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एनएल चर्चा 330: वायनाड की त्रासदी और कोचिंग सेंटर्स की मनमानी
इस हफ्ते केरल के वायनाड में भयानक प्राकृतिक आपदा के प्रकोप और दिल्ली के राजेन्द्र नगर में हुई तीन यूपीएससी छात्रों की मौत आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.
इस हफ्ते सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी कोटे में कोटे के प्रावधान को मंजूरी, पेरिस ओलंपिक की शुरुआत, दिल्ली में भारी बारिश के कारण 10 लोगों की मौत और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा पत्रकारों पर लगी पाबंदी को वापस लेना आदि ख़बरें प्रमुख रहीं.
इसके अलावा झारखंड की हावड़ा-मुंबई मेल हुई हादसे का शिकार, तेहरान बम विस्फोट में हमास के नेता इस्माइल हानिया की मौत, उत्तर प्रदेश सरकार ने धर्म परिवर्तन कानून में जोड़े कड़े प्रावधान और एडीआर की रिपोर्ट में दावा- लोकसभा के लिए हुए 543 सीटों के चुनाव में से 538 सीटों में 6 लाख वोटों का मिसमैच इत्यादि जैसी खबरों ने भी लोगों का ध्यान खींचा.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान आनंद वर्धन, वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, डेक्कन क्रॉनिकल के पत्रकार गिलविस्टर असारी (ऑनलाइन) और द वीक पत्रिका की डिप्टी ब्यूरो चीफ और स्पोर्ट्स पत्रकार नीरू भाटिया शामिल हुईं. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “वायनाड में जो घटना हुई है उसपर अब तक की क्या जानकारी है? अब वहां हालात कैसे हैं?”
इस सवाल के जवाब में गिलविस्टर कहते हैं, “अभी जो हालात हैं, उसमें सबसे महत्वपूर्ण काम कल हुआ. जो चूरलमाला और मुंड़ककई का इलाका इस हादसे की वजह से कट ऑफ हो गया था, उसे जोड़ने के लिए पुल बनाया गया. जिससे वहां लोगों को निकालने का काम शुरू हो चुका है. हालांकि, वहां अभी भी मौसम खराब ही है, इसलिए काफी चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स
00:12 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
5:04 - सुर्खियां
15:56 - वायनाड आपदा
37:54 - ओलंपिक खेल
48:42 - यूपीएससी छात्रों का आंदोलन
01:16:54 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
आनंद वर्धन
गिलविस्टर असारी
वेब सीरीज - नागेंद्रन हनीमून
हृदयेश जोशी
प्राकृतिक आपदाओं और उनके प्रबंधन पर आधारित लेख
1- इंडियन एक्सप्रेस पर अमिताभ सिन्हा का लेख
2- टाइम्स ऑफ़ इंडिया पर विश्व मोहन का लेख
3- डेक्कन हेराल्ड पर हृदयेश जोशी का लेख
अतुल चौरसिया
फिल्म - म्युनिख
धीरेन्द्र झा की किताब - गांधी की हत्या
ट्रांसक्रिप्शन: संध्या वत्स/तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार
एडिटिंग: उमराव सिंह
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