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पीएम मोदी की ‘हेट स्पीच’, भाजपा से निष्कासन और मुसलमानों की चिंता पर उस्मान गनी से बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाले बयान के कुछ घंटों बाद भाजपा से निष्कासित हुए उस्मान गनी से न्यूज़लॉन्ड्री ने बातचीत की. इस दौरान गनी ने भाजपा नेताओं के बाद स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुसलमानों के प्रति ‘नफरती बयानबाजी’ पर चिंता जाहिर की.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के राजस्थान में दिए भाषण पर बात करते हुए कहा कि अब पानी सर के ऊपर से चला गया है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने उस भाषण में कांग्रेस पर लोगों की संपत्ति मुसलमानों में वितरित कर देने का आरोप लगाया था. साथ ही अल्पसंख्यकों को “ज्यादा बच्चे पैदा करने वाला” और “घुसपैठिया” कहा था.
ग़नी कुछ दिन पहले तक राजस्थान के बीकानेर में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष थे. उनका निष्कासन मंगलवार को वायरल हुए उनके वीडियो के बाद आया.
दरअसल, गनी ने न्यूज-24 के पत्रकार को एक बयान दिया. इसमें उन्होंने पीएम मोदी के 21 अप्रैल को दिए भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा राजस्थान की कुल 25 सीटों में से 4-5 सीटें हारेगी.
हालांकि, न्यूज24 ने यह वीडियो अब अपने यूट्यूब चैनल से हटा दिया है. वहीं, इसके एक दिन बाद ग़नी को आगामी लोकसभा चुनावों में “भाजपा की छवि खराब करने” का आरोप लगाकर पार्टी से निष्काषित कर दिया गया. मालूम हो कि दूसरे चरण में राजस्थान में 13 सीटों पर मतदान होना है.
ग़नी ने अपना राजनीतिक जीवन आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से 2005 में बीकानेर के कॉलेज से शुरू किया था. 4-5 साल बाद वे बीकानेर में अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बन गए.
उन्होंने भाजपा के अवांछित तत्वों द्वारा हिन्दू-मुस्लिम विभाजन की बात करते हुए कहा कि इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा, “आम तौर पर हम लोगों से इन तत्वों की ओर ध्यान देने से मना करते हैं और दल में नरेंद्र मोदी के केंद्रीय नेतृत्व को ध्यान में रखने को कहते हैं. लेकिन जब केंद्रीय नेतृत्व ही ऐसे भाषण देता है तो लोगों के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो जाता है. इन सब बातों का हमपर भी असर पड़ता है.”
ग़नी का कहना है, “हम जब मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में वोट मांगने जाते हैं तो वे हमसे पूछने लगते हैं कि हम भाजपा में क्यों कम कर रहे हैं या उनके लिए वोट क्यों मांग रहे हैं. रमेश बिधूड़ी हो या साक्षी महाराज, इनके नफरती बयानों के बावजूद हम काम करते हैं और वोट लाते हैं. लोग भी इन नफरती बयानों पर हमसे सवाल पूछते हैं. पर हम उनसे यही कहते हैं कि आप भाजपा को वोट दीजिए, हम आपका काम करवाएंगे. मुझे नहीं पता था कि मेरे बयान के लिए मुझे इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.”
इस साक्षात्कार में हमने उनसे भाजपा की अल्पसंख्यकों को लुभाने की रणनीति, पार्टी में मुस्लिम सांसद व विधायकों की ग़ैरमौज़ूदगी और भाजपा से उनके लगाव समेत कई मुद्दों पर बात की.
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