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रोज़नामचा: किसानों ने ठुकराया सरकार का प्रस्ताव और पीएम मोदी बोले- विकास की गारंटी है डबल इंजन सरकार
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज एक नहीं बल्कि अलग-अलग ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है. किसी अखबार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के संबोधन तो किसी ने सुप्रीम कोर्ट में चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर चल रही सुनवाई को पहली सुर्खी बनाया है. वहीं, कुछ अखबारों ने किसानों के प्रदर्शन और उन द्वारा सरकार के प्रस्ताव को ठुकराने को भी जगह दी है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अख़बार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के संबोधन को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने 10 लाख करोड़ की 14 हजार निवेश परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते की. उन्होंने कहा कि विकास, व्यापार और विकास का माहौल बढ़ा है. देश के अन्य राज्यों को राजनीति छोड़ यूपी से सीखना चाहिए कि एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए कैसे काम होता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी में डबल इंजन की सरकार तेज विकास और बेहतर रिटर्न की गारंटी है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक बार फिर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं होने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने इस समन को अवैध बताया है. ईडी ने केजरीवाल को इस मामले में पूछताछ के लिए छठी बार समन भेजा है. दिल्ली विधानसभा में पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो भी कानून के तहत है, उसका जवाब दिया जाएगा. वो इस मामले को लेकर खुद कोर्ट गए हैं. मुझे लगता है कि अब कोई नया समन जारी करने से पहले उन्हें कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.
इसके अलावा संदेशखाली मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग वाली जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज, किसान नेताओं ने सरकार का कुछ फसलों पर एमएसपी देने का प्रस्ताव ठुकराया, राहुल गांधी की यात्रा के दौरान अमेठी पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन पर तंज कसा और सुप्रीम कोर्ट ने मेयर चुनाव के बैलेट पेपर मंगवाए आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अख़बार ने सुप्रीम कोर्ट में चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर हुई सुनवाई को पहली सुर्खी बनाया है, ख़बर के मुताबिक, कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव से संबंधित बैलेट पेपरों और मतगणना के दिन का वीडियो फुटेज पेश करने का आदेश दिया है. साथ ही मामले को मंगलवार को सुनवाई पर लगाने का आदेश दिया. इस दौरान कोर्ट ने चुनाव कराने वाले पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह से पूछा कि वह बैलेट पेपरों पर क्रॉस का निशान क्यों लगा रहे थे. ऐसा उन्होंने किस कानून के तहत किया क्योंकि कानून तो पीठासीन अधिकारी को सिर्फ हस्ताक्षर करने का अधिकार देता है.
उत्तर प्रदेश के संभल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री कल्कि धाम का शिलान्यास करने को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “प्रमोद कृष्णम ने कहा कि हर किसी के पास देने के लिए कुछ न कुछ होता है, लेकिन मेरे पास कुछ नहीं है. मैं सिर्फ भावनाएं व्यक्त कर सकता हूं. अच्छा हुआ प्रमोद जी आपने कुछ नहीं दिया. जमाना इतना बदल गया है कि आज के युग में सुदामा श्री कृष्ण को एक पोटली में चावल देते तो वीडियो बन जाता. सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल हो जाती और जजमेंट आता कि भगवान कृष्ण भ्रष्टाचार कर रहे थे.”
