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रोज़नामचा: सत्यपाल मलिक के घर पर सीबीआई की छापेमारी और पीएम नरेंद्र मोदी का कांग्रेस पर हमला
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज एक नहीं बल्कि अलग-अलग ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है. कुछ अखबारों ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर सीबीआई की छापेमारी तो कुछ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे को पहली सुर्खी बनाया है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अख़बार ने अहमदाबाद के मोटेरा में गुजराती सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केंद्र में मौजूद पहले की सरकारें गांवों की जरूरतों को टुकड़ों में देखती थीं जबकि उनकी सरकार का ध्यान छोटे किसानों के जीवन को सुधारने और उनकी आय बढ़ाने पर है. वहीं, सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के अपने किसान भाई-बहनों का कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, “मंत्रिमंडल के फैसले से करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ होगा.”
आप-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच बंटवारे पर सहमति बन गई है. अगले एक-दो दिन में इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है. सूत्रों की मानें तो दिल्ली, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ को लेकर दोनों दलों में सहमति बनी है. आप के शीर्ष नेतृत्व की कांग्रेस महासचिव संग गुरुवार को भी सीट बंटवारे को लेकर बैठक हुई. आप नेता आतिशी ने कहा कि दिल्ली एवं अन्य राज्यों में सीट बंटवारे पर बातचीत अंतिम चरण में है. एक-दो दिन में आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी.
इसके अलावा सत्यपाल मलिक के घर-दफ्तर पर सीबीआई की छापेमारी, गजवा-ए-हिंद के फतवे पर दारुल उलूम पर केस होगा और ईडी ने अरविंद केजरीवाल को भेजा सातवां समन आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अख़बार ने अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसभा को संबोधित किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, गुरुवार को संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गांवों से जुड़े हर पहलू को प्राथमिकता दे रही है. साथ ही किसानों के जीवन में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है. इस जनसभा में करीब एक लाख लोगों की मौजूदगी थी और इनमें से अधिकांश किसान व पशुपालक थे. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार देशभर के किसान भाइयों-बहनों के कल्याण से जुड़े हर संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
दारुल उलूम के गजवा-ए-हिंद को वैध बताए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम की वेबसाइट पर गजवा-ए-हिंद (भारत में युद्ध) को लेकर दिए एक फतवे पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने घोर आपत्ति जताई है. आयोग ने इसे देश विरोधी बताते हुए सहारनपुर के डीएम-एसएसपी को प्राथमिकी पंजीकृत कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है. हालांकि, संस्था का दावा है कि यह फतवा नौ वर्ष पुराना है. यह एक किताब के हवाले से दिया गया है. चूंकि अब तक इस आपत्तिजनक सामग्री पर किसी का ध्यान नहीं गया था, इसलिए कार्रवाई नहीं हुई.
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल मलिक के घर सीबीआई छापे, आप और कांग्रेस के बीच दिल्ली में चार-तीन के फॉर्मूले पर हो सकता है चुनावी समझौता और मैती को एसटी में शामिल करने का आदेश मणिपुर हाई कोर्ट के किया रद्द आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अमर उजाला अख़बार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मेहसाणा जिले में वालीनाथ महादेव मंदिर का उद्घाटन करने के बाद जनता को दिए संबोधन को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने 13,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. उन्होंने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार नकारात्मकता में जी रही है. वह तब भी नफरत का रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं है, जब अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण हो चुका है. स्वतंत्र भारत में लंबे समय तक कांग्रेस ने विकास और विरासत के बीच संघर्ष की खाई और दुश्मनी पैदा की.
किसानों के आज काला दिन मनाने व 26 को आक्रोश रैली निकालने का ऐलान किए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब-हरियाणा के बीच जींद की खनौरी सीमा पर किसान शुभकरण सिंह की मौत के मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और राज्य के गृहमंत्री अनिल विज पर हत्या का मामला दर्ज करने और मृतक परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है. मोर्चे ने घटना के विरोध में शुक्रवार को काला दिवस मनाने, सोमवार को देशभर के राजमार्गों पर ट्रैक्टर आक्रोश रैली निकालने और 14 मार्च को दिल्ली में किसान-मजदूर महापंचायत का ऐलान किया है. किसानों ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री, सीएम व विज के पुतले जलाने की घोषणा भी की है.
