Khabar Baazi
रोज़नामचा: संसद की कड़ी सुरक्षा में सेंध और मोहन यादव ने संभाली मप्र की कमान
हिंदी के ज्यादातर प्रमुख अखबारों ने आज संसद की कड़ी सुरक्षा में सेंध लगाए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. वहीं, कुछ अखबारों ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्रियों द्वारा कमान संभालने की ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अख़बार ने संसद हमले की बरसी पर बड़ी चूक होने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, संसद पर आतंकी हमले के 22 साल बाद बुधवार को एक बार फिर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई. लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दो युवक दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए और सदन में पीला धुआं फैला दिया. इससे सांसदों के बीच अफरा तफरी मच गई. इसी दौरान संसद के बाहर भी एक महिला समेत दो लोगों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया. इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में गुरुग्राम से भी एक युवक को हिरासत में लिया गया है. वहीं, छठा आरोपी ललित फरार है. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में एक युवक ने कबूला की वे बेरोजगारी जैसे मुद्दों नाराज थे, इसलिए घटना को अंजाम दिया.
दिल्ली में अवैध निर्माण तोड़ने पर पाबंदी बढ़ने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, केंद्र सरकार दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में तोड़फोड़ पर लगी रोक की सीमा को और तीन साल बढ़ाने जा रही है. अब 31 दिसंबर 2026 तक अनधिकृत कॉलोनियों में तोड़फोड़ नहीं की जाएगी. केंद्र सरकार ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में अनधिकृत विकास पर दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ सुरक्षा को 31 दिसंबर की समय सीमा से तीन साल के लिए बढ़ाने के प्रावधान वाला विधेयक लोकसभा में पेश किया है.
इसके अलावा जीवाश्म ईंधन 2050 तक खत्म करने पर सहमति, चालक को दौरा पड़ने से बस ने कई वाहनों को रौंदा, ,सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को सात दिन में रैपिड रेल के पैसे देने का दिया निर्देश और जनता के मुद्दों को उठाएगी कांग्रेस आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अख़बार ने आतंकी हमले की बरसी पर संसद की सुरक्षा में सेंध को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, 13 दिसंबर 2001 को संसद पर आतंकी हमले की बरसी वाले दिन ही लोकसभा और संसद परिसर के बाहर बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया. दोपहर करीब एक बजे लोकसभा में दर्शक दीर्घा से दो युवक सागर शर्मा और मनोरंजन डी. सदन के भीतर कूदे और उन्होंने कलर स्मोक क्रैकर के जरिए पीले रंग की गैस स्प्रे कर पूरे देश की स्तब्ध कर दिया. इसके कुछ ही समय बाद संसद भवन के बाहर परिवहन भवन के सामने एक युवक अनमोल शिंदे और नीलम नामक महिला ने नारेबाजी के साथ वैसा है रंगीन स्प्रे किया. लिहाजा लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञ भी शामिल होंगे.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तेज आवाज वाले लाउडस्पीकरों पर रोक लगाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, बुधवार को नए मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लेते ही मोहन एक्शन में आ गए और सात घंटे के अंदर ही सात बड़े और कड़े निर्णय कर डाले. उन्होंने आदेश दिया कि अब तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर से न तो किसी धार्मिक स्थल से अजान की जा सकेगी, न ही भजन. उन्होंने अपने दूसरे कड़े आदेश में प्रदेशभर में कहीं भी खुले में मांस-मछली की बिक्री पर भी रोक लगा दी है.
इसके अलावा गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव का भारत ने किया समर्थन, जीवाश्म ईंधन का उपयोग घटाने पर सहमत हुए देश और दुबई में पकड़ा गया महादेव एप का संचालक रवि उप्पल आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अमर उजाला अख़बार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने फैसले में समझौते पर स्टांप न होने या अपर्याप्त होने के बावजूद मध्यस्थता वैध की बात कहने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, समझौते पर स्टांप नहीं होने या अपर्याप्त होने पर भी दो पक्षों में मध्यस्थता की शर्त लागू होगी. मुख्य नयायधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में सात जजों की संविधान पीठ ने बुधवार को फैसले में कहा कि स्टांप न लगाना या अपर्याप्त स्टाम्प की ऐसी कमी है, जो सुधारी जा सकती है. महज इसकी वजह से अनुबंध रद्द नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 25 अप्रैल के अपने फैसले को पलटते हुए कहा कि कॉर्पोरेट जगत से लेकर अन्य पक्षों में होने वाले समझौते पर इसका व्यापक असर हो सकता है, जिनमें मध्यस्थता की शर्त रखी जाती है.
