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रोज़नामचा: निलंबन के खिलाफ विपक्ष का देशभर में प्रदर्शन और फिर बिगड़ी दिल्ली की हवा
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज एक नहीं बल्कि अलग-अलग ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है. कुछ अखबारों ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर श्रेणी में पहुंचने तो वहीं कुछ ने विपक्षी दलों द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन को पहली सुर्खी बनाया है. वहीं, कुछ अखबारों ने पुंछ हमले में आतंकियों द्वारा स्टील बुलेट का इस्तेमाल किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अख़बार ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर श्रेणी में पहुंचने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, महज दो दिनों के भीतर शुक्रवार को दिल्ली में प्रदूषण खराब श्रेणी में पहुंच गया. वायु गुणवत्ता सूचकांक 409 दर्ज किया गया. इसके मद्देनजर केंद्रीय गुणवत्ता आयोग ने ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियों को एक बाद फिर दिल्ली-एनसीआर में लागू कर दिया है. इसके तहत दिल्ली-एनसीआर में सरकारी कार्यों को छोड़कर निर्माण और ध्वस्तीकरण के सभी काम बंद रहेंगे. इससे पहले दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 358 था. वहीं, प्रदूषण के मामले में देशभर में बिहार का बेगूसराय पहले नंबर पर रहा. जबकि राजधानी दिल्ली दूसरे स्थान पर रही.
निलंबन के खिलाफ जंतर-मंतर पर ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के जुटने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, शुक्रवार को ‘इंडिया’ गठबंधन ने एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन संसद से 146 सांसदों के निलंबन के खिलाफ था. प्रदर्शन में राकांपा, राजद, जेडीयू, द्रमुक और जेएमएम सहित कई पार्टियों के नेता शामिल हुए. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि भाजपा के खिलाफ सभी विपक्षी दल एकजुट हैं. वहीं, विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में बोलने की आजादी खत्म हो रही है और युवा बेरोजगार होते जा रहे हैं.
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा कार्यकर्ताओं को समाज के हर वर्ग तक सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं को पहुंचाने को कहा, पीएम आवास के सामने पद्म पुरस्कार रख लौटे पहलवान बजरंग पूनिया, केजरीवाल को ईडी का नया समन और आतंकियों की तलाश में युद्धस्तर पर अभियान में सुरक्षा बलों ने 30 संदिग्ध पकड़े आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अख़बार ने सांसदों के निलंबन पर सियासी घमासान मचने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, ‘इंडिया’ गठबंधन ने संसद के शीत सत्र के दौरान विपक्ष के 146 सांसदों के निलंबन के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र एवं संविधान कुचलने का आरोप लगाया और जनता से लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की. दिल्ली में जंतर-मंतर पर संयुक्त विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इंडिया के सभी दल इसलिए इकठ्ठा हुए हैं क्योंकि भाजपा शासन में लोकतंत्र खतरे में है. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने लोकतंत्र एवं संविधान को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी ली है.
एनआईए द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले की जांच शुरू किए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, गुरुवार को सैन्य वाहनों पर हुए हमले के बाद शुक्रवार को सेना, पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों का हमलावर आतंकियों की तलाश में व्यापक अभियान जारी रहा. इस बीच एनआईए की टीम मौके पर पहुंची और उसने सबूत जुटाने के साथ जांच शुरू कर दी. हालांकि अभी एनआईए को औपचारिक रूप से हमले की जांच का जिम्मा नहीं सौंपा गया है.
इसके अलावा ईडी ने केजरीवाल को तीसरी बार भेजा समन, श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट कांड में दो और आतंकी दोषी करार, राजस्थान में पीजी तक छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा देने की योजना और पीड़ित की सुनवाई के बगैर सरकार वापस नहीं ले सकेगी केस आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर अख़बार ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सैन्य वाहनों पर आतंकी हमले में स्टील बुलेट का इस्तेमाल किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, पुंछ जिले के सुरनकोट में गुरुवार को सेना के काफिले पर हमले की घटना में अहम खुलासे हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, वारदात को चार आतंकियों ने अंजाम दिया था. एक मोड़ पर घात लगाए बैठे आतंकियों ने काफिले पर अमेरिकी एस-4 असॉल्ट राइफल से स्टील बुलेट फायर की. इस बीच शुक्रवार को सेना ने इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन छेड़ा.