इसके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई रास्ता नहीं, राहुल गांधी की न्याय यात्रा में नहीं शामिल होंगे अखिलेश, राजस्थान में 38 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर व चार निलंबित और ईडी के छठे समन पर भी पेश नहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अमर उजाला अख़बार ने किसानों द्वारा अनुबंधन की शर्त पर एमएसपी गारंटी का प्रस्ताव खारिज किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से मसूर, उड़द, अरहर, मक्की और कपास की फसल पर अनुबंध की शर्त पर एमएसपी की गारंटी का प्रस्ताव किसानों ने नामंजूर कर दिया है. संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने शंभू बॉर्डर पर बताया कि सरकार करार नहीं, एमएसपी की पूरी गारंटी दे. इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है. वहीं, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा, सरकार के साथ वार्ता जारी रखेंगे लेकिन 21 फरवरी की सुबह 11 बजे शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली कूच करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में संबोधन को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, सोमवार को इस कार्यक्रम में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 14 हजार परियोजनाओं का डिजिटल भूमि पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि यूपी में अब रेड टेप नहीं बल्कि रेड कार्पेट कल्चर आ चुका है. सात वर्षों में व्यापार, विकास और भरोसे का माहौल बना है. हर हिंदुस्तानी को गर्व होता है, यूपी ने ठान लिया है कि वह 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा. उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि राजनीति छोड़कर उत्तर प्रदेश से सीखें.
इसके अलावा चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा पीठासीन अधिकारी पर चलाया जाए मुकदमा, ईडी के छठे समन पर भी नहीं पहुंचे सीएम अरविंद केजरीवाल, हल्द्वानी हिंसा के दो वांछित सहित दस आरोपी गिरफ्तार और संदेशखाली मामले में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर ने संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सरकार के प्रस्ताव को नामंजूर करने व दिल्ली कूच की तैयारी को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, मक्की, कपास, उड़द और अरहर पर एमएसपी के प्रस्ताव को संयुक्त किसान मोर्चा व पंजाब में दिल्ली कूच का ऐलान करने वाले किसान संगठन के समूह (पंधेर-डल्लेवाल गुट) ने सिरे से खारिज कर दिया है. संयुक्त किसान मोर्चा नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि उनके 37 किसान संगठनों को केंद्र का प्रस्ताव स्वीकार नहीं है. सरकार संसद बुलाकर 23 फसलों पर एमएसपी गारंटी कानून तुरंत पास करे. 21-22 को दिल्ली में दो दिवसीय बैठक बुलाई गई है.
अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी कश्मीरी पंडितों की वापसी मुश्किल बने होने को भी अख़बार ने पहले प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, 419 परिवारों ने बिना सरकारी मदद के घाटी में लौटने के लिए हिम्मत दिखाई और केंद्रीय गृह मंत्रालय में आवेदन दिया लेकिन 5 साल बाद भी उन्हें जवाब नहीं मिला. बड़ी बात यह है कि फरवरी 2021 में गृह मंत्रालय राज्य प्रशासन से कह चुका है कि पंडितों के कश्मीर में पुनर्वास के लिए राज्य बजट का 2.5 प्रतिशत खर्च करे फिर भी प्रशासन ने अब तक कुछ नहीं किया और इस नीतिगत योजना को लागू भी नहीं किया.
इसके अलावा यूएई में नई भर्ती नीति से भारतीयों के जॉब्स में व्यापक कटौती की आशंका, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आरोप- बंगाल में बंद किए आधार कार्ड और आबकारी मामले में छठे समन पर भी पेश नहीं हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अख़बार ने संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा केंद्र सरकार के प्रस्ताव को ठुकराने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, संगठन नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सोमवार को दो टूक कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी चाहिए. इससे कम कोई पेशकश मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रस्ताव में स्पष्टता नहीं है और नीयत में खोट है. बुधवार को किसान शांतिपूर्वक दिल्ली कूच करेंगे.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा चंडीगढ़ महापौर मामले में सुनवाई किए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, कोर्ट ने खरीद फरोख्त का जिक्र करते हुए कहा कि मंगलवार को वह चंडीगढ़ महापौर चुनाव के मतपत्रों और मतगणना के दिन की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग का अवलोकन करेगा. शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से दिल्ली लाने के लिए एक न्यायिक अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया.
इसके अलावा हरियाणा सरकार ने किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के ऐलान के चलते सात जिलों में इंटरनेट पर लगी रोक बढ़ाई और ईडी के छठे समन पर भी पेश नहीं हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
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