इसके अलावा सत्यपाल मलिक के घर व 29 ठिकानों पर सीबीआई के छापे, मणिपुर में मैती समुदाय को नहीं मिलेगा अनुसूचित जनजाति का दर्जा, जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में हिमस्खलन से रूसी पर्यटक की मौत और आप-कांग्रेस में सीट बंटवारे पर बनी बात आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अख़बार ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर पर सीबीआई के छापे को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, सीबीआई ने 2,200 करोड़ रुपए की लागत वाली कीरू पनबिजली परियोजना में कथित भ्रष्टाचार के मामले में सत्यपाल मलिक के आवास व उनसे जुड़े परिसरों और 29 अन्य स्थानों पर गुरुवार को छापे मारे. अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई ने दिल्ली और मुंबई के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में 30 स्थानों पर सुबह छापेमारी की. जिसमें लगभग सौ अधिकारी शामिल हुए.
कांग्रेस और आप के गठबंधन पर बात बनने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, कांग्रेस और आम-आदमी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव दिल्ली, गुजरात और हरियाणा में मिलकर लड़ने की तैयारी में है और दोनों दल जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर घोषणा कर सकते हैं. दोनों दलों के बीच दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और दोनों पक्ष जल्द ही इस बारे में घोषणा कर सकते हैं.
इसके अलावा केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाले में मिला सातवां समन, किसान प्रदर्शन से जुड़े खातों पर रोक लगाने के मामले में ‘एक्स’ ने कहा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आवश्यक, सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में कहा- स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव करना जरूरी और ईडी ने बायजू के संस्थापक रविंद्रन के विदेश जाने पर रोक लगाने की मांग की आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर अख़बार ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल पर सीबीआई छापे को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, सीबीआई ने गुरुवार को मलिक के परिसरों पर छापेमारी की. कीरू हाइड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट के पूर्व अफसरों के ठिकानों पर भी सीबीआई ने छापेमारी की. कार्रवाई मलिक के बागपत स्थित पैतृक घर, गुरुग्राम, दिल्ली स्थित आरके पुरम, द्वारका और एशियन गेम्स विलेज स्थित परिसर और दफ्तर के अलावा मुंबई, बिहार, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी की गई. छापे के वक्त मलिक घर पर मौजूद नहीं थे. पिछले कुछ दिन से अस्वस्थता के चलते वे दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हैं. संभवत यह पहली बार है जब किसी पूर्व गवर्नर के यहां सीबीआई दबिश दी गई है.
किसान नेताओं के खिलाफ हरियाणा पुलिस द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई शुरू करने को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है. ख़बर के मुताबिक, अम्बाला पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई आंदोलनकारी किसान नेताओं से ही की जाएगी. इसके लिए उनकी संपत्ति कुर्क होगी. बैंक खाते सीज करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है. दूसरी ओर, संयुक्त किसान मोर्चा की गुरुवार को साढ़े चार घंटे चली बैठक के बाद भी किसान आंदोलन-2 के लिए एक मंच पर आने पर सहमति नहीं बन सकी. चंडीगढ़ में हुई बैठक में देशभर के 100 किसान संगठनों के नेता शामिल हुए. इसमें निर्णय लिया गया कि खनौरी बॉर्डर पर युवक शुभकरण की मौत के विरोध में देशभर में आक्रोश दिवस मनाएंगे व 26 फरवरी को देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे और 14 मार्च को दिल्ली में महापंचायत भी होगी.
इसके अलावा कांग्रेस-आप में सीट बंटवारे को लेकर बनी बात, सर्विस सेक्टर में सात माह की सबसे तेज ग्रोथ और बांग्लादेश सहित चार देशों को प्याज निर्यात की मंजूरी आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
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