Report
शंभू बॉर्डर पर आज दिनभर क्या हुआ?
शंभू बॉर्डर पर सुबह से ही किसान दिल्ली कूच करने के लिए इकट्ठा होने लगे थे. हरियाणा पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए किसान तरह-तरह की मशीनें लेकर आए थे. इसमें पोकलेन, जेसीबी और कुछ जुगाड़ वाली मशीन भी थीं.
सुबह ग्यारह बजे के करीब कुछ नौजवान शंभू बॉर्डर की तरफ बढ़ रहे थे. वहीं किसान नेता उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहे थे. इसी बीच हरियाणा बॉर्डर की तरफ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए. जिसके बाद किसान पीछे लौट गए.
इसके बाद किसान नेताओं की ओर से घोषणा हुई. जिसमें कहा गया कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया है. हालांकि, इस दौरान भी कुछ नौजवान आगे की तरफ बढ़ रहे थे और सुरक्षाबल भी लगातार आंसू गैस के गोले दाग रही थी. जिससे उन्हें बार-बार पीछे हटना पड़ रहा था.
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घोषणा हुई कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और दूसरे किसान नेता दिल्ली कूच के लिए आगे बढ़ रहे हैं. नौजवान किसान उनके पीछे आ जाएं. अभी किसानों का ये जत्था बॉर्डर के पास भी नहीं पहुंचा था कि आंसू गैस के गोले दागने शुरू हो गए. जो काफी देर तक लगातार जारी रहे. इस दौरान आंसू गैस छोड़ने के लिए तीन ड्रोन भी इस्तेमाल किए गए. इससे पहले एक ही ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा था.
किसान नेताओं को बॉर्डर के पास तक नहीं जाने दिया गया. वो वापस लौट आए. इसी बीच कुछ किसान अपना ट्रैक्टर लेकर बॉर्डर की तरफ बढ़ने लगे उन्हें रोकने लिए भी दनादन आंसू गैस के गोले मारे गए. जिससे कुछ किसान घायल भी हुए.
शाम छह बजे के बाद शंभू बॉर्डर पर माहौल थोड़ा शांत हुआ. दरअसल, इसी बीच खबर आई कि खनौरी बॉर्डर पर एक किसान की मौत हो गई है. किसानों ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि हम पुलिस द्वारा बनाया बॉर्डर कुछ ही घंटों में तोड़ सकते हैं. उसे तोड़ने के लिए हमारे पास तमाम इंतज़ाम है. लेकिन जिस तरह से हम निहत्थे किसानों पर पुलिस द्वारा आंसू गैस और रबर की गोली का इस्तेमाल किया जा रहा, उससे भय का माहौल है.
वे आगे कहते हैं, “हम तो दिल्ली हक मांगने जा रहे हैं. यह हक सिर्फ हम अपने लिए नहीं मांग रहे हैं. अगर एमएसपी पर गारंटी का कानून बनता है तो देशभर के किसानों को फ़ायदा होगा. अब हक मांगना भी गलत हो गया है क्या देश में?”
देर शाम साढ़े सात बजे किसान नेता सरवन कुमार पंढेर ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. जिसमें उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर हुई हिंसा की जानकारी दी. वहीं, दिल्ली कूच को लेकर कहा, “अगले दो दिनों दिल्ली कूच का कार्यक्रम स्थगित रहेगा. हम बैठक करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी.”
देखिए हमारी ये वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
A flagship 2024 promise, a 99% shortfall: PM internship scheme spent nearly as much on ads as interns
-
‘This is about the future’: At Parliament march, students who came without fear
-
Lathis, tear gas and injured protesters: The ‘Chalo Sansad’ crackdown in pictures
-
Why PM Modi isn’t asking Dharmendra Pradhan to resign
-
The story of the Parliament march, told hour by hour