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लोकसभा चुनाव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी को खुली बहस का न्योता
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन लोकुर और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एपी शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आमने-सामने सार्वजनिक बहस करने का न्योता दिया है.
बार एण्ड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा चुनावों के लिए चल रहे मतदान के बीच दोनों पूर्व न्यायाधीशों ने वरिष्ठ पत्रकार और अंग्रेजी दैनिक द हिन्दू के पूर्व संपादक एन राम के साथ मिलकर दोनों नेताओं को पत्र लिखा है.
इन तीनों ने पत्र में नागरिकों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी से एक निष्पक्ष और अव्यावसायिक पटल पर अपनी बात रखने की अपील की है. उन्होंने इस मुबाहिसे से देश की लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के मजबूत होने की संभावना व्यक्त की है. पत्र में दोनों पक्ष के नेताओं पर चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय लोकतंत्र से जुड़े अहम सवाल उठाने की बात कही गई है.
प्रधानमंत्री की तरफ से आरक्षण, धारा 370 और संपत्ति पुनर्वितरण पर तो वहीं कांग्रेस की तरफ से संविधान पर संभावित हमले, चुनावी बॉन्ड योजना और चीन के मुद्दो को लेकर प्रधानमंत्री को घेरे जाने का जिक्र पत्र में है.
हालांकि, साथ में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्षों ने इन मुद्दों पर अबतक सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप ही लगाए हैं. इससे जनता को कोई स्पष्ट और सार्थक जवाब नहीं मिल पाया है.
पत्र में कहा गया है, “आज के डिजिटल दौर में गलतबयानी, झूठी खबर और खबरों के साथ हेरफेर किया जा सकता है. ऐसे में आम जनता को इन बहसों के सभी पक्षों के बारे में जानकारी देना बेहद जरूरी हो जाता है. ताकि वोट देते वक्त वे सही चुनाव कर सकें.”
पत्र में दोनों पक्षों को इस बहस का न्योता स्वीकार करने की अपील की गई है. साथ ही बहस की जगह, अवधि, प्रारूप और मॉडरेटर सभी का चयन परस्पर सहमति से तय करने की बात कही गई है. गैर-हाजिरी की स्थिति में दोनों नेताओं से अपना प्रतिनिधि भेजने की बात भी पत्र में है. .
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