सबसे बड़े इलेक्टोरल ट्रस्ट द्वारा भाजपा को 71 प्रतिशत चंदा दिए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, चुनावी बॉन्ड ने इलेक्टोरल बॉन्ड को भले ही किनारे कर दिया है, पर वे अभी भी राजनीतिक दलों को अच्छा फंड दे रहे हैं. 2013 में यूपीए सरकार द्वारा शरू किए गए इलेक्टोरल ट्रस्टों ने 10 वर्षों में 2,557.74 करोड़ रूपए चंदा दिया. 2023 में सबसे बड़े प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 71 प्रतिशत से अधिक दान सत्तारूढ़ भाजपा को दिया. कांग्रेस को इस वर्ष कोई दान नहीं दिया गया. 2022 में भाजपा को 72.4 प्रतिशत और कांग्रेस को 3.6 प्रतिशत दिए गए थे.
इसके अलावा मनीष सिसोदिया व संजय सिंह की जमानत याचिका खारिज, लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए तेजस्वी, 35 फीसदी सालाना बढ़ा वॉशिंग प्रोडक्ट और उत्तराखंड में यूसीसी जनवरी से लागू करने की तैयारी आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अमर उजाला अख़बार ने एनआईए द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सैन्य वाहनों पर आतंकी हमले की जांच शुरू किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, सावनी इलाके में दो सैन्य इलाके में हुए हमले में आतंकियों ने स्टील बुलेट का इस्तेमाल किया था. हमले में पांच जवानों के बलिदान के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने शुक्रवार को जांच शुरू कर दी है. इसके अलावा सेना व पुलिस ने व्यापक पैमाने पर तलाशी के दौरान डेरा गली, सावनी गली व आसपास के इलाकों से 20 संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोटक धमाके में दो और आतंकियों को दोषी ठहराए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, 18 साल पहले श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट मामले में कोर्ट ने दो और आतंकियों को दोषी ठहराया है. अपर सत्र न्यायाधीश राजेश रे की कोर्ट ने शुक्रवार को बांग्लादेशी आतंकी हिलालुद्दीन व पश्चिम बंगाल के नफिकुल विश्वास को दोषी करार दिया. दो जनवरी को सजा का ऐलान होगा. इस मामले में ट्रेन में बम रखने वाले आतंकी रोनी और षड्यंत्र रचने वाले ओबैदुर्रहमान को 2016 में ही मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई थी और 10-10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.
इसके अलावा शराब घोटाले में संजय सिंह की जमानत याचिका खारिज, संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों को नहीं मिलेगी एफआईआर की कॉपी और पहलवान बजरंग पूनिया ने विरोध में फुटपाथ पर रख दिया पद्मश्री सम्मान आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अख़बार ने विपक्षी गठबंधन इंडिया द्वारा 2024 में भाजपा को हारने का आह्वान किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, ‘इंडिया’ के घटक दलों के कई प्रमुख नेताओं ने शुक्रवार को 2024 लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की हार का आह्वान किया है और सत्ता रूढ़ दल पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया. शीतकालीन सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों से 146 सांसदों के निलंबन के खिलाफ जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में विपक्षी भारतीय गुट के नेताओं ने यह आरोप लगाया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी द्वारा फिर से समन भेजे जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, ईडी ने शराब घोटाल से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में केजरीवाल को 3 जनवरी को पेश होने के लिए नया समन जारी किया है. उनको भेजा गया यह तीसरा नोटिस है. इससे पहले उन्हें दो नवंबर और 21 दिसंबर को नोटिस जारी किया गया था. लेकिन उन्होंने एजेंसी के सामने पेश होने से इंकार कर दिया था.
इसके अलावा संसद सुरक्षा मामले में भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा का बयान दर्ज, गणतंत्र दिवस समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों होने मुख्य अतिथि और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हिंसा न थमने आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
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