चालक की अचानक तबीयत बिगड़ने से बस के बेकाबू होने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, बुलंदशहर डिपो की तेज रफ्तार बस ने अनियंत्रित होकर तीन बाइक सवारों को रौंदते हुए दो करों में टक्कर मारी, जिसमें बाइक सवार बदन सिंह और सुनील की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करन व कमलेश की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई. हादसे की वजह चालक का अचानक बेहोश होना बताया गया है. आरोपी चालक को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बस में सवार यात्री सुरक्षित हैं.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने पर रोक लगाने के साथ ही उसकी न्यायिक निगरानी करने का आदेश दिया और संसद हमले की 22वीं बरसी पर सुरक्षा में चूके सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूले आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अख़बार ने संसद की कड़ी सुरक्षा में सेंधमारी को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई, जब संसद भवन में लोकसभा की कार्रवाई के दौरान दर्शक दीर्घा से दो युवक सदन के भीतर कूद गए और कैन के जरिए पीले रंग का धुआं फैला दिया. घटना के तत्काल बाद दोनों को सांसदों की मदद से पकड़ लिया गया. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी.
मध्य प्रदेश में मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लेने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, भाजपा विधायक दल के नेता व उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. मोहन यादव को राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने पद की शपथ दिलाई. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे.
इसके अलावा छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय ने संभाली कमान, गाजा में युद्ध विराम प्रस्ताव के समर्थन में भारत ने किया मतदान और शीर्ष अदालत ने मोइत्रा की निष्कासन सबंधी याचिका सूचीबद्ध करने पर विचार करने की बात कही आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर अख़बार ने संसद हमले की 22वीं बरसी पर सुरक्षा में चूक को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, करीब 1200 करोड़ रुपये में बने देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ने संसद भवन में स्मोक कैन फेंकने की घटना सुरक्षा में बड़ी चूक है. अधिकारी के अनुसार स्मोक कैन अंदर कैसे पहुंची यह हैरानी की बात है. हालांकि, एक वजह यह भी संभव है कि 2004 के बाद से संसद के सुरक्षा गैजेट नहीं खरीदे गए, जो कि 19 साल पुराने हैं. एक अन्य संसदीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि उनके स्टाफ में 10 साल से कोई नई भर्ती नहीं हुई है. नई संसद में घसपैठ के बाद केंद्र सरकार सतर्क हो गई है और अब सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स में कई बदलाव किए जा रहे हैं.
कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर छापेमारी जारी होने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, धीरज साहू के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी आठवें दिन भी जारी है. बुधवार को आयकर की टीम ने रांची स्टेडियम रोड स्थित आवास और लोहरदगा के पैतृक आवास पर दिनभर छानबीन की. टीम ने जमीन के नीचे से लेकर दीवार और फाल्स सीलिंग को भी खंगाला. आयकर टीम को सूचना मिली थी कि आवास में जमीन के नीचे जेवरात हो सकते हैं. हालांकि, अभी तक आयकर की ओर से यह जानकारी नहीं दी गई है कि रांची स्थित आवास से क्या मिला है. साहू ग्रुप ऑफ कंपनीज के सभी मूल दस्तावेजों की भी जांच चल रही है.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “प्रदूषण रोकने के लिए न्यायिक निगरानी जरूरी”, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बिना स्टांप लगे समझौते भी मान्य होने की बात कही और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को को ईडी ने नया समन जारी किया आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
Also Read
-
Bullets, Thars and toppers: Inside Bihar’s crazy coaching wars
-
Delhi Gymkhana takeover: How the govt came to ‘clean up’ but left a bigger mess
-
TV Newsance 345: The Modi anniversary special nobody asked for
-
Remember the toddler whose death shocked Kerala? This call changes the story
-
The sadhu wants pulao. The snob rejects veg biryani. Culinary history disagrees with both