Saransh
लोकसभा चुनाव में कैसी रही राहुल और प्रियंका गांधी की परफॉर्मेंस
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ चुके हैं. 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी बहुमत से दूर रह गई है. हालांकि, बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए के हाथ में सत्ता की चाबी है. वहीं, कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने 233 सीटों पर जीत दर्ज की है.
इस वीडियो में हम कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं राहुल और प्रियंका गांधी की चुनावी रैलियों और उसमें मिली सफलता-असफलता का विश्लेषण करेंगे.
राहुल गांधी की रैली और सभाओं का आकलन हमने कांग्रेस की वेबसाइट और प्रेस विज्ञप्तियों के आंकड़ों के आधार पर किया है. जो मार्च 31 से लेकर 28 मई के बीच का है. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 73 जनसभाएं और प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं. इस दौरान वे 17 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में गए.
वहीं, प्रियंका गांधी का भी डाटा हमने 31 मार्च से 28 मई तक का ही लिया है. सभाओं की जानकारी हमने प्रियंका गांधी के यूट्यूब चैनल और दूसरे अन्य प्लेटफॉर्म से ली है.
इस प्रचार के दौरान दोनों कभी अग्रेसिव हुए तो कभी भावुक. कभी विपक्ष पर चटखारे लिए तो कभी सीधा निशाना साधा. राहुल गांधी संविधान लिए घूमते रहे. रायबरेली में तो प्रियंका गांधी ने ही पूरा मोर्चा संभाला.
राहुल गांधी ने इस लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 73 जनसभाएं की. इस दौरान उन्होंने 66 लोकसभा सीटों पर प्रचार किया, जिसमें से 32 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. यानी गांधी का स्ट्राइक रेट 48% रहा है.
बता दें कि राहुल गांधी ने सबसे ज़्यादा जनसभाएं अपने निर्वाचन क्षेत्रों में की हैं. रायबरेली में छह और वायनाड में दो. दोनों ही सीटों पर इन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल की.
वहीं, बात अगर प्रियंका गांधी की करें तो उनकी टीम ने बताया कि 55 दिनों में उन्होंने 108 जनसभाएं और रोड शो किए. इस दौरान उन्होंने 100 से अधिक मीडिया बाइट्स, 1 टीवी इंटरव्यू और 5 प्रिंट इंटरव्यू दिए. इन्होंने 16 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में प्रचार किया.
इसमें से ज़्यादा सभाएं और रोड शो प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली और अमेठी में किए. हर दिन 2-3 जनसभाएं और रोड शो. रायबरेली सीट तो कांग्रेस के पास थी, लेकिन अमेठी में स्मृति ईरानी जीती थीं. अब इन दोनों ही सीटों पर बड़े बहुमत से कांग्रेस जीती है. अमेठी की जीत में प्रियंका की भूमिका काफी ज़्यादा मानी जा रही है.
देखें पूरा वीडियो.
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