Khabar Baazi
रोज़नामचा: किसानों की सरकार से नहीं बनी बात और कतर से रिहा हुए आठ भारतीय
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज एक नहीं बल्कि अलग-अलग ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है. किसी ने किसानों और सरकार के बीच वार्ता विफल रहने तो किसी ने कतर द्वारा आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को रिहा किए जाने की ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अख़बार ने किसानों और केंद्र सरकार के बीच चंडीगढ़ में हुई बैठक को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, सोमवार को आधी रात तक चली यह बैठक बेनतीजा रही. बैठक के बाद किसानों ने कहा कि उनका दिल्ली कूच जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने हमें किसी मांग पर ठोस आश्वासन नहीं दिया. जिन मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया गया है. उनमें से कई पर सरकार ने पिछली दफा सहमति जता दी थी मगर फैसला नहीं लिया. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने हमें कुछ प्रस्ताव दिए हैं, जिन पर हम विचार करेंगे. हालांकि, हमारा दिल्ली कूच जारी रहेगा. बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अर्जुन मुंडा मौजूद थे.
कतर में मृत्युदंड पाए पूर्व नौसेनिकों के भारत लौटने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, सोमवार तड़के आठ में से सात पूर्व सैनिक दिल्ली लौट आए. वहीं, एक पूर्व सैनिक दोहा में रुके हुए हैं, वो कुछ दिन बाद लौटेंगे. भारत के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए कतर सरकार के फैसले की सराहना की. इन पूर्व सैनिकों को कतर ने जासूसी के आरोप में अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया था. बाद में इन्हें अदालत ने 26 अक्टूबर, 2023 को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी.
इसके अलावा बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार ने हासिल किया विश्वास मत, श्रीलंका, मॉरिशस में भी यूपीआई से हो पाएगा भुगतान, यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे में पांच जिंदा जले, मनीष सिसोदिया को तीन दिन की अंतरिम जमानत और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कांग्रेस छोड़ी आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अख़बार ने कतर में बंद आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों के भारत लौटने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, इन पूर्व सैनिकों को छुड़ाने में जुटी भारत सरकार को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है. कतर सरकार के निर्देश पर इन सभी को रिहा कर दिया गया. इनमें से सात की सोमवार तड़के स्वदेश वापसी भी हो गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मामले में सभी घटनाक्रमों की लगातार निगरानी की और भारतीयों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए किसी भी पहल से कभी पीछे नहीं हटे. कतर की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिपिंग कंपनी में कार्यरत इन भारतीयों को जासूसी के आरोप में अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया था. पहले इन्हें फांसी की सजा दी गई थी, जिसे दिसंबर, 2023 में कम करके 25 वर्ष कैद की सजा में बदल दिया गया था. इन्हें अब रिहा कर दिया गया है.
किसानों के आज दिल्ली कूच को अभी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लेकर कानून बनाने समेत कई मांगों को लेकर दिल्ली में धरना प्रदर्शन का ऐलान कर चुके किसान आज दिल्ली कूच करेंगे. केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और किसानों संगठनों के बीच चंडीगढ़ में सोमवार देर रात तक चली बैठक बेनतीजा रही. किसान नेताओं का कहना है कि सरकार कुछ देने को तैयार नहीं है.
इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में जीता विश्वास मत, भाजपा के साथ राजग में शामिल होने जा रही राष्ट्रीय लोकदल और राजस्थान से राज्यसभा जा सकती हैं सोनिया गांधी आदि ख़बरों को अभी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अमर उजाला अख़बार ने एमएसपी गारंटी पर आज किसानों के दिल्ली कूच करने को पहले पन्ने पर पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच सोमवार देर रात तक चली मैराथन बैठक में एमएसपी की गारंटी पर बात अटक गई. हालांकि, 2020-21 में हुए आंदोलन के दौरान उन पर दर्ज केस वापस लेने, मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने और बिजली अधिनियम 2020 को रद्द करने पर तो सहमति बन गई, पर किसान एमएसपी का मुद्दा छोड़ने को तैयार नहीं हैं. इस पर कोई ठोस नतीजा न निकलने से उन्होंने मंगलवार को प्रस्तावित दिल्ली कूच की घोषणा कर दी.
