉजिकल हमला
इस हफ्ते हम टिप्पणी में बात करेंगे जम्बूद्वीप उर्फ उत्तर प्रदेश की. जहां रामराज्य लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. जिस मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्श राज्य की स्थापना योगीजी कर रहे हैं, वहां न्याय व्यवस्थाएं कैसी रही होंगी, उसकी एक झलक बीते दिनों उत्तर प्रदेश में दिखी. सुल्तानपुर में एक सर्राफा व्यापारी के यहां लूटपाट हुई और फिर रामराज्य का ओवरडोज़ हो गया. उत्तर प्रदेश के एसटीएफ ने एक आरोपी को मार गिराया, चार को गिरफ्तार कर लिया.
इस कहानी का यही ट्विस्ट है. गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी राजपूत हैं. गिरफ्तार करने वाले एसटीएफ के सीओ राजपूत हैं. एसटीएफ की आंख में धूल झोंक कर कोर्ट में सरेंडर करने वाला मुख्य साजिशकर्ता आरोपी विपिन भी राजपूत है. सिर्फ मारा गया मंगेश जाति से यादव है. इसी बात पर अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने सवाल उठा दिया कि क्या रामराज्य में सिर्फ यादव ठोंका जाएगा.
देखिए पूरी टिप्पणी और अपनी प्रतिक्रिया भी दीजिए.
Also Read: सनम बेवफ़ा कौन? दिलीप मंडल या सुधीर चौधरी
Also Read
-
The Dhaka effect: Did the BNP’s win in Bangladesh blunt the BJP’s poll pitch in Bengal?
-
Like avocado on jalebi: The manufactured appeal of ‘bhajan clubbing’
-
TV Newsance 337 | LPG crisis, Godi media circus and the Loomer meltdown
-
When the bulldozer came for Mahadev’s city
-
The problem with BJP’s ‘no Hindu MLA in Guruvayur’ politics