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दिल्ली: कोचिंग सेंटर की मनमानी और प्रशासन की अनदेखी ने ली तीन छात्रों की जान?
देश का यूपीएससी हब कहे जाने वाले राजेंद्र नगर में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हुआ. यहां राव आईएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट में बने लाइब्रेरी में पानी घुसने से तीन अभ्यर्थियों की मौत हो गई. जिसको लेकर पिछले 20 घंटे से हजारों छात्र राजेंद्र नगर में प्रदर्शन कर रहे हैं.
मरने वाले छात्रों की पहचान अंबेडकर नगर की रहने वाली श्रेया यादव (25 वर्षीय), तेलंगाना की रहने वाली तान्या सोनी (25 वर्षीय) और केरल के रहने वाले नवीन डालविन (28 वर्षीय) के रूप में हुई. श्रेया यादव और तान्या सोनी राव आईएएस स्टडी सर्किल में पढ़ती थी, जबकि नवीन जेएनयू के छात्र थे और वहां पर केवल लाइब्रेरी में पढ़ने गए थे.
चश्मदीदों के मुताबिक, कल शाम करीब 6:30 बजे जब दिल्ली में तेज बारिश शुरू हुई तो करीब 30 से 35 छात्र इस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बने लाइब्रेरी में टेस्ट दे रहे थे. बारिश के कारण सामने की सड़क पर जल भराव हुआ और वह कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में घुसने लगा. 10 मिनट के अंदर पूरा बेसमेंट पानी से भर गया. जो छात्र टेस्ट दे रहे थे सब अंदर ही फंस गए. बेसमेंट में कोई एमरजेंसी एग्जिट भी नहीं था. इसलिए जब तक राहत बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम आई तब तक तीन छात्रों की मौत हो चुकी थी. वहीं, 14 छात्रों को मौके से बचाया गया.
इस घटना के बाद से छात्रों में रोष है. छात्र बीते शाम से प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि बेसमेंट में लाइब्रेरी खोलने की परमिशन नहीं होती है लेकिन फिर भी पैसे के लालच में राजेंद्र नगर में करीब 90% लाइब्रेरी बेसमेंट में ही खोली जाती हैं.
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि इस कोचिंग सेंटर में नियमों को ताक पर रखकर लाइब्रेरी चलाई जा रही थी. दिल्ली फायर सर्विस से कोचिंग सेंटर को मिली परमिशन में यह बात साफ तौर पर लिखी गई है कि बेसमेंट का इस्तेमाल स्टोरेज के लिए किया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
इसी कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र ने हमें बताया, “बेसमेंट में स्टोरेज भी है और लाइब्रेरी भी. इसके अलावा बेसमेंट तक जाने के लिए सिर्फ एक संकरी सी सीढ़ी है. इसके अलावा और कोई एग्जिट गेट नहीं है”
वहीं, दूसरी तरफ हमने पाया कि राजेंद्र नगर के इस इलाके में ड्रेनेज की सफाई नहीं हुई थी. जिसकी वजह से जल भराव की समस्या आए दिन बनी रहती है. यहां तक कि हादसा हो जाने के बाद दिल्ली सरकार ने राजेंद्र नगर के ड्रेनेज को साफ करने का सिलसिला शुरू किया.
वहीं, दूसरी तरफ मृतक छात्रों के शवों को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया.
दिल्ली पुलिस के डीसीपी (सेंट्रल) एम. हर्षवर्धन ने बताया, “कोचिंग सेंटर के मालिक और कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही कोचिंग सेंटर के मालिक, कोऑर्डिनेटर और जिम्मेदार अथॉरिटीज के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है.”
वहीं, हमने अपनी पड़ताल में पाया कि राजेंद्र नगर में यह इकलौता कोचिंग सेंटर नहीं है, जहां पर नियमों को ताक पर रखकर छात्रों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है बल्कि ऐसे और भी कई कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी और पीजी हैं जो बेसमेंट में चल रहे हैं. इसके अलावा हमने राजेंद्र नगर में तैयारी कर रहे छात्रों और पीड़ित परिवारों से बात की. देखिए हमारी यह वीडियो रिपोर्ट.
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