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रोज़नामचा: राज कुमार आनंद का ‘आप’ से इस्तीफा और बाबा रामदेव का माफीनामा फिर अस्वीकार
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज एक नहीं बल्कि अलग-अलग ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है. कुछ अखबारों ने राज कुमार आनंद द्वारा मंत्रीपद और ‘आप’ से इस्तीफा देने को तो कुछ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बाबा रामदेव का माफीनामा अस्वीकार होने को पहली सुर्खी बनाया है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अखबार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बाबा रामदेव की माफी नामंजूर किए जाने की खबर को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई की. इस दौरान अदालत ने उनके माफीनामे को नामंजूर करते हुए कहा कि उन्होंने माफीनामा तब दिया जब उनकी गलती पकड़ी गई. अदालत ने उन्हें अवमानना की कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है.
दिल्ली सरकार में मंत्री राजकुमार आनंद के इस्तीफे की खबर को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, आनंद ने प्रेसवार्ता कर कहा कि आबकारी नीति घोटाले में गड़बड़ी के अलावा उनके इस्तीफे का एक कारण पार्टी में दलितों के प्रतिनिधित्व का कम होना भी है. आम आदमी पार्टी अब भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है. गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में उनके घर पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी.
इसके अलावा भाजपा ने काटा किरण खेर और रीता बहुगुणा जोशी का टिकट, पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी नोएडा से गिरफ्तार, संदेशखाली मामले की सीबीआई जांच के आदेश आदि खबरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अखबार ने दिल्ली सरकार के मंत्री राजकुमार आनंद द्वारा मंत्री पद और पार्टी से इस्तीफा देने को खबर को पहली सुर्खी बनाया है. खबर के मुताबिक, आनंद को लगता है कि आबकारी नीति घोटाले में उनकी सरकार ने कुछ गड़बड़ी की है. वह पटेल नगर विधानसभा सीट से विधायक थे. ऐसा दिल्ली की राजनीति में पहली बार हुआ है कि किसी ने मंत्री और विधायक पद छोड़कर पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया है.
प्रधानमंत्री के नागपुर में दिए भाषण को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को नागपुर जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष के लोकतंत्र संबंधित दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. विपक्ष कहता है कि मोदी तीसरी बार सत्ता में आए तो संविधान बदल देंगे. मोदी ने कहा कि जब कोई निर्धन व्यक्ति प्रधानमंत्री बन जाता है तो विपक्ष को लोकतंत्र खतरे में लगने लगता है.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट का बाबा रामदेव और बालकृष्ण का माफीनामा स्वीकार करने से इनकार, संदेशखाली कांड की सीबीआई जांच के आदेश और पीएमएलए कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड की संपत्ति जब्त करने को ठहराया सही आदि खबरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अमर उजाला अखबार ने दिल्ली सरकार में मंत्री राजकुमार आनंद के इस्तीफा देने की खबर को पहली सुर्खी बनाया है. खबर के मुताबिक, आनंद ने कहा कि अब उन्हें मंत्री पद पर रहकर काम करना असहज कर रहा है. वे अपना नाम भ्रष्टाचारियों के साथ नहीं जुड़वाना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उनकी पार्टी के पास शासन की अब कोई नैतिक शक्ति बची है.
कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा संदेशखाली मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को सौंपे जाने की खबर को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, कलकत्ता हाईकोर्ट जांच की निगरानी खुद करेगा. साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को हर संभव सहयोग करने को कहा है. जस्टिस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्यमय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने पांच जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.
इसके अलावा सेंसेक्स पहली बार पहुंचा 75,000 अंक के पार, नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को कब्जा लेने के करीब पहुंचा ईडी, पूर्व पीएम चंद्रशेखर के बेटे समेत 9 प्रत्याशी मैदान में आदि खबरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अखबार ने संदेशखाली मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के सख्त रुख को प्रमुख सुर्खी बनाया है. खबर के मुताबिक, कोर्ट ने भूमि कब्जा और यौन शोषण के आरोपों की सीबीआई से जांच करवाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने साथ ही पूरे मामले को अपनी निगरानी में रखा. कोर्ट ने सीबीआई से अगली तारीख तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
दिल्ली सरकार के मंत्री राजकुमार आनंद के मंत्रिमण्डल और पार्टी से इस्तीफे को भी अखबार ने प्रमुखता से छापा है. खबर के मुताबिक, राजकुमार आनंद ने पार्टी और सरकार पर दलितों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने पार्टी और सरकार पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए हैं.
इसके अलावा भाजपा ने जारी की प्रत्याशियों की दसवीं सूची, 8000 करोड़ रुपये चुकाने में डीएमआरसी को राहत, सुप्रीम कोर्ट द्वारा रामदेव और बालकृष्ण का माफीनामा नामंजूर करने की खबरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर अखबार ने पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन पर कोर्ट के कड़े रुख को पहली सुर्खी बनाया है. खबर के मुताबिक, कोर्ट ने 3 बार आदेश नहीं मानने के कारण नतीजे भुगतने को तैयार रहने को कहा है. कोर्ट ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण की बिना शर्त माफी याचिका को नामंजूर करते हुए कहा कि दोनों ने गलती पकड़े जाने पर माफी मांगी है. साथ ही दोनों ने कोर्ट में उपस्थित होने से बचने के लिए झूठे टिकट लगाकर विदेश यात्रा का बहाना बनाया. इसके अलावा पीठ ने माफी का हलफ़नामा कोर्ट मे लाने से पहले मीडिया में प्रकाशित करने पर नाराजगी जताई है.
दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद के पार्टी और पद से इस्तीफे की खबर को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. राजकुमार ने प्रेसवार्ता में कहा कि पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी हुई है और वे अपना नाम भ्रष्ट आचरण में दर्ज नहीं कराना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण पार्टी ने सरकार चलाने की नैतिक ताकत खो दी है.
इसके अतिरिक्त मनीष सिसोदिया की जमानत की सुनवाई की अगली तारीख 15 को, प्रधानमंत्री की महाराष्ट्र और तमिलनाडु में चुनावी सभा, सेंसेक्स 75,000 पार तथा सीबीएसई में कक्षा 6, 9 और 11 में इस सत्र से क्रेडिट व्यवस्था लाए जाने की ख़बर को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
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