राज्यों में उप मुख्यमंत्री बनाने की परंपरा को असंवैधानिक मानते हुए इसे रद्द करने की जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के पद को संविधान के तहत परिभाषित नहीं किया जा सकता, लेकिन सत्तारूढ़ दल या पार्टियों के गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं को उप मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त करना संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन नहीं है.
इसके अलावा जयंत सिंह ने की राजग में शामिल होने की घोषणा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले- अवैध मदरसे की जगह बनाया जाएगा थाना, गंगाराम अस्पताल और पांच डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही के आरोप में 7.20 लाख रुपये का जुर्माना और सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ तमिलनाडु की याचिका को खारिज किए जाने को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर अख़बार ने केंद्रीय मंत्रियों से वार्ता बेनतीजा होने व किसानों के आज दिल्ली कूच करने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच चंडीगढ़ में सोमवार शाम शुरू हुई बातचीत देर रात बेनतीजा खत्म हो गई. जानकारी के अनुसार एमएसपी की गारंटी के कानून और कर्जमाफी को लेकर सहमति नहीं बन सकी. सरकार की ओर से बातचीत में केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल, कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय शामिल रहे. दूसरी ओर किसानों के कूच से निपटने के लिए सरकार ने तैयारी की है. दिल्ली में धारा-144 लगा दी गई है. रैली या जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
लंदन में भारतीयों से लूटपाट के केस तीन गुना बढ़ने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, अमेरिका में भारतीयों पर हमलों के मामलों के बीच लंदन में रहने वाले भारतीयों से लूटपाट के केस बढ़ रहे हैं. लंदन की सड़कों पर संपन्न भारतीय बाइकर गैंग के निशाने पर रहते हैं. वहां के पॉश सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट, ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट और मेफेयर डिस्ट्रिक्ट में भारतीयों से कीमती घड़ियां, वॉलेट, चेन और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाएं बढ़ रहीं हैं. पिछले साल भारतीयों से लूटपाट की 270 घटनाएं हुईं, जबकि 2022 में ये संख्या 90 थी.
इसके अलावा बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीता विश्वास मत, सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की कैपेक्स रिपोर्ट में दावा जनवरी में 8.2 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू हुआ और शहरों में बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर में घट कर 6.5 फीसदी पहुंचने आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अख़बार ने आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को कतर द्वारा रिहा किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, इनमें से सात स्वदेश लौट आए हैं. इन्हें कथित जासूसी के एक मामले में पिछले साल अक्टूबर में मौत की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, इनकी रिहाई के 46 दिन पहले मृत्युदंड की सजा को अलग-अलग अवधि के कारावास में तब्दील कर दिया गया था.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नवगठित राजग सरकार के विधानसभा में विश्वास मत हासिल किए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, राजग सरकार ने सोमवार को विपक्षी महागठबंधन के सदस्यों के बहिर्गमन के बीच यह विश्वास मत हासिल किया है. बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में कुल 129 वोट पड़े जबकि विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया. लगभग 17 महीने के अंतराल के बाद पार्टी की सत्ता में वापसी से उत्साहित भाजपा विधायकों ने जय श्री राम के नारे लगाए. साथ ही सत्ता और विपक्षी सदस्यों ने एक-दूसरे पर तंज भी कसे.
इसके अलावा संदेशखाली मुद्दे पर हंगामे के बाद बंगाल विधानसभा से छह भाजपा विधायक निलंबित, किसानों के कूच के चलते दिल्ली में सजग पुलिस व सीमाओं पर चौकसी, विधि आयोग की सरकार से सिफारिश प्रावधानों में खामी को दूर करने के लिए महामारी नियम में बदलाव जरूरी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण ने कांग्रेस छोड़ी आदि खबरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
Also Read
-
IE investigation: Ex-CEC calls dissent ‘unprecedented’, but some media outlets fall for ‘sources’ again
-
From vanguard to bystanders: What happened to teachers’ collective voice?
-
‘Found out after video went viral’: Father of Jamui assault survivor says ‘arrest is not enough’
-
BAPS: The Hindu organisation at the heart of Modi’s cultural diplomacy
-
The men building AI want us to fear it. We should – but not for the reasons they give